special intensive review : हरियाणा में SIR फर्जी वोटों पर चलेगी कैंची

2002 के बाद मतदाता बनने वालों को देने होंगे सबूत, मतदाता सूचियों का होगा विशेष गहन पुनरीक्षण

special intensive review : देश कई राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण SIR के साथ ही हरियाणा में भी इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत मतदाता सूचियों को अपडेट किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत फर्जी वोटों का पता लगा कर इनको मतदाता सूचियों से काटा जाएगा। ऐसे में जिन मतदाताओं के नाम 2002 के बाद मतदाता सूचियों में शामिल हुए हैं, उनको सबूत देने होंगे। जो लोग अपने भारतीय होने का सबूत नहीं दे सकेंगे, उनके वोट मतदाता सूचियों से हटा दिए जाएंगे।

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे इस कार्य में मदद करें। इससे त्रुटि रहित मतदात सूची तैयार हो सकेगी। चुनाव आयोग द्वारा इस पर काम किया जा रहा है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य शुरू किया है।

चुनाव आयोग ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए 27 अक्टूबर 2025 को देश के 9 राज्यों के साथ 3 संघ राज्य-क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का आदेश दिया था। इसके बाद बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण पहली बार चुनाव करवाया गया है। हालांकि इसको लेकर बड़े राजनीतिक आरोप लगते रहे हैं।

अब दूसरे चरण में चुनाव आयोग द्वारा छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल राज्यों के साथ अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप के साथ पुडुचेरी संघ राज्य-क्षेत्रों में यह प्रक्रिया करवाई जा रही हैं। यहां कुल 321 जिलों के 1843 विधानसभा निर्वाचन-क्षेत्र आते हैं। इन सभी में करीब 51 करोड़ मतदाताओं की जांच की जानी है।

अब हरियाणा में भी ऐसे मतदाताओं को पहनी पहचान के साक्ष्य देने होंगे, जिनके वोट 2002 के बाद बने हैं। वर्तमान मतदाता सूची के साथ 2002 की मतदाता सूची से मिलान कर नई मतदाता सूची बनाई जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम दोनों मतदाता सूचियों में मिलेंगे, उनको कोई साक्ष्य नहीं देना है। जिन लोगों के नाम पहले वाली मतदाता सूची में नहीं हैं, उनको अपनी पहचान के साक्ष्य देने होंगे। इसके आधार पर फर्जी मतदाताओं की पहचान कर सूचियों से हटाया जाएगा। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने इसकी तैयारियों के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ भी चर्चा कर ली है।

हरियाणा में SIR फर्जी वोटों पर चलेगी कैंची
हरियाणा में SIR फर्जी वोटों पर चलेगी कैंची

SIR : कर्मचारियों व अधिकारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

इस कार्य के लिए बहुत बड़ी सरकारी मशीनरी को लगाया जाएगा। इसके लिए भी चुनाव आयोग तैयारी कर रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को ही जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की है। इसमें तय हुआ है कि जहां भी बीएलओ के खाली पद हैं, वहां बीएलओ की नियुक्ति जल्द से जल्द की जाए। साथ ही बीएलओ को पहचान पत्र दिए जाएं ताकि काम के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए।

प्रदेश भर में विशेष अभियान चलेगा, सभी बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का मिलान वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ करेंगे। यदि मतदाता का नाम दोनों सूचियों में पाया जाता है तो ऐसे मतदाताओं को कोई भी दस्तावेज या पहचान देने की आवश्यकता नहीं होगी है। इसके लिए बीएलओ द्वारा नई मतदाता सूची के लिए गणना का फार्म दिया जाएगा। यह फार्म प्रत्येक मतदाता पास जाकर भरवाया जाएगा।

इस दौरान मतदाता को फार्म की दो प्रतियां दी जाएंगी। एक प्रति मतदाता और दूसरी बीएलओ नई मतदाता सूची बनाने के लिए साथ रखेगा। मतदान केंद्र पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1200 ही सुनिश्चित की जाएगी। इसके हर बीएलओ अपने बूथ पर योजना बनाएगा। एक मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता होने पर नया मतदान केंद्र बनाया जाएगा।

special intensive review : राजनीतिक दलों को भी जोड़ा जाएगा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवासन के अनुसार जिला में स्थित सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ इसको लेकर समय-समय पर बैठक की जाएंगी। यह राजनीतिक दल भी अपने बूथ लेवल एजेंटों की सूची देंगे। इनके साथ ही पूरी प्रक्रिया की जाएगी। इससे मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं रहेगी।

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