UP Tree Plantation : यूपी में बनेगा अनोखा विश्व रिकार्ड, एक दिन में लगेंगे 35 करोड़ पौधे

योगी सरकार की विशेष योजना नवीन विशिष्ट वनों के लिए हो रही तैयारी, इस मानसून के मौसम के लिए तैयार की योजना

UP Tree Plantation : हम सभी जानते हैं कि पेड़ पौधों के बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है, लेकिन इसके बावजूद अंधा धुंध पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसका असर पिछले कुछ सालों में पर्यावरण पर प्रदूषण और मौसम परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को हरा भरा बनाने के लिए खास योजना तैयार की है। इसके तहत आने वाले मानसून के मौसम में उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने की योजना है।

यह अपने आप में रिकार्ड होगा। एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगने के बाद भी यह अभियान जारी रहेगा। यानी अभियान 1 दिन के लिए नहीं होगा। इसको नियमित रूप से चलाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों द्वारा विशेष कैलेंडर भी तैयार किए गए हैं। क्योंकि सरकार इस अभियान से हरियाली बढ़ाने के लिए तो गंभीर प्रयास कर रही रही है, साथ ही इसको बड़े बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है।

चलता रहेगा अभियान

यह अभियान सिर्फ एक बार नहीं चलता रहेगा। क्योंकि कैलेंडर बनाया गया है कि विशेष मौकों पर भी वाटिका विकसित होंगी। इसके तहत योजना है कि 15 अगस्त पर वंदे मातरम् वाटिका बननेगी। वहीं वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर प्रत्येक जिले में कम से कम एक वाटिका विकसित की जानी है। एक वाटिका में कम से कम 150 पौधे लगेंगे। वहीं 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन मिल कर पौधे लगाएंगे। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर एक पेड़ गुरु के नाम अभियान चलेगा।

जलवायु संतुलन के साथ बदलेगी अर्थव्यवस्था

सरकार के इस अभियान के तहत पेड़-पौधे लगाए जाने से पर्यावरण में सुधार हो हरक जलवायु संतुलन तो होगा ही साथ ही अर्थव्यवस्था भी बदल जाएगी। इसके अलावा सरकार की योजना है कि इस अभियान से प्रदेश में सामाजिक समरसता को भी बल मिलेगा। क्योंकि इस योजना के तहत समूहों के स्तर पर व्यापक अभियान के तहत पौधे लगाए जाएंगे।

विकसित होंगे नए वन

उत्तर प्रदेश में पौधे इस प्रकार लगाए जाएंगे कि इससे नए वन भी विकसित होंगे। इसके लिए थीम भी तय किया गया है। इसको नाम है नवीन विशिष्ट वनों की स्थापना। यानी नए वन जहां पर्यावरण को संरक्षित करेंगे, वहीं लोगों को साथ जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में योजना के तहत विभिन्न प्रकार के वन विकसित करने की योजना है।

ऐसे होंगे नवीन वन

यह नए वन बहुत ही विशिष्ट होने जा रहे हैँ। हालांकि उत्तर प्रदेश में पहले भी बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलता रहा है। यह अभियान अलग-अलग वन पैदा करेंगे। इसमें औषधि वन के रूप में महर्षि चरक वन तैयार किया जाएगा। इसके अलावा समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन और ऊर्जा वन के साथ कपि वन भी तैयार किया जाएगा।

कपि वन देगा बागवानी किसानों को राहत

इस योजना के तहत कपि वन भी तैयार किया जाना है। यह वन विशेष रूप से बंदरों के लिए होगा। इस वन को आबादी के बाहर बनाया जाएगा, जहां पर बदंरों के लिए फलदार पौधे लगेंगे। इससे जहां शहरों में बदंरों के आने से छुटकारा मिल जाएगा, वहीं बागवानी किसानों के बागों में भी बंदर नुकसान नहीं करेंगे।

क्योंकि उनको अपना स्थाई ठिकाना मिल जाएगा। ईंधन की जरूरत पूरी करने के लक्ष्य से ऊर्जा वन में विशेष प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। क्योंकि इनसे लकड़ी मिल सकेगी। इसी प्रकार औषधियों के लिए महर्षि चरक वन बनेगा। इसको प्रदेश के सभी जिलों में बनाने की योजना है।

सड़क किनारे भी लगेंगे पेड़

विशेष वनों के साथ-साथ लोगों को छाया उपलब्ध करवाने के लिए भी सड़कों के किनारों पर पेड़ लगाए जाएंगे। इसको विशेषतौर पर मिशन छाया के तहत लिया गया है। क्योंकि जब सड़क के किनारों पर पड़े होते हैं तो तापमान काफी कम रहता है। इससे यात्रियों को विशेष सुविधा मिलती है। इसके अलावा इसी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के मथुरा में 36 पौराणिक वनों के पुनर्जीवन किया जा रहा है। इसके लिए 487 हेक्टेयर क्षेत्र में इको-रेस्टोरेशन चल रहा है।

हरियाणा के लिए भी बड़ा संदेश

दरअसल हरियाणा प्रदेश में वायु गुणवत्ता का स्तर काफी खराब रहता है। हरियाणा के कई शहर साल भर विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहते हैं। ऐसे में यह अभियान हरियाणा के लिए बड़ा संदेश है। क्योंकि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर यदि वन विकसित किए जाते हैं तो इसका असर प्रदूषण के स्तर पर जुरूर पडेगा।

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