DA Hike : केंद्रीय कर्मचारियों को होगा दोहरा लाभ, 2% डीए बढ़ने के साथ एचआरए में भी वृद्धि की उम्मीद

डीए घोषणा की देरी के बीच बढ़ रही उम्मीद

DA Hike : महंगाई भत्ता को लेकर सरकार द्वारा की जाने वाली घोषणा में देरी के बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों और वेतनभोगियों में संस्पेंस और उम्मीद बनी हुई है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही थी 8 अप्रैल को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में डीए पर फैसला ले लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। (DA Hike) इससे देश भर के करीब 1.15 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में और अधिक जिज्ञासा बढ़ गई है।

वहीं वित्तमंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस बार कर्मचारियों व वेतनभोगियों को दोहरा लाभ होने जा रहा है। क्योंकि (DA) यानी महंगाई भत्ते के साथ-साथ एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) को भी संशोधित किया जा सकता है। यह खबर डीए का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन भाेगियों के लिए काफी राहत देने वाली है।(DA Hike) क्योंकि लंबे समय से डीए को लेकर सरकार द्वारा लिए जाने वाले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि जनवरी में ही इसकी उम्मीद लगाई जा रही थी, लेकिन अप्रैल महीने में भी अभी तक सरकार ने डीए को लेकर फैसला नहीं लिया है।

क्या 2 प्रतिशत बढ़ेगा डीए

इस बार अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई भत्ते यानी डीए में 2 प्रतिशत की वृद्धि होगी। क्योंकि फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार द्वारा 58 प्रतिशत की दर से डीए दिया जा रहा है। ऐसे में 2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह सीधा 60 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसको लेकर अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक भी करीब 6 महीने के आंकड़ों से इसके संकेत दे रहे हैं।(DA Hike)

HRA को लेकर क्या होगा फैसला

वहीं जानकारों का मनना है कि इस बार डीए के साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA &DA Hike) में वृद्धि भी महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। क्योंकिन नियम ऐसा है कि डीए 25 प्रतिशत पार करने पर एचआरए में संशोधन होता है। इसके बाद एचआरए का संशोधन डीए के 50 प्रतिशत पार करने पर होता है। इसको लेकर कर्मचारियों के बीच भी काफी गंभीर चर्चा है।

क्योंकि 7वें वेतन आयोग की बात की जाए तो इसकी सिफारिशों के तहत, एचआरए की दर डीए के स्तर पर ही जोड़ी गई। वहीं फिलहाल कर्मचारियों को 58 प्रतिशत डीए मिल रहा है। यानी यह 50 प्रतिशत से पार है। ऐसे में इस बार डीए के साथ नए स्लैब के साथ एचआरए की सौगात भी मिल सकती है। इससे कर्मचारियों को मिलने वाला वेतने अधिक बढ़ जाएगा। यानी सीधी आमदनी में इजाफा होने जा रहा है।

क्यों अटका हुआ है डीए

आर्थिक विशेषज्ञ डा. ओपी गुप्ता के अनुसार सामान्यतौर पर मार्च महीने में ही डीए की घोषणा हो जाती है, लेकिन इस बार 9 अप्रैल तक भी इस पर फैसला नहीं हो पाया है। इसके मुख्य रूप से 3 कारण हो सकते हैं। इनमें सबसे पहले है बजट आबंटन। क्योंकि इस कार्य में बहुत अधिक समय लगता है। कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों के लिए भी डीआर (DR) के एरियर का हिसाब-किताब लगाया जाता है।

यह लंबी और पेचिदा प्रक्रिया है। इसमें समय लगना स्वाभाविक है। वहीं दूसरा कारण 8वां वेतन आयोग भी है। क्योंकि इसकी समय सीमा भी तय करनी है। साथ ही एरियर का भी भुगतान किया जाना है। क्योंकि महंगाई भत्ता लागू तो 1 जनवरी से ही होगा। इससे पड़ने वाले प्रभाव के लिए काफी रणनीति बनाने की जरूर होती है।

उतार चढ़ाव वाला रहा है डीए का इतिहास

हालांकि यह देरी कोई असामान्य नहीं है। क्योंकि डीए का इतिहास हमेशा ही उतार-चढ़ाव वाला रहा है। (DA Hike) डा. गुप्ता बताते हैं कि चौथे वेतन आयोग (4th Pay Commission) के दौरान जब रिपोर्ट पेश की गई तो कर्मचारियों ने इस पर असंतोष जताया। भारी असंतोष के चलते तब सरकार ने आधी रात को बैठक बुलाई, जिसमें वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसमें कुछ भत्तों को बढ़ाने का फैसला हुआ। वहीं कोराना काल में भी डीए करीब 18 महीनों तक रूका रहा।

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