Winter Holidays Home work : सर्दी की छुट्टियों में पढ़ाई के साथ संस्कारवान बनेंगे बच्चे, परिवार के बड़ों से सीखेंगे व्यवहारिक ज्ञान
कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए होम वर्क की योजना तैयार
Winter Holidays Home work : हरियाणा में 1 जनवरी से स्कूलों की छुट्टियां हो रही हैं। 1 से 15 जनवरी तक बच्चे छुट्टियों के दौरान अपने बड़ों से व्यवहारिक ज्ञान सीखेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा होम वर्क की योजना तैयार की गई है। इसके तहत बच्चों को घर में ही रहते हुए पढ़ाई के साथ-साथ व्यवारिक ज्ञान सीखाने की भी योजना बनाई गई है। इसके तहत बच्चों को जो होम वर्क दिया गया है, उसमें माता-पिता, दादा-दादी और नान-नानी से कहानियों के माध्यम से व्यवहारिक ज्ञान सीखाने की योजना है।
दरअसल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और निपुण हरियाणा मिशन के तहत यह योजना तैयार की गई है। इसमें कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए विशेष योजना बनाई गई है। इसके तहत बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ दादा-दादी और नाना-नानी और माता-पिता से व्यावहारिक ज्ञान दिलाने को प्राथमिकता दी जा रही है। इसको लेकर ही यह नई याजना तैयार की गई गई है। इसमें बच्चे किताबी होम वर्क के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी सीख सकेंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे बच्चों को अपने बुजुर्गों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और पारिवारिक संवाद के साथ संस्कारों की भी शिक्षा मिलेगी। इस प्रकार छुट्टियों के होम वर्क में बच्चों को पढ़ाई के साथ संस्कारवान बनाने के लिए भी जोर दिया जा रहा है। साथ ही बच्चे जो ज्ञान किताबों से रट का लेते हैं, वही ज्ञान उनको परिवार के बुजुर्ग बातों-बातों में या कहानियों में देंगे।
Winter Holidays Home work : घर पर पढ़ेंगे अनुशासन का पाठ
नए पैटर्न के इस होम वर्क में बच्चों के चहुंमुखी विकास पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए बच्चों को घर पर सामान्य रूप से होने वाले कार्यों में उनको साथ जोड़ने की बात कही गई है। इसके तहत पर्यावरण संरक्षण से लेकर कचरा प्रबंधन तक का महत्व बच्चों को समझाया जाएगा। साथ ही छुट्टियों के दौरान अभिभावकों से यह भी अपेक्षा की गई है कि रविवार को बच्चों के पसंद खाना बनाया जाए।
यह खाना बनाने में बच्चों को साथ में भी जोड़ें और उन्हें मदद करने के लिए लगाएं। जो प्रश्न बच्चे पूछते हैं, उनका जवाब समझाते हुए दें। इसमें जरूरत के अनुसार बच्चे के शिक्षक की मदद भी ली जा सकती है। सबसे अहम बात है कि बच्चों को अनुशासन तथा जीने के बेहतर तरीकों के बारे में बताया जाए। इसके अलावा उनको सही व गलत के बीच अंतर समझाकर तैयार करें। बच्चों में स्वयं पढ़ने और सीखने की आदत का विकास करें। बच्चों को अच्छे इंसान बनाने के लिए शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने पर भी जोर दिया जाए।

Winter Holidays Home work : जीवन कौशल को निखारने की प्रक्रिया
यह पूरा अभ्यास बच्चों की क्षमता को अधिक बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है। बच्चों को सिर्फ पाठ्यक्रम दोहराने की बजाय व्यक्तिगत विकास, सोचने एवं समझने की क्षमता और जीवन कौशल को निखारने के लिए यह प्रक्रिया रहेगी। इसके लिए अलग-अलग विषय के हिसाब से होम वर्क निर्धारित किया गया है। हिंदी विषय में के तहत कहानी सुनाने, बातचीत, लेखन अभ्यास और शब्द ज्ञान जैसी गतिविधियां ली गई हैं।
जबकि गणित में दैनिक जीवन काम आने वाले व होने वाले कार्यों के उदाहरणों के माध्यम सिखाया जा सकता है। इसके माध्यम से बच्चे आसानी से जोड़ व घटा के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इस प्रकार के काफी कार्य दिन भर में घरों में होते हैं। जैस कि सब्जी लेने के लिए पैसे देने और बकाया लेने में बच्चों को मदद करने के लिए कहा जा सकता है। इस प्रकार की क्रियाओं से बच्चों का मन पढ़ाई में अधिक लगेगा। यह सभी प्रकार की गतिविधियां में रह कर की जाती हैं। इससे बच्चा सुरक्षित रह कर भी सीखने की पक्रिया में शामिल रहेगा।
Winter Holidays Home work : कक्षा में होगा बच्चों के सीखने का आंकलन
इस गृह कार्य को छुट्टियों में घर पर किया जाना है। ऐसे में जब बच्चे घर से स्कूल लौटेंगे तो उनके सीखने का आंकलन भी होगा। इस दौरान बच्चों ने परिवार के किस सदस्य से क्या सीखा है, इसका पता लगाया जाएगा। इसके लिए भी छुट्टियों के होम वर्क में विशेष व्यवस्था की गई है। ताकि बच्चों के साथ उसके माता-पिता का शेड्यूल भी सही रहे। इसमें बच्चे को पढ़ाई करवाने से लेकर सोने तक का शेड्यूल शामिल किया गया है।
Winter Holidays Home work : परंपराओं का भी मिलेगा ज्ञान
बच्चों के लिए तैयार किए गए होम वर्क की योजना में परंपराओं को सीखाने की भी योजना है। इसमें घर के बड़े बच्चों को अपनी पीढ़ी, परंपरा, खान-पान के बारे में जानकारी देंगे। हालांकि इस योजना में बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखने के लिए विशेष उपाय किया गया है। वे व्यवहारिक रूप से सीखने में ही अधिक समय लगेगा। इसके अलावा प्रतिदिन सभी विषयों में उनका प्रदर्शन भी देखा जाएगा।
विशेषकर जिन विषयों में बच्चे कमजोर हैं उन पर विशेष फोकस किया जाना होगा। वहीं आसपास हो रहे सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में बच्चों को शामिल करवाने के लिए भी योजना बनाई गई है। यह बच्चों के लिए सीखने का अच्छा मौका होता है। साथ रात को सोने से पहले बच्चों को पंचतंत्र व तेनालीराम की शिक्षाप्रद कहानी और साहित्यिक भी सुनाया जा सकता है।










