Namo Bharat Corridor : हरियाणा में नमो भारत रेल का बड़ा विस्तार, रोहतक तक होगी पहुंच

दूसरे चरण में एनसीआर क्षेत्र में तेजी से बढ़ेगा संपर्क, उत्तर प्रदेश के भी कई शहर होंगे शामिल

Namo Bharat Corridor :  हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन का विस्तार अब एनसीआर में बढ़ाया जाएगा। हरियाणा के रोहतक व बहादुरगढ़ जैसे शहरों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बागपत व बड़ौत के अलावा खुर्जा-हापुड़ जैसे शहर भी रैपिड रेल नमो भारत की जद में होंगे। यह विस्तार नमो भारत रेल के दूसरे फेज में किया जाना है। यह फैसला दिल्ली एनसीआर में हाईस्पीड रेल से कनेक्टिविटी के मामले में क्रांतिकारी होने जा रहा है।

दरअसल नमो भारत रेल को रिजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के रूप में जाना जाता है। यह तकनीक नए भारत को नई गति देने वाली होगी। क्योंकि इस योजना से ट्रेन को मेट्रो से तेज चलाने के साथ-साथ भारतीय रेलवे की गाड़ियों की तुलना में आधुनिक रूप देना है।

इस ट्रेन को खास प्रकार से डिजाइन किया गया है, जिससे यह 180 किलोगमीटर प्रति घंटा से चल सकती है। मेट्रो से तुलना की जाए तो इसकी गति करीब 3 गुना अधिक रहने वाली है। ऐसे में शहरों के बीच की दूरी कम होगी। विशेषकर एनसीआर में इसका महत्व बहुत अधिक होने वाला है।

इन रूटों पर हो रही है तैयारी

नए रूट के अलावा नमो भारत रेल परियोजना के तहत दिल्ली से जुड़ने वाले नजदीकी बड़े शहरों को सुविधा मिलने जा रही है। फिलहाल दिल्ली से मेरठ, पानीपत, करनाल के अलावा नोएडा तक यह ट्रेन चलाई जानी है। इसके तहत दिल्ली से मेरठ, दिल्ली से पानीपत-करनाल के अलावा दिल्ली से अलवर रूट पर रैपिड रेल चलाने की तैयारी चल रही है। वहीं अब दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश के बड़ौत, खुर्जा, बागपत और हापुड़ के अलावा हरियाणा में रोहतक, बहादुरगढ़ को जोड़ा जाना है।

बुलेट ट्रेन जैसा लुक

इस ट्रेन को तकनीक के साथ-साथ इसका लुक भी आधुनिक बना रहा है। क्योंकि इसका डिजाइन एयरोडायनेमिक किया गया है। इदससे जब यह ट्रेन तेज गति से चलेगी तो हवा के दबाव कम रहेगा। क्योंकि इसको आगे से बुलेट ट्रेन की तरह लुक दिया गया है। साथ ही कोच की बनावट भी बेहतर होगी। क्योंकि कोच में एर्गोनोमिक सीटें मिलेंगी ओर कुशन के साथ यह बहुत आरामदायक सीट उपलब्ध करवाएगा। साथ ही यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं भी होंगी।

क्योंक अहम है दिल्ली रोहतक कॉरिडोर

दरअसल दिल्ली एनसीआर से हरियाणा के बहादुरगढ़ और दिल्ली के लिए यह परियोजना काफी महत्वूर्ण होने वाली है। क्योंकि बहादुरगढ़ दिल्ली से सटा अहम औद्योगिक क्षेत्र है। यहां प्रतिदिन काम के लिए हजारों लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा रोहतक शिक्षा का बड़ा हब बन कर उभरा है।

इस रेल लाइन की लंबाई करीब 70 किलोमीटर होने की संभावना है। हालांकि बहादुरगढ़ तक मेट्रो भी चलती है। यह परियोजना दूसरे चरण में पूरी होनी है। ऐसे में इसके लिए अभी तक डीपीआर तैयार नहीं हो सकी है। हालांकि केंद्र और हरियाणा सरकार के बीच डीपीआर को लेकर खर्च से संबंधित बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि यह परियोजना सराय काले खां से शुरू होगी।

इसके बाद मुंडका, बहादुरगढ़ और सांपला के रास्ते रोहतक तक का रूट बनेगा। हालांकि इंद्रलोक – कीर्ति नगर से भी बहादुरगढ़ को भारतीय रेल से जोड़ने की योजना हो सकती है। फिलहाल दिल्ली-रोहतक हाईवे पर वाहनों का दबाव बहुत अधिक है। इससे इस रूट को राहत मिलेगी।

यूपी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कॉरिडोर

वहीं दूसरे चरण के लिए तैयार किए जा रहे नए कॉरिडोर में उत्तर प्रदेश को भी महत्वपूर्ण जुड़ाव मिलने जा रहा है। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले और बड़ौत से जोड़ेगी। इसके लिए दिल्ली के सराय काले खां या फिर आनंद विहार से कॉरिडोर को शुरू किया जा सकता है।

नोएडा एयरपोर्ट से होगा बेहतर लिंक

दरअसल उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले इस रूट से नाेएडा एयरपोर्ट से भी बेहतर लिंक हो सकेगा। क्योंकि गाजियाबाद के रास्ते नोएडा एयरपोर्ट के रास्ते खुर्जा तक यह रेल मार्ग जाएगा। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी संकेत दिए हैं। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा नमो भारत के लिए करीब 2200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।

किसानों को मिलेगा लाभ

इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ मिलने जा रहा है। क्योंकि बागपत और बड़ौत में बड़े स्तर पर कृषि होती है। ऐसे में किसानों को दिल्ली की मंडी पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश से पढ़ाई के लिए आने वाले युवाओं को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल काफी संख्या निजी वाहन आते हैं। इससे दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से राहत मिलेगी। ऐसे में नमो भारत इस क्षेत्र के लिए जीवन दायनी बन सकती है।

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