National Boxing Championship : ग्रेटर नोएडा में भिड़ेंगे देश भर के मुक्केबाज

31 दिसंबर से शुरू होगी महिला व पुरुष वर्ग की चैंपियनशिप

National Boxing Championship : अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ अब खेल के खेत्र में भी भारत अपनी खास पहचान बना रहा है। इसके तहत 31 दिसंबर से ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप शुरू हो रही है। देश में पहली बार यह शीर्ष पुरुष और महिला मुक्केबाजों की राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप का आयोजन एक साथ किया जा रहा है।

दोनों वर्गों के लिए राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप का आयोजन बाक्सिंग फेडरेशन आफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है। फैडरेशन ने कहा है कि देश भर की इकाइयां पुरुषों और महिलाओं के लिए दस-दस भार वर्ग में मुकाबला किया जाएगा। यह विश्व मुक्केबाजी तकनीक और प्रतियोगिता के नियमों का पूरी तरह से पालन करते हुए होगा। हर इकाई को हर वर्ग में एक मुक्केबाज उतारने की छूट रहेगी। हालांकि कोई रिजर्व खिलाड़ी नहीं रखा जा सकता है।

National Boxing Championship :  फैडरेशन ने कहा है कि सभी मैच अंतरराष्ट्रीय फार्मेट के हिसाब करवाए जाएंगे। इसमें तीन-तीन मिनट के तीन राउंड आयोजित होंगे।एक मिनट का विश्राम काल और 10 अंक की जरूरी स्कोरिंग व्यवस्था रखी जाएगी। बाक्सिंग फेडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने के अनुसार मजबूत सिस्टम लंबे समय की सफलता की रीढ़ होते हैं। नेशनल चैंपियनशिप ऐसा मंच है, जहां यह सिस्टम वास्तविक रूप में होता है। यहां होने वाले मुकाबले से खिलाड़ियों को मौका मिलता है।

ग्रेटर नोएडा में भिड़ेंगे देश भर के मुक्केबाज
ग्रेटर नोएडा में भिड़ेंगे देश भर के मुक्केबाज

इससे प्रतिभा निखर कर सामने आती हैं। यहां से मुक्केबाजों को राष्ट्रीय कैंप तक पहुंचने का रास्ता भी मिलता है। इस चैंपियनशिप में सर्विसेज डिफेंडिंग की ओर से पुरुष राष्ट्रीय चैंपियन के तौर एंट्री की जा रही है। वहीं रेलवे महिला टीम चैंपियनशिप का अपना टाइटल बचाने के लिए प्रयास करेगा। इसके लिए आधिकारिक ड्रा 30 दिसंबर को होगा। इसके आधार पर ही देश के हाई-परफार्मेंस साइकिल का शुभारंभ होगा।

National Boxing Championship  बढ़ रहा मुक्केबाजी का क्रेज

देश में मुक्केबाजी खेल को काफी प्रसिद्धी मिल रही है। विशेषकर युवा इससे जुड़ रहे हैं। हरियाणा के भिवानी को तो मुक्केबाजी के कारण मिनी क्यूबा का दर्जा भी मिल चुका है। ऐसे में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजों के पंच को पहचान मिल रही है। यही कारण है कि देश में इसके लिए बेहतर वातावरण तैयार हो रहा है। अब होने वाली राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भविष्य के खिलाड़ियों की पहचान होगी और यही खिलाड़ी आने वाले समय में देश को पदक दिलवाएंगे। इसमें पुरुष खिलाड़ियों के साथ-साथ महिला खिलाड़ियों की भागेदारी भी लगातार बढ़ रही है। भारत की मैरिकोम इसका जीता जागता उदाहरण है। वहीं मुक्केबाजी में कई खिलाड़ी अपना दम दिखा चुके हैं।

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