Education news : बाल वाटिका-3 के बच्चों को सरकार का तोहफा, खाते में आएंगे 1000 रुपये

हरियाणा डायरी, भिवानी।
Education news : हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके तहत अब बाल वाटिका-3 में पढ़ रहे बच्चों के माता-पिता यानि अभिभावकों को स्कूल ड्रेस, कॉपियां और दूसरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए सीधे आर्थिक सहायता दी जाएगी।

सरकार पहली बार प्री-प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना लागू करने जा रही है। इसके तहत प्रत्येक पात्र विद्यार्थी के अभिभावक के बैंक खाते में 1000 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को समय पर आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हो सके और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

Education news : ड्रेस और कॉपियों के लिए अलग-अलग राशि

शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक 1000 रुपये की सहायता राशि में 800 रुपए स्कूल ड्रेस और जूतों के होंगे। 200 रुपए की कॉपी, स्टेशनरी व दूसरी किताबें आएंगी। इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हर साल यह मदद मिलेगी, जिससे बच्चों की स्कूल ड्रेस व कापी-किताबों की टेंशन अभिभावकों को नहीं रहेगी।

Education news DBT Scheme Bal Vatika 3 students benefit Rs 1000
Education news DBT Scheme Bal Vatika 3 students benefit Rs 1000

Education news : आधार और बैंक खाते की जानकारी जरूरी

डीबीटी योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे यानि विद्यार्थी का बैंक खाता आधार कार्ड के साथ लिंक होना जरूरी है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के आधार व बैंक खातों की वेरिफिकेशन का काम जल्द पूरा कर लें। जिन बच्चों का डेटा अभी तक अपडेट नहीं हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

Education news : अपनी पसंद से खरीदारी का मिलेगा ऑप्शन

दरअसल सरकार का मानना है कि सीधे खाते में राशि भेजने से अभिभावक अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार बच्चों के लिए ड्रेस, जूते और शैक्षणिक सामग्री खरीद सकेंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगा। जहां से मर्जी वहां से किताबें खरीदने के बाद अभिभावकों के मन में किसी तरह की शंका नहीं रहेगी।

राज्य सरकार की यह पहल प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। छोटे बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर बेहतर संसाधन उपलब्ध होने से उनकी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी और विद्यालयों में नामांकन तथा उपस्थिति दर में भी सुधार होगा।

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