whatsapp account hijack: आपके वाट्सएप पर घोस्ट पेयरिंग का खतरा !
हैकर लगा सकते हैं मोबाइल में सेंध, बचाव के लिए करें यह उपाय
whatsapp account hijack: इंटरनेट के जमाने में अपने उपकरणों को साइबर अटैक से सुरक्षित रखा बहुत चुनौतिपूर्ण कार्य है। समय-समय पर कई ऐसे अटैक होते हैं, जो न सिर्फ मोबाइल फोन या, कंप्यूटर- लैपटाप को नुकसान पहुंचाते हैं, इससे डेटा सुरक्षा संबंधित बड़ा डर लगा रहात है। ऐसे में अपने उपकरणों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
वाट्सएप पर घोस्ट पेयरिंग का खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने भी चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने वाट्सएप यूजर्स के लिए जारी चेतावनी को लेकर कहा गया है कि हैकर्स द्वारा वाट्सएप के डिवाइस लिंकिंग फीचर का गलत प्रयोग कर यूजर के अकाउंट को हैक किया जा रहा है।
इसको ही घोस्ट पेयरिंग के नाम से जाना जा रहा है। इसमें हैकर्स को पासवर्ड या SIM स्वैप की जरूरत नहीं होती। इसके बिना ही पूरा अकाउंट अपने कंट्रोल ले लेते हैं। इससे वे रीयल टाइम में आपके वाटसएप पर क्या चल रहा है, इसकी पूरी जानकारी रखते हैं। बिना आपकी अनुमति के उन लोगों को मैसेज भी भेजा जा सकता है, आपकी कांटेक्ट लिस्ट में हैं।
whatsapp account hijack : ऐसे काम करता है घोस्ट पेयरिंग कैंपेन
इसको लेकर भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In का कहना है कि यह एक गंभीर साइबर अटैक है। हैकर्स वाट्सएप के लिंक डिवाइस वाया फोन नंबर फीचर के माध्यम से फोन पर नियंत्रण ले लेते हैं। हालांकि सामान्यतौर पर इसका पता भी नहीं चलता। जब बिना अपाकी जानकारी के आपके किसी जानकार को आपका मैसेज मिलता है, तब जाकर इसका पता चलता है। इसके लिए हैकर बहुत ही शातिर तरीका अपनाते हैं।
सबसे पहले ज्ञात नंबर से मैसेज मिलता है, इसमें Hi, check this photo जैसा टैक्स लिखा रहता है। साथ ही एक लिंक होता भी उपलब्ध रहता है, फेसबुक स्टाइल प्रीव्यू का रहता है। जैसे ही लिंक पर क्लिक किया जाता है, इससे फेक फेसबुक व्यूअर पेज खुल जाता है। इसका कंटेंट देखने के लिए आपको वेरिफिकेशन के लिए मोबाइल नंबर डालने को कहा जाता है। जैसे ही यूजर अपना नंबर डालता है, ते हैकर्स का डिवाइस इस अकाउंट से जुड़ जाता है। वे पेयरिंग कोड का इस्तेमाल करके हिडन डिवाइस की तरह आसानी से एक्सेस ले लेते हैं। यह प्रक्रिया होने के बाद हैकर्स वाट्सएप वेब की तरह सब कुछ देख और प्रयोग करने के लिए स्वतंत्रत होते हैं।

whatsapp account hijack : बचाव के लिए क्या करें
बेशक यह खतरा बहुत बड़ा है और इसकेा लेकर CERT-In ने एडवाइजरी भी जारी की है। CERT-In का कहना है कि मैलिशियस एक्टर्स यानी हैकर्स वाट्सएप के डिवाइस लिंकिंग फीचर का इस्तेमाल करके पेयरिंग कोड्स से अकाउंट हैक करता है। इसके लिए उसे किसी भी प्रकार की आथेंटिकेशन की जरूरत नहीं होती। हालांकि इसको लेकर वाटसएप की ओर से कोई एडवाइजरी या पक्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। इससे बचाव के लिए एप पर यदि कोई ज्ञात नंबर से संदिग्ध लिंक्स या मैसेज आता है तो भूल कर भी क्लिक नहीं करें। इसके अलावा वाट्सएप या फेसबुक क्लेम करने वाली एक्सटर्नल साइट्स पर फोन अपना मोबाइल नंबर नहीं डालें। साथ ही एप में लिंक डिवाइस सेक्शन चेक करते रहें। यदि ऐसा मिलता है तो हर अनजान डिवाइस को लागआउट कर दें।
whatsapp account hijack : सबसे जरूरी सुरक्षा कारक
हालांकि सामान्यतौर पर वाट्सएप का यूज करते करते हुए सुरक्षित रहा जात सकात है, लेकिन इस सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए टू स्टेप वेरिफिकेशन आन कर दें। यह व्यवस्था आपके अकाउंट पर होने से सुरक्षा बढ़ जाएगी। यदि किसी भी प्रकार से आपका अकाउंट हैक होता है इसकी शिकायत साइबर सेल को जरूर कर दें। इसके लिए सबसे जरूरी है अलर्ट रहना। अनावश्यक सामग्री में रूचि नहीं लें और अनजान नंबरों के संदेश से बचें।










