Agniveer Army : अग्निवीरों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
सेवानिवृति के बाद सरकारी नौकरी में मिलेगी उम्र की छूट
Agniveer Army : सेना में अग्निवीर योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को हरियाणा सरकार ने विशेष तोहफा दिया है। इसके तहत अग्निवीर की नौकरी करने के बाद जो युवा आएंगे, उनको हरियाणा सरकार की नौकरी मिलने में आसानी होगी। सरकार ने फैसला लिया है कि अग्निवीर युवाओं को हरियाणा सरकार की नौकरियों में 5 साल तक उम्र में छूट दी जाएगी। इससे हजारों युवाओं को सीधा लाभ होगा। हालांकि इसके तहत बी और सी वर्ग की नौकरियों में ही लाभ देने का फैसला लिया गया है।
Agniveer Army : बता दें कि हरियाणा प्रदेश में अब तक अग्निवीर योजना के तहत कुल 7228 युवा भर्ती हुए हैं। यह योजना वर्ष 2022 में लागू की गई थी। इसके बाद 2022-23 के पहले बैच में 2227 युवाओं ने अग्निवीर को चुना। इसके बाद अगले साल 2023-24 में 2893 युवा अग्निवीर बने। 2024-25 में 2108 अग्निवीरों ने नौकरी पाई है। अग्निवीर योजना में शामिल होने वाले युवाओं के लिए कई तरह का असमंजस रहता है। (Agniveer Army) ऐसे में हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों को नौकरी सुरक्षा देते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे अग्निवीर योजना के तहत सेना में चार साल की सेवा पूरी करने वाले युवाओं को वापस आने पर भी नौकारी बेहतर अवसर मिल सकेगा। यह योजना वर्ष 2022 में शुरू हुई थी और अब अगले साल सेवा पूर कर युवा लौटने लगेंगे। ऐसे में युवाओं के पहले बैच की सेवा पूरी होने से पहले ही सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
Agniveer Army : सरकार की ओर से जारी किया गया पत्र
इस फैसले को लेकर हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने पत्र जारी किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि जो अग्निवरी हरियाणा के निवासी हैं और सेवा पूरी करने के बाद प्रदेश में नौकरी के लिए आवेदन हैं, उनको आयु सीमा में छूट दी जाए। (Agniveer Army) इससे सेना में नौकरी करते हुए जो समय बीता है, उसका लाभ युवाओं को मिल सकेगा। साथ ही इस फैसले से युवाओं में अग्निवीर बनने को लेकर भी अधिक उत्साह आएगा। चार साल अग्निवीर रहने के बाद भी वे प्रदेश सरकार में वर्ग बी और सी की नौकरी के लिए योग्य रहेंगे। जून 2022 को केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत अधिकारी पद से नीचे के सैनिकों की भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। योजना का नाम अग्निपथ है और इस योजना के तहत जो युवा सेना में जाते हैं, उनको अग्निवीर कहा जाता है। इस योजना के तहत सेना में शामिल होने वाले युवाओं का कार्यकाल 4 साल होता है।

Agniveer Army : अग्निवरी को नहीं मिलती पेंशन
यह योजना शुरू करते समय सरकार के फैसले की काफी आलोचना भी हुई। विपक्ष द्वारा कहा गया कि इससे सेना में शामिल होने वाले युवाओं का मनोबल घटेगा। सेना और अग्निवीर में प्रमुख अंतर यही है कि अग्निवीर का कार्यकाल सिर्फ 4 साल होता है। हालांकि इसमें कुछ युवाओं को सेना में नियमित भी रखा जाएगा। साथ ही अग्निवीर को पेंशन नहीं दी जाती। वहीं सेना के नियमित सैनिक को लंबी नौकरी का मौका मिलता है। इसमें उम्र के हिसाब से सेवानिवृति होती है। इसके बाद पेंशन दी जाती है। (Agniveer Army) अग्निवीरों को प्रति माह 30 हजार रुपये वेतन के साथ अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं। हालांकि सेना के अनुसार ही जोखिम क्षेत्र में नौकारी करने पर इसका अतिरिक्त लाभ वेतन के रूप में मिलता है। हालांकि सेवा पूरी होने पर भी एकमुशत राशि का भुगतान सेना द्वारा किया जाता है। यह सभी मिला कर अग्निवीर को सेवा पूरी होने पर 1.65 करोड़ रुपेय मिलते हैं। इसमें शामिल मदों में 48 लाख रुपये बीमा कवर के रूप में मिलते हैं, जबकि 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है। सेवा निधि के रूप में जमा धनराशि के साथ ब्याज के अलावा 8 लाख रुपये आर्म्ड फोर्सेज बैटल कैजुअल्टी फंड से दिए जाने का प्रावधान है।(Agniveer Army) हरियाणा के साथ कई अन्य राज्यों की सरकारों ने भी अग्निवीरों के लिए योजनाएं शुरू की हुई हैं। वहीं अग्निवीर के शहीद होने पर भी हरियाणा सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की राशि परिवार को दी जाती है। वहीं राजस्थान में सरकार द्वारा 25 लाख रुपये नकद के साथ परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और 25 बीघा जमीन देने की व्यवस्था की हुई है। अब इस कड़ी में सुविधा बढ़ाते हुए पात्र अग्निवीरों को ग्रुप बी और सी की नौकरियों में 5 साल उम्र का लाभ देने का फैसला किया गया है।










