Hypothermia Symptoms : ठंड में हाइपोथर्मिया से सावधानी जरूरी
जान पर भारी पड़ सकती है लापरवाही
Hypothermia Symptoms : सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है और अब कड़ाके की ठंड पड़ी शुरू हो रही है। ऐसे में सर्दी से बचाव बेहद जरूरी है। अधिक ठंड की स्थिति में कई बार ऐसा होता है कि शरीर में ठिठुरन होती है और इसके साथ ही हाथ-पैर सुन्न पड़ने शुरू हो जाते हैं। चिकित्सीय भाषा में इसको हाइपोथर्मिया नाम से जाना जाता है। ऐसी स्थिति में यदि लापरवाही बरती जाए तो यह जानलेवा हो सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल भारत देश में ठंड और हाइपोथर्मिया के कारण करीब 20000 जानें चली जाती हैं। ऐसे में हाइपोथर्मिया के लक्षण जानना बहुत जरूरी है। इसके बाद ही सही प्रकार से उपचार संभव है। चिकित्सकों के अनुसार हाइपोथर्मिया ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान इसके सामान्य तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। इसके कारण शरीर सही प्रकार से क्रिया नहीं कर पाता और शरीर के कुछ अंग धीरे-धीरे काम करने छोड़ देते हैं।
सर्दी के कारण शरीर की गर्मी तेजी से नष्ट होती है। यही खतरनाक स्थिति होती है। यूं तो हाइपोथर्मिया का खतरा किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 30 से 49 वर्ष के पुरुषों में इसका असर अधिक रहता है। वहीं महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले यह खतरा 10 गुना कम रहता है। हाईपोथर्मिया की स्थिति में कांपने लगता है।
इसको प्रारंभिक संकेत माना जाता है। इसका कारण यह है कि जब शरीर से गर्मी नष्ट होती है तो प्राकृतिक रूप से शरीर गर्मी बनाए रखने के लिए काम करता है। वहीं अधिक ठंड होने पर शरीर के प्रयास बहुत असरदार नहीं होते हैं और अधिक सर्दी बढ़ने पर शरीर का कांपना बंद हो जाता है। इसके कारण शरीर से व्यक्ति का नियंत्रण कम होने लगता है। कई बार अधिक ठंड होने के कापरण बेहोशी भी हो सकती है। इसके अलावा दिल की धड़कन कम हो जाती है।
Hypothermia Symptoms : सर्दी से बचाव जरूरी
सर्दी के मौसम में जब पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं हो या परिस्थितियां बहुत विकट हों तो खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बुजुर्ग, नवजात बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं। इससे बचने के लिए पर्याप्त गर्म पकड़े और ठंड से बचने के संसाधन जरूरी हैं। इससे बचने के लिए सर्दी के मौसम में जब भी बाहर निकलें तो मौसम के अनुसार कपड़े जरूर पहन लें। विशेषकर हाथों, सिर को ढकने का प्रबंध करें। यदि किसी कारण से कपड़े भीग जाते हैं तो इसको तुरंत बदल कर सूखे पकड़े पहन लें। बच्चों को देर तक बाहर नहीं खलने दें।

Hypothermia Symptoms : ऐसे होती है गंभीर समस्या
सर्दी के मौसम में कंपकंपी बनना आम बात है, लेकिन इसको तुरंत संभाल लेना चाहिए। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो जानलेवा भी हो सकती है। इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। जब दिमाग हाइपोथैलेमस को नियंत्रित करने का प्रयास करता है तो कंपन शुरू हाेता है। इससे मांसपेशियां हरकत में आती हैं और इससे गर्मी बनती है। लंबे समय तक ऐसा होने से शरीर का मेटाबालिज्म कम हो जाता है। इससे दिल, फेफड़े, लिवर की गतिविधियां भी धीमी होने लगती हैं।
Hypothermia Symptoms : आसान तरीकों से बचाव
वरिष्ठ चिकित्सक डा. राजेश कुमार के अनुसार ऐसी स्थिति में तापमान नियंत्रित करना बहुत अधिक जरूरी हो जाता है। इसके लिए सबसे पहले गर्म पकड़े मरीज को दिए जाएं। प्रयास रहे कि अधिक भारी की बजाय हल्के और कई परत वाले कपड़े दिए जाएं। इसके बाद कुछ गर्म तरल दिया जा सकता है। ध्यान रहे कि एक दम ऐसी स्थिति में अधिक गर्म पदार्थ नहीं दें। इसका शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। जैसे ही मरीज सामान्य होने लगे चिकित्सक को जरूर दिखाएं। ऐसी स्थिति में कभी भी लापरवाही नहीं बरतें। हमेशा ही सर्दी से बचने के लिए पहले से ही उपाय रखें।










