Atal Progress Way : 11 घंटे के रास्ते को आधा कर देगा यह हाईव
अटल प्रोग्रेस -वे को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने की अधिकारियों के साथ बैठक
Atal Progress Way : देश में आए दिन नए हाईवे बन रहे हैं। इससे जहां देश के बड़े शहरों की दूरी घट रही है, वहीं आने वाले समय में यह हाईवे देश के विकास को नई गति देंगे। इसमें अब अटल प्रोग्रेस-वे का नाम भी जुड़ने वाला है। यह परियोजना मध्य प्रदेश की बहुत ही महत्वाकांक्षी है। अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना को लेकर माध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। मुख्यमंत्री का कहना है कि अटल प्रोग्रेस-वे से चंबल क्षेत्र के विकास को गति देगा।
यह हाईवे तीन राज्यों को जोड़ने वाला प्रोजेक्ट है। हालांकि फिलहाल इसकी एलाइनमेंट को लेकर मामला अटका हुआ है। करीब ढाई साल से का रूका हुआ है। अटल प्रोग्रेस-वे मध्य प्रदेश के 3 जिलों से हाे हुए मुंबई – बड़ोदरा हाईवे स्थित राजस्थान में कोटा जिले के सीमाल्या गांव से शुरू होगा। इसको उत्तरप्रदेश के इटावा जिले तक बनाया जाना है। यह हाईवे मध्य प्रदेश के भिंड, यूपी के इटावा और राजस्थान के कोटा के बीच सफर करने वालों के सुगम और आसान रास्ता होगा। इस यात्रा में अभी 11 घंटे से अधिक का समय लगता है, लेकिन इस हाईवे के बनने से यह रास्ता सिर्फ 6 घंटे का रह जाएगा।
Atal Progress Way : मध्य प्रदेश में है सबसे अधिक हिस्सा
इस परियोजना के तहत कुल 404 किलोमीटर लंबा अटल प्रोग्रेस-वे बनना है। भारतमाला परियोजना में शामिल यह हाईव मध्य प्रदेश में 313.81 किलोमीटर लंबा होगा। वहीं राजस्थान में 72 और उत्तर प्रदेश में 22.96 किलोमीटर रोड बनने का प्रस्ताव है। इस परियोजना के लिए प्रारंभिक रूप से खर्च का अनुमान करीब 6 हजार करोड़ रखी गई थी, लेकिन अब यह 23 हजार 645 करोड़ रुपये तक जा पहुंची है। खेतों से होकर प्रोगेस – वे निर्माण पर वन विभाग की 454.51 हेक्टेयर जमीन का भी अधिग्रहण किया जाएगा।
Atal Progress Way : दिल्ली की घटेगी दूरी
अटल प्रोग्रेस-वे के लिए मध्य प्रदेश के भिंड जिले की 29 ग्राम पंचायतों, दो जनपदों के 41 गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस परियोजना में सड़क श्योपुर के 57 गांवों से होकर निकलेगी। इस जिले की सीमा में सड़क 95 किलोमीटर की सड़क निर्माण प्रस्तावित है। अटल प्रोग्रेस वे के लिए श्योपुर जिला में ही 598.321 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना था। वहीं इसमें से 90.878 हेक्टेयर सरकारी है जबकि, 507.443 हेक्टेयर निजी किसानों की है। यह परियोजना पूरी होने से श्योपुर जिले को दूरी दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे तक घट जाएगी और यह सफर भी काफी आसान हो जाएगा।

Atal Progress Way : 2023 से ठप है काम
अटल एक्सप्रेस वे हालांकि बहुत ही महत्वकांक्षी परियोजना है, लेकिन इसका काम करीब 2 साल से ठप है। यह मार्ग यूपी के इटावा से एमपी के भिण्ड, मुरैना होते हुए राजस्थान के कोटा तक जाएगा। यहां 4 लेन सड़क का निर्माण किया जाना है। इसका असर कोटा तक के सफर पर सीधा पड़ेगा। फिलहाल इस दूरी को तय करने में 11 घंटे का समय लगता है।
वहीं इस परियोजना के बाद यह सफर सिर्फ 6 घंटे का रह जाएगा। इस परियोजना पर मार्च 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने घोषणा की थी कि रास्ता खेतों की बजाय आसपास कके बीहड़ों निकाला जाएगा। इसके लिए बीहड़ों से ही एलाइनमेंट की घोषणा भी की गई। लेकिन तब से यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई है।
Atal Progress Way : अब मुख्यमंत्री ने कही यह बात
इस परियोजना को दोबारा शुरू करने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए किए अधिकारी किसानों की सहमति से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करें। साथ ही उन्होंने इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने को भी कहा। इस हाईवे से चंबल क्षेत्र की कनेक्टिविटी कोटा के साथ-साथ मुंबई, कानपुर, लखनऊ, आगरा और दिल्ली जैसे शहरों से बढ़ जाएगी। साथ ही इससे चंबल क्षेत्र में औद्योगिक विकास भी तेज होगा।










