Brain Aneurysm : दिमाग की नसों में दिक्कत तो पहले मिलेंगे यह संकेत, हो जाएं सावधान

बढ़ रही हैं दिमाग की नस फटने की समस्या

Brain Aneurysm : आज कल हम कई बार सुनते हैं कि फलां व्यक्ति की दिमाग की नस फट गई। यह बेहद गंभीर मामला है और इस प्रकार के केस बढ़ रहे हैं। हालांकि इससे पहले शरीर में कई प्रकार के संकेत आते हैं, लेकिन हम उनको हल्के में लेते हैं। इसके चलते यह समस्या गंभीर होती जाती है। परिणाम स्वरूप दिमाग की नसों पर असर पड़ता है और कहीं से नस फट जाती है। इसके कारण दिमाग के अंदर रक्त का रिसाव होता है, जो जान के लिए भी खतरा बन सकता है।

दिमाग की नस फटना इसको मेडिकल साइंस की भाषा में ब्रेन एन्यूरिज्म कहा जाता है। यूं तो यह समस्या अचानक होती है, लेकिन कुछ संकेत मिलने पर सावधानी जरूरी है। क्योंकि यह शरीर की ऐसी स्थिति होती है, जिसमें कई बार कोई भी संकेत शरीर नहीं दे पाता।क्योंकि इस स्थिति में दिमाग में रक्त प्रवाह करने वाली नस फूल जाती है। इसके परिणाम स्वरूप इसी नस में किसी कमजाेर जगह रक्त जमा हो ता रहता है। अधिक दबाव के कारण यह नस ठीक उसी प्रकार का फट जाती है, जैसे तेज हवा के दाबव से गुब्बारा। इससे दिमाग में रक्त का रिसाव होता है और इस स्थिति को हेमरेजिक स्ट्रोक कहा जाता है।

यह हैं लक्षण

क्योंकि दिमाग शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, यहां कोई भी गड़बड़ी बेहद गंभीर होती है। दरअसल दिमागी नस फटना या ब्रेन एन्यूरिज्म में मरीज को अचानक सिर में तेज दर्द होती है। साथ गर्दन में अकड़न महसूस होगी और नजर पर भी इसका असर पड़ेगा। क्योंकि नजर कमजोर होती जाएगी। दिमाग के अंदर काफी सारी ऐसी नस हैं, जो शरीर के अन्य हिस्सों को सेंसर के रूप में जोड़ती हैं। इन पर असर पड़ने से नजर कमजाेर होती है। ऐसे में यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। क्योंकि दिमाग में रक्त के रिसाव से दूसरी दिमागी बीमारी होने का भी खतरा रहता है।

कभी भी हल्के में न लें लक्षण

ऐसे में जब भी इस प्रकार के लक्षण दिखें तो इसको हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए। क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है। क्योंकि दिमाग की नस फटने के सामान्य लक्षणों में शामिल है सिरदर्द। इस प्रकार की स्थिति होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए। इससे जरूरी टेस्ट यह स्पष्ट कर देंगे कि यह एन्यूरिज्म की स्थिति है या नहीं। यह स्थिति होने पर इसका इलाज शुरू किया जा सकता है।

हो सकती है दौरे पड़ने की दिक्कत

एन्यूरिज्म की स्थिति में मरीज को दौरे भी पड़ सकते हैं। क्योंकि यह स्थिति दिमाग की नसों को प्रभावित करती है और दौरा इसका महत्वपूर्ण संकेत है। विशेषकर ऐसे लोगों में जिनको पहले दौरे या मिर्गी की समस्या नहीं है। अचानक दौरे पड़ना एन्यूरिज्म का सकेंत हो सकता है। अन्य लक्षणों की बात करें तो चेहरे में कमजोरी भी हो सकती है। कई बार पलक झुकने लगती हैं। चेहरे के किसी हिस्से में सुन्नापन महसूस हो सकता है। कुछ मामलों में ऐसा भी दिखा गया है कि एन्यूरिज्म के मरीजों को इस स्थिति से पहले अचानक बेहोशी आ गई हो। बोलने या समझने में परेशानी होती है।

सामान्य जांच जरूरी

वरिष्ठ चिकित्सक डा. राजेश कुमार कहना है कि सामान्य रूप से शरीर की जांच जरूरी है। अपने चिकित्सक के साथ शारीरिक व मानसिक स्थिति में आने वाले बदलावों को सांझा किया जाना चाहिए। इससे लगातार निगरानी रहेगी और कुछ ऐसे लक्षण मिल सकते हैं, जो समय रहते बीमारी को नियंत्रित करने में सहायक हों।

डिस्कलेमर :

यह जानकारी सामान्य रूप से चिकित्सकों के शोध ज्ञान पर आधारित है। स्वास्थ्य संबंधित किसी भी समस्या में अपने चिकित्सक को जरूर दिखाएं। किसी भी स्थिति में इस प्रकार की बीमारी होने पर स्वयं इलाज नहीं करें।

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