Luv Mandir Lahore : भगवान राम के पुत्र लव ने बसाया था लाहौर ! आज भी बना है लव मंदिर
अब विश्व धरोहरों में शामिल इस स्थान की मरम्मत करवा रही पंजाब सरकार
Luv Mandir Lahore : पाकिस्तान की राजधानी बेशक इस्लामाबाद हो, लेकिन वहां का दिल लाहौर ही है। लाहौर के बारे में मान्यता है कि इस शहर को भगवान श्रीराम के पुत्र लव ने बसाया था। वे इसको अपनी राजधानी भी बनाना चाहते थे। हिंदू धार्मिक केंद्र के साथ-साथ लाहौर क्षेत्र मुस्लिम और सिख धर्म के लिहाज से भी आस्था का बड़ा केंद्र हैं। इनके चलते ही यहां बने धार्मिक भवनों को यूनेस्को (UNESCO) द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा दिया गया है। अब पाकिस्तान के पंजाब की सरकार और आगाखां कल्चरल सेंटर द्वारा इन धरोहरों की मरम्मत करवाई जा रही है।
लाहौर को सभ्यताओं, संस्कृतियों और धर्मों का संगम कहा जाता है। हालांकि लाहौर अपनी वास्तुकला के लिए खास पहचान रखता है, लेकिन यहां हिंदू, मुस्लिम और सिख धर्मों की सांझा विरासत और धार्मिक सद्भाव की झलक भी मिलती है। एक साथ ही कई ऐसे भवन हैं, जो इस सांझा विरासत के गवाह हैं।
इसमें लव मंदिर भी शामिल है। यहां आज भी प्राचीन इतिहास के पन्नों को पलटने पर लाहौर की आबोहवा में प्रचीन हिंदू मान्यताओं के साथ सिखों की कहानियां और मुस्लिम धर्म से जुड़े किस्से इन भवनों की दीवारों से गूंज रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार इन सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को लंबे समय के बाद ठीक करवाया जा रहा है।
1981 में विश्व धरोहर घोषित
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का शहर लाहौर अपने आपा में अनूठा है। यहां का लाहौर किला और शालीमार बाग 981 में विश्व धरोहर घोषित हुए हैं। लाहौर किले के अंदर बनी बादशाही मस्जिद किसी समय में विश्व की सबसे बड़ी मस्जिद रही है। यहीं पर वजीर खान मस्जिद भी बनी हुई है। इसको बेहतरीन टाइल वर्क यानी कशीकारी के लिए जाना जाता है। सिख विरासत की बात की जाए तो यह बहुत ही महान कहानी बयान करती है। क्योंकि यह शहर महाराजा रणजीत सिंह के साम्राज्य की राजधानी रहा है।
ऐसे में जर्रे जर्रे से सिखों के साहस की कहानी सुनी जा सकती हैं। इसके अलावा गुरुद्वारा डेरा साहिब ऐसा पवित्र स्थल है, जहां सिखों के 5 वें गुरु, गुरु अर्जुन देव जी ने अपनी शहादत दी थी। यहां बना गुरुद्वारा शहीद गंज आज भी तीर्थयात्रियों के लिए प्रमुख स्थान बना हुआ है। यह स्थान बादशाही मस्जिद के ठीक साथ में है। यहीं पर महाराजा रणजीत सिंह की समाधि भी बनी हुई है। उन्हें सिख साम्राज्य का संस्थापक माना जाता है।

हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं से भरा है लाहौर
लाहौर बेशक आज एक इस्लामिक देश का बड़ा शहर है, लेकिन इसकी विरासत हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं से भरी हुई है। ऐसा माना जाता है कि लाहौर की स्थापना ही भगवान श्री राम के बेटे लव द्वारा की गई थी। इसके कारण ही पौराणिक समय में इसको लवपुर के नाम से जाना जाता था। आज भी लाहौर के किले के अंदर लव मंदिर इसकी गवाही दे रहा है। यहां ऊपर से खुला होने के कारण पानी आ कर रूकता था। पानी से बचाव के लिए काम करते समय यहां खोदाई करने पर 3 कमरे और मिले हैं। यह इसकी भव्यता को दिखाते हैं। इसके अलावा लाहौर के अनारकली बाजार में वाल्मीकि मंदिर हिंदू समुदाय की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। रावी रोड पर भगवान कृष्ण मंदिर भी अपने आप में विशेष केंद्र है।
नहीं मिल रहा उचित पत्थर
इनमें से कई भवनों में प्रसिद्ध मकराना का सफेद संगमरमर लगा हुआ है। यह पत्थर सिर्फ भारत में ही पाया जाता है। अब भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार बंद है। ऐसे में यह पत्थर इन भवनों के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके चलते खैबर पख्तूनख्वा में पाया जाने वाला मकराना संगमरमर से मिलता जुलता पत्थर प्रयोग किया जा रहा है। इस जगह के जीर्णोद्धार में लगे लोगों का कहना कि यह पत्थर मकराना संगमरमर से काफी हद तक मिलता है।










