Haryana news : हरियाणा में Uber-Ola ड्राइवरों के लिए नया फरमान, ऐप टैक्सी नियम बदले, पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की छुट्टी
हरियाणा डायरी, दिल्ली। (Haryana news) : हरियाणा सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए एग्रीगेटर वाहनों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इसमें ओला, उबर चालकों के लिए भी नए फरमान जारी हुए हैं। नए नियमों के तहत हरियाणा में अब ऐप आधारित टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं में केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही संचालन की अनुमति मिलेगी। इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए लाइसेंस और पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े नियम भी पहले से अधिक सख्त कर दिए गए हैं।
सरकार द्वारा जारी नई एग्रीगेटर नीति-2026 के अनुसार, सभी ड्राइवरों के लिए वैध कमर्शियल लाइसेंस अनिवार्य होगा। इसके अलावा लाइसेंस का हर पांच साल में नवीनीकरण करवाना पड़ेगा। यदि कोई चालक अपना पता बदलता है तो उसे रिकॉर्ड अपडेट कराना भी जरूरी होगा। नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
Haryana news : यात्रियों की सुरक्षा पर सरकार का फोकस
नई नीति में यात्रियों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। अब एग्रीगेटर कंपनियों को ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होगा। अगर कोई चालक शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसका लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। वहीं दोबारा गलती करने पर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई होगी।
इसके साथ ही यदि कोई ड्राइवर रास्ते से हटकर यात्रियों को गलत दिशा में ले जाता है तो एग्रीगेटर कंपनी को इसकी सूचना सीधे कंट्रोल रूम और पुलिस को देनी होगी। नियमों के अनुसार रात के समय महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
Haryana news : बिना लाइसेंस संचालन पर लाखों का जुर्माना
सरकार ने बिना लाइसेंस संचालन करने वाली कंपनियों और चालकों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान रखा है। नई गाइडलाइन के अनुसार बिना वैध लाइसेंस संचालन करने पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाली कंपनियों का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।
ड्राइवरों के लिए हेल्थ चेकअप, वाहन फिटनेस और बीमा को भी अनिवार्य किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
Haryana news : प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
नई नीति को हरियाणा सरकार का ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन माना जा रहा है। राज्य सरकार चाहती है कि आने वाले वर्षों में डीजल और पेट्रोल आधारित कमर्शियल वाहनों की संख्या कम हो और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिले। इसी उद्देश्य से एग्रीगेटर सेवाओं में सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी गई है।










