Paddy Direct Sowing : हरियाणा में पानी बचाने की बड़ी मुहिम, धान की सीधी बिजाई पर सरकार दे रही 4500 रुपये
इस बार धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य 1 लाख एकड़ बढ़ा दिया है, ऐसे में लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग काफी जोर भी लगा रहा है।
Paddy Direct Sowing : हरियाणा सरकार ने पानी की बचत के लिए बहुत बड़ी मुहिम शुरू की है। इसके तहत धान की सीधी बिजाई करने पर किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में 4500 रुपये दिए जा रहे हैं। ऐसे में कृषि विभाग के अधिकारी इस योजना का प्रचार किसानों के बीच में करने के लिए जोर लगा रहे हैं। क्योंकि इस बार धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य पिछले साल के मुकाबले 1 लाख एकड़ बढ़ा दिया है। पिछले साल यानी वर्ष 2025 में 4 लाख एकड़ में सीधी बिजाई का लक्ष्य था। इस बार लक्ष्य 5 लाख एकड़ तक पहुंच गया है।
दरअसल समय के साथ धान की सीधी बिजाई किसानों के बीच काफी प्रचलित भी हो रही है। एक तो इसमें खर्च कम आता है, दूसरा सरकार से सीधा आर्थिक लाभ भी मिल जाता है। ऐसे में किसान इस को अपना रहे हैं। हांसी जिला के पेटवाड़् गांव निवासी किसान सुमति कुमार के अनुसार पिछले उसने 6 एकड़ में धान की सीधी बिजाई की थी। इस बाद 10 एकड़ में करेगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है।
20 प्रतिशत होती है पानी की बचत
दरअसल धान की परंपरागत विधि से पानी की खपत अधिक होती है। वहीं धान को सीधा गेहूं तरह बोया जाए तो करीब 20 प्रतिशत तक पानी बच जाता है। विशेषज्ञों की मानें तो एक एकड़ फसल को पकाने में करीब 40 लाख लीटर पान की जरूरत होती है। हालांकि धान की फसल अधिकतर बारिश के सीजन में होती है और सिंचाई की ज्यादा पूर्ति बारिश से ही होती है।
ऑनलाइन करवाना होगा पंजीकरण
धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि के लिए किसान को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवान होगा। इसके बिना किसान सहायता राशि के लिए क्लेम नहीं कर पाएगा। अब धान की सीधी बिजाई शुरू होते ही कृषि विभाग द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल खोल दिया गया है। किसान को लाभ लेने के लिए अपना पंजीकरण 15 जून तक करवाना होगा।
इसके बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर जा कर जांच करेगी। यह कार्य 17 जुलाई तक किया जाएगा। जैसे की रिपोर्ट में आ जाएगा कि किसान ने धान की सीधी बिजाई की है, उसके खाते में प्रति एकड़ के हिसाब से 4500 रुपये जारी कर दिए जाएंगे। यानी 4 एकड़ में सीधी बिजाई करने पर किसान को 18000 रुपये की सहायता मिलेगी।
पानी बचाने के लिए सरकार की सख्ती
इतना ही नहीं, पानी बचाने के लिए सरकार ने सख्ती भी की है। इसके तहत यह फैसला हुआ है कि कोई भी किसान
परंपरागत रूप से धान की रोपाई नहीं करेगा। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। इसके तहत जुर्माना और फसल नष्ट करने की कार्रवाई होगी।
किसान को होता है लाभ
पेटवाड़ गांव निवासी किसान सुमित कुमार के अनुसार सीधी बिजाई करने से किसान को लाभ होता है। इसमें सबसे अधिक तो किसान के खर्च कम होते हैं। हालांकि पैदावार लगभग बराबर होती है, लेकिन सीधी बिजाई में किसान की लेबर पर निर्भरता कम हो जाती है। ऐसे में पैसे के साथ-साथ समय की भी बचत होती है।
साथ ही जिन किसानों को डीजल इंजन से सिंचाई करनी पड़ती है, उनका खर्च और भी अधिक बढ़ जाता है।
किसान आ रहे हैं आगे
जींद में हरियाणा कृषि प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान हमेटी में कृषि विशेषज्ञ डा. सुभाष चंद्र का कहना है कि किसान आगे आ रहे हैं। अब सीधी बिजाई को लेकर किसान उत्साहित हैं। 1 तो सरकार आर्थिक लाभ दे रही है, दूसरा किसानों को लेबर बहुत कम मिलती है। ऐसे में सीधी बिजाई का अधिकतर कार्य मशीनों से हो जाता है। इसमें लेबर की जरूर नहीं पड़ती। इससे पानी की बहुत बचत हो जाती है।










