Haryana Weather Change : हरियाणा में फिर बारिश का अलर्ट, प्रदेश के कई हिस्सों में दूसरे दिन भी छाई धुंध
मार्च में भी हो रहा जनवरी जैसी ठंड का अहसास, बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका
Haryana Weather Change : पछले कुछ दिनों से मौस में बदलाव चल रहा है। इसके बाद हरियाणा के कई हिस्सों में 21 मार्च की तरह ही 22 मार्च को धुंध रही। वहीं मौसम विभाग ने फिर से बारिश की चेतावनी दी है। इससे किसानों की पेशानी पर पसीना आ रहा है। क्योंकि अब फिर से बारिश होने से फसलों पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। साथ ही लोगों को मार्च के मध्य में भी जनवरी महीने जैसी ठंड का अहसास हो रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 मार्च को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। पहले से ही हरियाणा में भीषण गर्मी के बाद ठंड बढ़ी हुई है। क्योंकि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद तापमान काफी गिर गया है। सुबह के समय लोगों को जनवरी जैसी ठंड सता रही है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद से अभी तक 7 डिग्री तक तापमान गिर चुका है।
अब फिर से बारिश का खतरा
वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई है। यह पश्चिमी विक्षोभ 25 मार्च की रात से सक्रिय होगा। इसके कारण 27 मार्च तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। इस दौरान प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ में तेज हवाएं भी चलेंगी। वहीं अभी पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई है। इसके कारण गेहूं की फसल में काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में अब फिर से बारिश हुई तो गेहूं और अन्य फसलों में भी नुकसान हो सकता है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
अब मौसम में ठंड बढ़ने से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। वरिष्ठ चिकित्सक डा. मोहन सिंह के अनुसार ऐसे विशेषकर बच्चों में खांसी-जुकाम के मामले अधिक आ रहे हैं। क्योंकि इस मौसम में गर्मी होती है और लोग इसी के अनुरूप रहते हैं। अब ठंड होने के कारण लापरवाही से लोग बीमार पड़ रहे हैं। जब तक मौसम सही नहीं हो जाता, बच्चों को कुछ गर्म कपड़े पहनाएं। खाने में फ्रीज की वस्तुओं का सेवन नहीं करनी चाहिए।
3 दिन छाए रहेंगे बादल
वहीं अगले 3 दिन तक बादल छए रहेंगे। इसके चलते 22 मार्च 25 मार्च तक प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान हल्की हवाएं भी चलेंगी। वहीं 25 मार्च की रात को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में 26-27 मार्च को कई स्थानों पर बारिश होने की आशंका है।
इससे तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट आने की उम्मीद है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि कटी हुई सरसों की फसल को जल्दी निकाल लें। वहीं तैयार सरसों का काट कर सुरक्षित जगह पर स्टोर कर लें। जो किसान सब्जियों की फसलों की बिजाई या रोपाई करना चाहते हैं, वे जल्दी से जल्दी कर दें। बारिश से इनका जमाव अच्छा होगा और तापमान नियत्रित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दूसरे दिन भी धुंध ने किया परेशान
वहीं पिछले दिनों हुई बारिश के बाद लगातार दूसरे दिन रविवार यानी 22 मार्च को भी सुबह के समय धुंध छाई रही। सिरसा और हिसार जिलों में धुंध का असर दिखा। सुबह 7 बजे यहां दृश्यत मज 15 मीटर तक दर्ज की गई। इससे सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा और रेल सेवा पर भी असर पड़ा। घनी धुंध के कारण सिरसा पर त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस पांच घंटे सात मिनट की देरी से पहुंची। वहीं गोरखधाम एक्सप्रेस 1 घंटा 35 मिनट, श्रीगंगानगर एक्सप्रेस 1 घंटा 13 मिनट देरी से पहुंची। इसके अलावा धूरी-सिरसा यात्री गाड़ी 33 मिनट देरी से पहुंची। इससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
शनिवार को धुंध के कारण हुई थी दुर्घटनाएं
वहीं शनिवार को धुंध के कारण प्रदेश भर में सड़क 30 से अधिक दुर्घटनाएं हुई। अकेले सोनीपत और पानीपत में ही 40 से अधिक गाड़ियों की आपस में टक्कर हो गई। हालांकि इसमें कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। वहीं कई लोग घायल हो गए। वहीं दूसरे दिन भी धुंध दूसरे दिन रविवार को वाहन चालक संभल कर चले।










