Hightech Weather Stations : किसानों को मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी, आईएमडी ने बनाई खास योजना
हरियाणा के 8 जिलों में लगेंगे हाई-टेक मौसम स्टेशन, पुराने मौसम सिस्टम को बदला जाएगा
Hightech Weather Stations : हरियाणा प्रदेश के किसानों को आने वाले दिनों में कृषि विभाग और मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी की ओर से खास योजना का लाभ मिलना शुरू होगा। इसके तहत हरियाणा के 8 जिलों में लगे मौसम के पुराने सिस्टम को हटा कर नया सिस्टम स्थापित किया जाएगा। ऐसे में किसानों को मौसम की सटीक मिल सकेगी।
दरअसल मौसम में होने वाले बदलाव कृषि पर गंभीर प्रभाव डालती है। किसानों को भी भारी नुकसान होता है। वहीं समय पर मौसम परिवर्तन की जानकारी मिलने से किसान इसके अनुसार ही प्रबंधन कर सकते हैं। कुछ मामलों बेहतर प्रबंधन कर बारिश से होने वाले प्रभाव से पूरी तरह बचा जा सकता है। ऐसे में यह नई तकनीक किसानों के बड़े काम की होगी।
बहुत लाभदायक होगी सूचना
कृषि अधिकारी डा. सुभाष चंद्र के अनुसार ऐसी जानकारी किसानों के लिए बहुत ही लाभदायक होती हैं। कुछ परिस्थितियों में इनका लाभ काफी अधिक मिलता है। जैसे किसानों को बारिश की सूचना सटीक मिल जाए तो वह खेत में सिंचाई को रोक सकता है। वहीं कोई फसल तैयार है और बारिश की संभावना है तो इसको काटने का प्रबंधन जल्दी कर सकता है। बीजों की बिजाई के मामले में भी मौसम की जानकारी काफी लाभदायक हो सकती है। यदि मौसम की जानकारी सही मिलते सब्जियों की तुड़ाई की व्यवस्था इसी अनुसार हो सकती है।
मिलेगी तुरंत जानकारी, हाईटैक होगा सिस्टम
नई योजना के तहत मौसम संबंधित जानकारी किसानों को रीयल टाइम के अनुसार और पूरी तरह सटीक मिल पाएंगे। साथ ही इसमें क्षेत्रों के अनुसार होने वाले अंतर का भी असर नहीं होगा। क्योंकि अलग-अलग 8 जिलों में यह उपकरण लगाए जा रहे हैं। इससे इन क्षेत्रों का सटीक डाटा किसानों को रीयल टाइम के अनुसार मिल पाएगा।
स्थापित होंगे न्यू एग्रो-आटोमैटिक वेदर स्टेशन
इस योजना के तहत हरियाणा प्रदेश के 8 प्रमुख जिलों में अत्याधुनिक न्यू एग्रो-आटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाने हैं। यह नए उपकरण पुराने सिस्टम की जगह लेंगे, जो यहां पर पहले से इंस्टाल किए गए हैं। इस नई प्रणाली से किसानों को मौसम का सही पूर्वानुमान तो मिलेगा ही, साथ में रीयल-टाइम डेटा से ऐसी जानकारी भी दी जाएगी, जिससे फसलों को होने वाले संबंधित नुकसान से बचाया जा सके।
किसानों के लिए नया सुरक्षा कवच
ऐसे में कृषि विभाग और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की यह महत्वकांक्षी योजना किसानों और कृषि के लिए नया सुरक्षा कवच बनेगी। हालांकि प्रदेश में कई जगहों पर मौसम के पूर्वानुमान के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, लेकिन अब 8 जिलों में और भी एडवांस यंत्र लगेंगे। यह उपकरण स्वचालित होंगे और मौसम स्टेशन को संचालित करने के लिए किसी व्यक्ति की भूमिका नहीं होगी। डिजिटल डेटा लागिंग सिस्टम के कारण इनमें कोई मानवीय भूल की संभावना भी नहीं बचेगी।
हाई गुणवत्ता वाले सेंसर करेंगे काम
इस तकनीक में बेहतरी गुणवत्ता वाले सेंसर का प्रयोग किया जाएगा। इससे वायुमंड के दबाव के अलावा, हवा की दिशा एवं गति, उस क्षेत्र का तापमान जैसे तत्वों को यह सेंसर माइक्रो-सेकंड में माप सकेंगे। इससे मौसम का जल्द से जल्द और सही अनुमान लग सकेगा। यह जानकारी किसानों तक पहुंचने पर वे अपनी फसल के लिए उचित प्रबंधन कर सकेंगे।
5जी और जीएसएम तकनीक का प्रयोग
इस तकनीक को बहुत ही आधुनिक तरीके से तैयार किया गया है। हालांकि कई जगह इसका प्रयोग हो रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी आ रहे हैं। यह व्यवस्था आधुनिक 5 जी और जीएसएम की तकनीक पर काम करेगी। इससे मौसम केंद्र द्वारा जो भी डेटा एकत्र होगा, वह मौसम विभाग के सर्वर पर जाएगी। यहां से इस जानकारी को लोगों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। जैसे ही यह जानकारी सर्वर को मिली, इसके ठीक साथ-साथ ही स्मार्ट फोन या मोबाइल संदेश पर इसकी जानकारी प्रेषित हो सकेगी।
यहां लगेंगे मौसम यंत्र
यह आधुनिक मौसम यंत्र लगाने के लिए जगहों का चयन भी हो चुका है। इसके तहत जींद जिला के पांडु पिंडारा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, फतेहाबाद जिला के ढाणी बिकोनरी कृषि विज्ञान केंद्र, भिवानी के कृषि विज्ञान केंद्र, झज्जर जिला के बादली राेड स्थित बीड़ सुनारवाला, हिसार जिला के परिसर एग्रो-मेट फील्ड यूनिट, कैथल जिला के कौल स्थित एग्रो-मेट फील्ड यूनिट, पानीपत जिला के उजहा गांव में और रोहतक के कृषि विज्ञान केंद्र में लगाए जाएंगे।










