Sugar Controlled By Running : गाजियाबाद के इस बुजुर्ग ने कर दिया कमाल, 65 की उम्र में शुगर को हरा कर बने फिट
दौड़ को अपनाया, शारीरिक व्यायाम से बदल लिया जीवन
Sugar Controlled By Running : आज के दौर में डायबिटीज एक सामान्य बीमार बन चुकी है। बुजुर्गों से लेकर युवा व बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली और खानपान है। क्योंकि आजकल लोग शारीरिक मेहनत कम कर रहे हैं। इससे कई प्रकार की बीमारियां शरीर में घर कर रही हैं। इनमें से एक है डायबिटीज। वहीं गाजियाबाद के 65 वर्षीय बुजुर्ग महिपाल सिंह ने अपनी मेहनत से इस बीमारी को हरा दिया है। अब महिपाल सिंह सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन चुके हैं।
चिकित्सक भी कहते हैं कि शारीरिक कसरत कर शरीर चुस्त रखने के साथ-साथ कई प्रकार की बीमारियों से बचाया जा सकता है, लेकिन टेंशन और भागमभाग भरे जीवन में कई लोग इसको लागू नहीं कर पाते। वहीं खानपान ऐसा होता है शरीर का जल्दी ही इस प्रकार की बीमारियां पकड़ लेती हैं। ऐसे में गाजियाबाद निवासी 65 वर्षीय महिपाल सिंह के जीवन से हर किसी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
5 साल पहले आया जीवन में बदलाव
महिपाल सिंह के जीवन में 5 साल पहले यानी 2021 में बड़ा बदलाव आया। उनका शरीर सुस्त होने लगा और प्यास भी अधिक लगती थी। कुछ भी काम करते ही थकावट होती थी। ऐसे में उन्होंने अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई। इसमें पता चला कि महिपाल सिंह का शुगर लेवल बढ़ा हुआ है।
यह पता चलने के बाद भी जब इसको गंभीरता से नहीं लिया स्थिति बिगड़ती चली गई। तब महिपाल सिंह को लगा कि अब जीवन काफी बदल जाएगा। क्योंकि चिकित्सकों ने दवा के साथ-साथ खाने पीने पर भी कई प्रकार की पाबंदियां लगा दी थी।
फिर मिली काम की सलाह
हालांकि महिपाल का इलाज करने वाले चिकित्कस ने भी उन्हें खानपान में बदलाव के साथ शारीरिक श्रम करने के लिए कहा, लेकिन इसका अधिक असर नहीं आ रहा था। इसी दौरान उनको किसी जानकारी ने सलाह दी कि वे नियमित रूप से सुबह की सैर और इसके साथ शारीरिक कसरत शुरू कर दें। इससे शुगर नियंत्रित किया जा सकता है। यह सलाह मान कर महिपाल सिंह ने इसको शुरू किया।
10 मिनट से शुरू हुआ अभ्यास पूरी तरह दे दी शुगर को मात
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले महिपाल सिंह ने अपने जानकार की बात को मान कर सुबह 10 मिनट से टहना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने इस समय को 30 मिनट तक बढ़ा दिया। इसके साथ ही वे नियमित रूप से शारीरिक कसरत भी करने लगे और इसके साथ ही दौड़ लगाना भी शुरू कर दिया। 500 मीटर की दौड़ से शुरू कर इसको बढ़ाते रहे। इससे शुगर का स्तर काफी कम होने लगा।
अब मैराथन में भी लेते हैं भाग
महिपाल सिंह ने अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से न सिर्फ शुगर को हरा दिया, बल्कि अपनी उम्र को भी। क्योंकि दौड़ का अभ्यास होने के कारण वे मैराथन में भी भाग लेने लग गए। क्योंकि अब उनका शुगर लेवल पूरी तरह से नियत्रित था, ऐसे में शरीर में अलग ही हौसला भी हुआ। अब वे कई मैराथ में भाग लेने के साथ पदक भी जीत चुके हैं।
अन्य लोगों के लिए भी बने प्रेरणा
महिपाल सिंह के जीवन में आए इस बदलाव का असर उनके संपर्क में रहने वाले अन्य बुजुर्गों पर भी पड़ा। अब उनकी पूरी टोली हो गई है, जो शारीरिक व्यायाम के साथ-साथ दौड़ भी लगाती है। इससे सभी के स्वास्थ्य में काफी बेहतर बदलाव आए हैं। अपनी मेहनत से महिपाल सिंह खुद तो फिट हुए ही, साथ ही उन्होंने दूसरे लोगों को भी इस दिशा में आगे बढ़ाया है। जो लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों से डरे हुए थे, वे भी अब हौसले से जीवन जी रहे हैं।










