Kedarnath Dham Yatra : 22 अप्रैल से शुरू होगी केदारनाथ में भक्ति की यात्रा, बर्फ को काट कर क्यों बनाया जा रहा है रास्ता
5 लाख से अधिक श्रद्धालु करवा चुके हैं पंजीकरण, केदारनाथ दर्शन करने हैं तो कर लें यह तैयारी
Kedarnath Dham Yatra : विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा इस साल 22 अप्रैल से शुरू हो रही है। इसके लिए प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए विशेषतौर पर बर्फ को काट कर रास्ता तैयार किया जा रहा है। इसके लिए मजदूरों को लगाया गया है। यानी इस बार श्रद्धालुओं के लिए विशेष स्नो कॉरिडोर तैयार होगा। श्रद्धालु बर्फ के बीच से गुजर कर बाबा केदारनाथ के दर्शन करेंगे।
हर साल केदारनाथ की पवित्र यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह रहता है। इसके लिए प्रशासन द्वारा भी व्यापक स्तर पर तैयारी की जाती है। श्रद्धालुओं का उत्साह इससे देखा जा सकता है कि करीब 6 लाख श्रद्धालुओं ने इसके लिए पंजीकरण करवा लिया है। हालांकि चार धाम यात्रा की शुरूआत 19 अप्रैल से हो जाएगी। केदारनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण खुलते ही पहले दिन 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया था।
मंदिर परिसर के पास जमी है 3 फुट तक बर्फ
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस बार मंदिर परिसर के आसपास करीब 3 फुट तक बर्फ जमी हुई है। ऐसे में यहां रास्ता बनाने के लिए श्रमिकों को लगाया गया है। प्रतिदिन 100 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। हालांकि बर्फ की परत काफी मोटी है और इसको हटाना आसान नहीं है। पहले बर्फ की चादर और भी मोटी थी अब यह कम हुई है।
10 फुट तक बर्फ की दीवार
अधिकारियों की मानें तो कई जगह बर्फ काफी अधिक है। विशेष गौरीकुंड और केदारनाथ के बीच बनाए गए पैदल मार्ग पर तो कुछ जगहों पर ग्लेशियर भी टूट कर गिरे हुए हैं। कई जगह पर करीब 10 फुट ऊंची बर्फ की दीवार को काट कर रास्ता बनाया गया है। इस रास्ते में थारू एवं चोराबारी जैसे ग्लेशियरों से रास्ता बनान बहुत ही मुश्किल काम है। हालांकि यहां जाने वाले श्रद्धालुओं को भी यह नजारा साफ दिखेगा। क्योंकि बर्फ के बीच रास्ता बनने पर बर्फ की वास्तविक दीवार ज्यों की त्यों रही है।
पूरी की जा रही हैं तैयारी
स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रा की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। साथ ही यात्रा समय पर शुरू हो जाएगी। इसके लिए बिजली-पानी जैसी सुविधाओं को सुचारू भी कर दिया गया है। अब श्रद्धालु तय प्रक्रिया के अनुसार अपना पंजीकरण करवा कर यात्रा कर सकते हैं। क्योंकि प्रशासन ने साफ किया है कि दर्शन करने पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं है।
हेलीकॉप्टर सेवा भी सामान्य
केदारनाथ यात्रा कुछ लोग हैलीकॉप्टर से करते हैं। इनके लिए भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। क्योंकि यहां बनाई गई हवाई पट्टी को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है। दरअसल इस बार केदारनाथ धाम यात्रा करीब 10 दिन पहले ही शुरू की जा रही है। समय पर यात्रा शुरू सुनिश्चित की जा चुकी है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों का आह्वान किया है कि सभी यात्री धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप ही दर्शन करें। क्योंकि कपाट तय तारीख यानी 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोल दिए जाएंगे।

श्रद्धा की यात्रा के साथ राेमांच
इस बार श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा के साथ-साथ भरपूर रोमांच भी मिलने वाला है। इसका कारण है बर्फ। हालांकि इससे पहले 2023 में भी इसी प्रकार की बर्फबारी का नजारा श्रद्धालुओं ने देखा था। हालांकि इस क्षेत्र अप्रैल महीने में बर्फ आमतौर पर पिंघल जाती है, लेकिन इस बार यात्रियों के लिए बर्फ का नजारा भी रहेगा।
21 अप्रैल को चलेगी बाबा की डोली
कपाट खोले जाने से पहले एक बहुत ही अद्भुत कार्य होता है बाबा की डोली निकालने का। इस बार 21 अप्रैल को इसकी शुरूआत होगी। बाबा केदारनाथ की चल विग्रह डोली 21 अप्रैल को गौरीकुंड से प्रस्थान करेगी। इसके बाद केदारनाथ धाम स्थित में इसको विराजमान किया जाएगा। इसके बाद 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे धार्मिक विधान के अनुसार पूजा के साथ भगवान के मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
कैसे करें तैयारी
केदारनाथ यात्रा के लिए इस बार तैयारी भी खास करनी होगी। क्योंकि वहां बर्फ अधिक पड़ी तो तापमान भी कम है। यानी अप्रैल महीने में जब आप केदारनाथ जा रहे हैं तो कपड़े जनवरी की ठंड के अनुसार रखें। इसके अलावा अपने स्वास्थ्य के अनुसार जरूरी सामान भी ले लें। यात्रा के लिए सबसे जरूरी है पंजीकरण क्योंकि यह जरूरी है। इसके लिए वैबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। इसके अलावा Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप से भी आप पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए अपने आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या फिर पासपोर्ट के साथ एक पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखें। पंजीकरण के बाद जो QR कोड प्राप्त होगा, इसका प्रिंटआउट निकाल कर अपने साथ रख लें।










