CRSU VC RP Saini : सीआरएसयू के स्थाई वीसी बने प्रोफेसर आरपी सैनी, एक साल पहले हुई थी कार्यवाहक वीसी के रूप में नियुक्ति

एक साल में विश्वविद्यालय को दी नई पहचान, शोध से लेकर खेल और एकेडमिक क्षेत्र में छूई नई उच्चाईयां

CRSU VC RP Saini : हरियाणा के जींद स्थित चौधरी रणबीर सिंह विवि के कुलपति प्रोफेसर आरपी सैनी को अब स्थाई नियुक्ति मिल गई है। हालांकि एक साल पहले यानी 28 मई को डीएवी कॉलेज करनाल के प्राचार्य रहते हुए उनको सीआरएसयू में कुलपति के रूप में अतिरिक्त कार्यभार सौँपा गया था।

इसको लेकर हरियाणा सरकार द्वारा मंगलवार 2 जून को अधिसूचना जारी करते हुए 3 साल के लिए नियुक्ति दे दी गई है। जींद में सीआरएसयू के कार्यवाहक वीसी लगने से पहले प्रोफेसर आरपी सैनी करनाल स्थित डीएवी कालेज करनाल के प्राचार्य रहे हैं। अब हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष द्वारा प्रोफेसर आरपी सैनी का नियुक्ति का पत्र जारी किया गया है।

आंतरिक राजनीति से विवि को निकाला, दी नई पहचान

दरअसल चौधरी रणबीर सिंह विवि पिछले लंबे समय से शिक्षकों और छात्रों की आंतरिक राजनीति का गढ़ बन गया था। वीवी को लेकर आए दिन कोई न कोई मामला आता रहता था, लेकिन प्रोफेसर आरपी सैनी के यहां कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने इस राजनीति से विश्वविद्यालय को निकाला और शिक्षा और शोध के क्षेत्र में विवि को नई पहचान दिलवाई। इस 1 साल में सीआरएसयू ने खेल से लेकर शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में अपना लोहा मनवाया है।

स्थाई नियुक्तियों का पेंच अभी भी फंसा

हालांकि फिलहाल चौधरी रणबीर सिंह विवि में शिक्षा का अच्छा महौल बना हुआ है, लेकिन स्थाई नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। दरअसल नियुक्तियों को लेकर ही चौधरी रणबीर सिंह विवि में राजनीति चलती रही है। हालांकि इसके लिए प्रोफेसर आरपी सैनी द्वारा गंभीर प्रयास किए गए हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। अब उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं पर का कह जल्द ही विवि में स्थाई नियुक्तियाें के लिए प्रक्रिया की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो सीआरएसयू का नाम

प्रोफेसर आरपी सैनी ने हरियाणा डायरी को बताया कि उनका प्रयास रहेगा कि सीआरएसयू को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। साथ ही यहां पर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए योजना तैयार है। विवि में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है और शोध कार्यों पर फोकस किया जाएगा। प्रोफेसर सैनी ने कहा कि उनका लक्ष्य विश्वविद्यालय को रिसर्च का बड़ा सेंटर बनाने का है।

कैसा रहा 1 साल का कार्यकाल

प्रोफेसर आरपी सैनी ने अपने पिछले 1 साल के कार्यकाल के बारे में कहा कि यह आंकलन तो विद्यार्थियों, शिक्षकों और जींद की जनता को करना है। शिक्षा के लिए जो भी बेहतर प्रयास हुए हैं, वे किए गए। इसमें पूरी तरह से नई शिक्षा नीति को लागू किया गया है। विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध के लिए केंद्र खोला गया है।

जापान और पुर्तगाल के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के साथ इसके लिए समझौता भी हुआ है। साथ ही बदलते जमाने के साथ विवि को डिजिटल शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। अब विवि की परीक्षा का परिणाम समय पर आता है। शिक्षा और खेल के साथ विवि में सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी जोर खास जोर रहा है। सीआरएसयू में ऐसी लाइब्रेरी बनी है, जो उत्तर भारत में सबसे बड़ी है।

12 साल पहले बना था विश्वविद्यालय

चौधरी रणबीर सिंह विवश्वविद्यालय 12 साल पहले यानी 2014 में अस्तित्व में आया था। तब से लेकर हालांकि हर क्षेत्र में अच्छी प्रगति रही है। प्रोफेसर आरपी सैनी के कार्यकाल में नए कोर्स तो मिले, लेकिन स्थाई नियुक्तियों की कमी खलती रही। अब प्रोफेसर आरपी सैनी को स्थाई पद मिलने के बाद उम्मीद है कि यह कमी भी दूर होगी। क्योंकि जिस प्रकार सरकार ने उन पर भरोसा जताया है, उससे साफ है वे विश्वविद्यालय के लिए काफी अच्छा कर पाएंगे।

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