Haryana news : हरियाणा के ट्रांसपोर्टरों कौ सौगात, NCR के 14 जिलों में पुराने ट्रक-बस बदलने पर मिलेगी ब्याज सब्सिडी
हरियाणा डायरी चंडीगढ़।
Haryana news : हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में आने वाले 14 जिलों के वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैपिंग नीति के तहत अब पुराने ट्रक और बसों को बीएस-6 अथवा ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) से बदलने पर विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करना और परिवहन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने वर्ष 2035 तक वायु प्रदूषण में कमी लाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह पहल शुरू की है। योजना के तहत हरियाणा के एनसीआर में शामिल 14 जिलों के वाहन मालिक यदि अपने पुराने ट्रक और बसों को स्क्रैप कर नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते हैं, तो उन्हें ब्याज सब्सिडी, टैक्स में छूट, ईंधन वाउचर और अन्य प्रोत्साहन लाभ दिए जाएंगे।
Haryana news : पांच प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी
सरकार द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार नए वाहन खरीदने पर पांच वर्षों तक वाहन ऋण पर पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा 4,800 रुपये तक का ईंधन वाउचर भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। नए वाहनों की खरीद को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान रखा गया है।

योजना में यह भी प्रस्तावित है कि नए वाहनों पर 100 प्रतिशत तक रोड टैक्स और अन्य शुल्कों में छूट दी जा सकती है। वहीं, पुराने वाहनों को हटाने के लिए सख्ती भी बढ़ाई जाएगी। दस लाख किलोमीटर अथवा निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों से संबंधित दस्तावेजों को फेज आउट करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, जिससे प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों की संख्या कम हो सके।
Haryana news : इन 14 जिलों को मिलेगा लाभ
इस पहल से हरियाणा के परिवहन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। परिवहन व्यवसायियों को आधुनिक, ईंधन-कुशल और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन अपनाने का अवसर मिलेगा, जबकि आम लोगों को बेहतर वायु गुणवत्ता का लाभ प्राप्त होगा। सरकार का मानना है कि नई तकनीक वाले वाहनों के उपयोग से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि ईंधन की खपत भी घटेगी और परिवहन क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी बनेगा।
हरियाणा के जिन जिलों को इस योजना का लाभ मिलेगा, उनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, पलवल, रेवाड़ी, नूंह, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, जींद, पानीपत और करनाल शामिल हैं। इन जिलों में बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहन संचालित होते हैं और प्रदूषण नियंत्रण के लिए यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।










