Asian Games trial : कौन है विनेश फोगाट को हराने वाली मीनाक्षी गाेयत, एशियन गेम्स की ट्रायल में दी विनेश फोगाट को पटखनी, एशियाई खेलों का सपना टूटा
लगातार संघर्ष और अदालत के हस्तक्षेप के बाद मिली थी ट्रायल में भाग लेने की अनुमति
Asian Games trial : भारत की अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान विनेश फोगाट एशियाई खेलों के लिए दिल्ली में हुई ट्रायल के दौरान हार गई हैं। सेमिफाइनल में जींद के चाबरी गांव की बेटी मीनाक्षी ने विनेश फोगाट को 6-4 के अंतर से हरा कर ट्रायल से बाहर कर दिया। इसके साथ ही विनेश फोगाट को एशियाई खोलों में भाग लेने का सपना भी टूट गया है।
मीनाक्षी गोयत भी अंतरराष्ट्रीय पहलवान हैं और साधारण जाट किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता प्रेम सिंह हालांकि खेती करते हैं, लेकिन बेटी को कुश्ती के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए फिलहाल सोनीपत में रहते हैं। मीनाक्षी की दो बहन और 1 भाई हैं। जबकि मां गृहणी है। विनेश फोगाट को हराने वाली मीनाक्षी गोयत का गांव चाबरी विनेश फोगाट के विधानसभा क्षेत्र जुलाना में ही आता है।
चाबरी गांव में खुशी की लहर
दरअसल एशियाई खेलों की ट्रायल को लेकर सुबह से ही पूरे गांव में उत्साह का महौल था। क्योंकि ग्रामीणों को पूरा विश्वास था कि मीनक्षी इस ट्रायल में अपनी सफलता के झंडे जरूर गाड़ेगी। मीनाक्षी अपने गांव के लोगों की उम्मीद पर खरी उतरी और उन्होंने विनेश फोगाट जैसी दिग्गज खिलाड़ी को हरा कर अपनी सफलता की शुरूआत कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि एशियाई खेलों में मीनाक्षी पक्का देश के लिए गोल्ड मेडल जीतेगी।
19 अप्रैल को गांव में हुई सम्मानित
दरअसल मीनाक्षी गोयत अप्रैल में हुई सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीत चुकी हैं। यह प्रतियोगिता 6 से 12 अप्रैल 2026 तक किर्गिस्तान के बिश्केक में हुई थी। इसमें भारतीय पहलवानों ने 17 पदक जीतते हुए पदक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया था।
इसमें एक पहलवान मीनाक्षी गोयत भी थी। मीनाक्षी द्वारा सिल्वर पदक जीतने पर गांव में उनका भव्य स्वागत किया गया था। अब मीनाक्षी ने महिला वर्ग में 53 किलोग्राम वर्ग के भाग लेते हुए ट्रायल के सेमीफाइनल में विनेश फोगाट को 6-4 से हरा दिया।
पेरिस ओलंपिक के बाद लगातार चर्चाओं में रही हैं विनेश फोगाट
वहीं भारतीय दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट 2024 के पेरिस ओलंपिक में भाग लेने के बाद लगातार चर्चओं में है। क्योंकि पेरिस ओलंपिक में पदक पक्का करने के बाद भी वजन बढ़ने के कारण वे मुकाबले से बाहर हो गई थी और कोई पदक नहीं जीत पाई। इसके बाद वे हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की उम्मीदवार बनी और शानदार जीत दर्ज की।
मीनाक्षी गोयत 25 साल की उभरती हुई भारतीय महिला पहलवान हैं। फिलहाल उनका प्रशिक्षण सोनीपत में पूर्व राष्ट्रीय कोच कुलदीप मलिक और अजय मलिक के मार्गदर्शन चल रहा है। मीनाक्षी गोयत हालांकि पिछले महीने किर्गिस्तान के बिश्केक में हुई एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीत तक कुश्ती जगत में खास पहचान बना चुकी हैं, लेकिन वे विश्व नंबर 1 और दो बार की विश्व चैम्पियनशिप पदक जीत चुकी अंतिम पंघाल को पटखनी दे कर कुश्ती जगत में अपनी धाकड़ा एंट्री मार चुकी हैं।
पहले 2 मुकाबलों में विनेश फोगाट की रही एक तरफा बढ़त
हालांकि ट्रायल के दौरान पहले 2 मुकाबलों में विनेश फोगाट की एक तरफा बढ़त रही। विनेश का पहला मुकाबला हरियाणा के ही हिसार की ज्योति सिहाग के साथ हुआ, जिसमें विनेश फोगाट ने ज्योति को 7-1 से हरा दिया। हालांकि ज्योति सिहाग भी जूनियर वर्ल्ड कप की स्वर्ण पदक विजेता हैं। वहीं दूसरे मुकाबले में जींद की ही महिला पहलवान नीशू ने विनेश फोगाट को कड़ी टक्कर दी और विनेश फोगाट 7-6 के अंतर से जीत गई।
दूसरे मुकाबले में हुआ विवाद
दूसरे मुकाबले के दौरान दो बार विवाद हुआ और इसके कारण खेल रोकना पड़ा। क्योंकि मुकाबला शुरू होते ही नीशू ने विनेश फोगाट को गिरा कर 5 अंक अर्जित कर लिए। हालांकि इसके बाद विनेश फोगाट ने वापसी की और नीशू को पटखनी देकर चार अंक ले लिए। इसी दौरान विनेश के पति और पहवान सोमबीर राठी की रेफरी से कहासुनी भी हो गई।
विनेश ने फिर से नीशू को पटखनी दी और कुल 6 अंक अपने खाते में कर लिए, जबकि नीशू 5 अंक पर रह गई। अंतिम 59 सेकेंड में दोनों पहलवानों के अंक 6-6 की बराबरी पर आ गए। अंत में विनेश फोगाट के 7 और नीशु के 6 अंक रहे।
सुबह से ही शुरू हुआ विवाद
दरअसल विनेश फोगाट सुबह जब ट्रायल में भाग लेने पहुंची तभी विवाद शुरू हो गया था। क्योंकि उनको 50 किलोग्राम भार वर्ग में खेलने के लिए कहा गया। विनेश ने इस पर आपत्ति जताई और इस दौरान बहस भी हुई। ऐसे में स्वयं WFI अध्यक्ष संजय सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा और विनेश फोगाट को 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल के लिए अनुमति मिली।
देश के लिए ओलंपिक में भी पदक जीतेगी मीनाक्षी
वहीं चाबरी गांव निवासी विनोद कुमार ने बताया कि मीनाक्षी पर पूरे गांव ही नहीं देश को भरोसा है। मीनाक्षी बहुत अच्छा खेल रही है और वे एशियाई खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ आलंपिक में भी देश के लिए पक्का पदक जीतेगी। आज की ट्रायल में मीनाक्षी गोयत ने यह साबित कर दिया है।










