Cess on Tobacco and Pan Masala : सिगरेट – गुटखा को लेकर सरकार की बड़ी योजना
संसद के शीतकालीन सत्र में आएगा हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल
Cess on Tobacco and Pan Masala : पिछले दिनों GST के स्लैब में हुए बदलाव के बाद तंबाकू उत्पाद सिगरेट व गुटखा काफी महंगा हो गया है। वहीं इस पर अब केंद्र सरकार और भी कर लगाने की योजना बना रही है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान यह नया बिल लाने की तैयारी कर रही है। इससे जहां सरकार को तंबाकू उत्पादों से अधिक कर मिलेगा, वहीं इनका प्रचलन भी कम होने की उम्मीद है।
नया बिल हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 के नाम से संसद में पेश किया जाएगा। क्योंकि बिल तंबाकू उत्पादों के प्रभाव को कम करने के लिए है और लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है, ऐसे में इस पर कोई अड़ंगा भी लगने वाला नहीं है। हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 के तहत तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पादों से होने वाले स्वास्थ्य और सुरक्षा नुकसान के लिए अतिरिक्त धनराशि भी जुटाई जाएगी।
Cess on Tobacco and Pan Masala : हालांकि दीवाली के मौके पर सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) के स्लैब में बदलाव किए थे। इसमें जहां सामान्य जरूरत की काफी वस्तुओं पर कर की दल कम की गई, वहीं लग्जरी सामान पर टैक्स बढ़ाया गया है। इसमें सिन गुड्स (तंबाकू उत्पाद व पान मसाला) को नए स्लैब में रखा गया। इस पर अब 40 प्रतिशत टैक्स लग रहा है। अब सरकार की योजना है कि सिन गुड्स पर 40 प्रतिशत GST के बाद भी कुछ अतिरिक्त कर लगाया जाए। सिन गुड्स ऐसी वस्तुएं होती हैं, जो लाेगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों द्वारा इनका उपभोग किया जाता है।
तंबाकू उत्पादों के उद्योग को लेकर सरकार ने अब सख्ती के साथ काम करने की योजना बनाई है। ऐसे में नए बनाए जा रहे नियमों के अनुसार तंबाकू उत्पाद बनाने वाली सभी ईकाईयों का पंजीकरण जरूरी होगा। साथ ही इस उद्योग का महीने रिटर्न भी दाखिल किया जाएगा। इसके अलावा ऐसी औद्योगिक ईकाईयों के तथा आडिट करने की शक्तियां भी अधिकारियों को दी जाएंगी। और भी अधिक सख्ती इस बात से है कि गड़बड़ी पाए जाने पर उद्योग चलाने वाले को पांच साल तक की कैद और जुर्माने के लिए तैयार रहना होगा।
Cess on Tobacco and Pan Masala : लगेगा निश्चित मासिक सेस
इस बार शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में पेश होने वाले हेल्थ सिक्योरिटी से नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल से स्वास्थ्य के लिए राशि जुटाई जाएगी। हालांकि यह नया और विशेष सेस इन उत्पादों की मात्रा पर नहीं लगाया जाएगा, बल्कि मशीन की उत्पादन क्षमता के तहत निर्धारित किया जाएगा। गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली मशीनों पर सेस लगाने की योजना है। सरकार ऐसा मानती है कि तंबाकू उद्योग के कारण स्वास्थ्य नुकसान हो रहा है। ऐसे में इसके लिए इसी उद्योग से फंडी एकत्रित किया जाए। मशीन के अलावा हाथ से बनने वाले तंबाकू उत्पादों पर भी एक निश्चित मासिक सेस लगेगा। यह राशि हर महीने जमा करनी होगी।

Cess on Tobacco and Pan Masala : मशीन पर भी सेस से छूट
हालांकि इसमें मशीन की उत्पादन क्षमता महत्वपूर्ण है, ऐसे में इस पर छूट का भी विशेष प्रावधान है। यदि यह उत्पाद बनाने वाली मशीन 15 दिन से अधिक समय के लिए बंद रहती है, तो छूट ली जा सकती है। नए बनने वाले इस कानून के तहत तंबाकू उत्पादों पर पहले से लग रहे 40 % GST के साथ 70% सेस भी वसूला जाएगा। वहीं सिगरेट पर लंबाई के अनुसार टैक्स का निर्धारण किया गया है। प्रति एक हजार सिगरेट पर नए सेस के तहत 2700 से लेकर 11000 रुपये तक का भुगतान करना होगा।
Cess on Tobacco and Pan Masala : खास फंड में जाता है सेस से आया पैसा
सेस एक तरह से टैक्स में ही नए कर की व्यवस्था रहती है। यह माना जाता है कि सेस लगाने के पीछे सरकार का लक्ष्य खर्च चलाने के लिए अतिरिक्त धन जुटाना होता है। सामान्य टैक्स से यह अलग होता है। सामान्य कर से मिलने वाली धन राशि सरकार के कंसालिडेटेड फंड में जमा होती है। यह राशि किसी भी मद में खर्च की जा सकती है। वहीं सेस से आने वाली राशि जमा तो कंसालिडेटेड फंड में होती है, लेकिन इसको विशेष योजना के लिए ही एकत्रित किया जाता है।










