Delhi Colonies Regularization : दिल्ली में अवैध कालोनियां होंगी नियमित, मिलेगा मालिकाना हक
दिल्ली सरकार की बड़ी पहल, 1521 कॉलोनियों को मिलेगा लाभ
Delhi Colonies Regularization : दिल्ली की अवैध कालोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए खुशखबरी है। अब दिल्ली की 1521 कॉलोनियों को नियमित करने की योजना तैयार हो गई है। ऐसे में यहां रहने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ होगा।
इस योजना के तहत 2019 में शुरू की गई पीएम उदय योजना के तहत मालिकाना हक दिए जाने हैं। इस प्रक्रिया को अब आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत नियमितीकरण किया जाएगा। इन कॉलोनियों में मालिकाना हक (पीएम-उदय) मिलने के बाद यहां रहने वाले लोग अपनी प्रॉपर्टी को एमसीडी से नियमित करवा पाएंगे।
इसको लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में शुरू की गई पीएम उदय योजना के तहत मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके तहत लोग अपनी प्रॉपर्टी को नियमित करवा सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कुल 1521 कॉलोनियों को इस योजना में शामिल किया जा रहा है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में नई अनाधिकृत कॉलोनियां नहीं बढ़ें। इसके लिए एमसीडी की टास्क फोर्स को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
आवास बन रहा बड़ी समस्या
दरअसल दिल्ली में देश भर से लोग आते हैं। यहां जमीन की कीमत अधिक होने के कारण काफी लोग अवैध कालोनियों में सस्ते प्लाट ले लेते हैं। ऐसे में यहां सुविधाएं नहीं मिल पाती। अब इन कालोनियों को नियमित कर सरकार सभी प्रकार की सुविधाएं सुनिश्चित करने की योजना बना रही है। ताकि दिल्ली में भारी भीड़ के लिए आधारभूत व्यवस्थाएं की जा सकें। इसके लिए ही यह योजना बनाई गई है।
लोगों को सुविधाएं देने के लिए सरकार गंभीर
इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में आबादी बढ़ रही है। ऐसे में लोगों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इस दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। इसके तहत दिल्ली का नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
ऐसे में सरकार ने फैसला लिया है कि ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत नमो भारत और रेलवे स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में विकास कार्य करवाए जाएंगे। इसके सिंगल विंडो व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसमें यह सुनिश्चित होगा कि 60 दिनों के अंदर आने वाले प्रस्तावों को मंजूर किया जाए।
यह होगा बड़ा बदलाव
दरअसल दिल्ली में करीब 50 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो अवैध कालोनियों में रहते हैं। अब तक नियम यह है कि 250 वर्ग मीटर तक की संपत्तियों को नियमित करने की प्रक्रिया दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए द्वारा दी जाती रही है। अब इसको बदला जाएगा। यह काम अब दिल्ली सरकार के पटवारियों को दिया जाएगा। वहीं दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग द्वारा कन्वेयंस डीड जारी करने की प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए 24 अप्रैल से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
दिल्ली में 22 तरह की समस्याएं
इस दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली व केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होने के कारण काम सरल होंगे। क्योंकि दिल्ली में 22 तरह की समस्याएं हैं। इनको दूर करने के लिए जरूरी है कि सभी एजेंसियों के बीच तालमेल हो। इसके लिए सरकार कानून में भी बदलाव करेगी। पहले जहां अलग-अलग सर्किल में अलग-अलग रेट लागू किए जाते थे। अब ऐसा नहीं होगा।
हटेगी सीएलयू की शर्त
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट TOD के तहत अब 2000 वर्ग मीटर के प्लॉट पर TOD लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार लैंड यूज की शर्त को हटा चुकी है। इसके तहत पूरे प्लॉट के 65 प्रतिशत हिस्से में आवास निर्माण की अनुमति रहेगी। इसके लिए संपत्ति मालिक को प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 10 हजार रुपये फीस भरनी होगी। इससे 500 मीटर तक FAR की अनुमति भी मिल जाएगी।










