Gurugram Drainage : … तो क्या इस बार मानसून में गुरुग्राम में नहीं होगा जलभराव
बनाई जा रही 4.5 किलोमीटर लंबी ड्रेन, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण करवा रहा है निर्माण
Gurugram Drainage : मानसून के मौसम में साईबर सिटी गुरुग्राम के कई क्षेत्रों जल भराव आम बात है। लेकिन इस बार मानसून के दौरान गुरुग्राम जलभराव नहीं हो, इसके लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण यानी GMDA ने फुलफ्रूफ प्लान तैयार किया है।
इसके तहत गुरुग्राम में एक ड्रेन का निर्माण किया जा रहा है। इसका करीब 95 प्रतिशत काम भी पूरा हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार मानसून के मौसम में यह ड्रेन गुरुग्राम के लोगों को राहत देने का काम करेगी। ड्रेन के निर्माण कार्य की जांच के लिए जीएमडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आईएएस पीसी मीणा ने दौरा भी किया।
निर्धारित समय सीमा में कार्य हो पूरा
निरीक्षण के दौरान जीएमडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने शहर में अन्य जल निकासी प्रबंधनों का भी जायजा लिया। साथ ही जहां- जहां मानसून के दौरान पानी ठहरता है, वहां की स्थिति जांची। ऐसे में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बारिश के दौरान जल जमाव नहीं हो।
1400 क्यूसेक पानी निकासी की क्षमता
गौरतलब है कि साईबर सिटी को बारिश में जलभराव से बचाने के लिए वाटिका चौक से राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के साथ-साथ करीब 4.5 किलोमीटर लंबी लेग-4 ड्रेन का निर्माण किया जा रहा है। इसी का निरीक्षण सीईओ द्वारा किया गया। अधिकारियों के अनुसार यहां पर 9 मीटर चौड़ी और 3 मीटर गहरी ड्रेन का निर्मण किया जा रहा है। यह ड्रेन 1400 क्यूसेक क्षमता रखती है। इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
120 मीटर निर्माण कार्य शेष
हालांकि इस 4.5 किलोमीटर लंबी ड्रेन में से फिलहाल करीब 120 मीटर निर्माण कार्य बचा हुआ है। ऐसे में अगले 15 दिन में यह कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है। यह ड्रेन साईबर सिटी को जलभराव से बचाऐगी। क्योंकि इससे बादशाहपुर ड्रेन को राहत मिलेगी। यानी जो पानी बादशाहपुर ड्रेन से निकाला जाता था वह लेग-4 में आ जाएगा। इतना ही नहीं इस ड्रेन में आधुनिक गेट प्रणाली लगाई है। ऐसे में आपस में लेग-1 से 4 तक में पानी मोड़ा जा सकेगा।
यह है गुरुग्राम का आधुनिक वर्षा पानी निकासी सिस्टम
दरअसल गुरुग्राम में वर्षा का पानी निकलाने के लिए शहर में खास नया और आधुनिक ड्रेन सिस्टम लगाया गया है। इसके तहत लेग-1 यानी नाथूपुर DLF Phase-3 से शुरू होकर ड्रेन साइबर सिटी, उद्योग विहार, सेक्टर 23, रजांगला चौक और न्यू पालम विहार के रास्ते नजफगढ़ ड्रेन तक पहुंचती है।
वहीं लेग-2 ड्रेन का निर्माण सेक्टर 42 से हूडा सिटी सेंटर, सेक्टर, अतुल कटारिया चौक, शीतला माता रोड और अशोक विहार से निकलते हुए नजफगढ़ ड्रेन तक पहुंचती है। लेग-3 के तहत बादशाहपुर ड्रेन का निर्माण हुआ है। इस का निर्माण गांव घाटा गांव से होंडा चौक, वाटिका चौक जैसे क्षेत्रों से सेक्टर 99 के रास्ते नजफगढ़ ड्रेन तक किया गया है।
वहीं Leg 4 ड्रेन सोहना रोड से शुरू होकर दिल्ली-जयपुर हाईवे के साथ-साथ बनाई गई है। इससे लेग-3 में पानी का दबाव अधिक होने पर आसानी से निकासी की जा सकेगी।
इसलिए महत्वपूर्ण है लेग-4 ड्रेन
लेग-4 ड्रेन का निर्माण होने से मेदांता अस्पताल रोड और इसके आसपास से अंडरपास और सेक्टर-32 क्षेत्र को राहत मिलेगी। क्योंकि नई ड्रेन से हाईवे के पास भरने वाले बारिश के पानी को लेग-3 तक तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल पानी निकासी की व्यवस्था ऐसी है कि इस क्षेत्र से बारिश के पानी को पहले हीरो होंडा चौक की ओर ले जाना पड़ता है।
मानेसर ड्रेन जोड़ने की योजना
इस दौरान जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने सेक्टर 37-डी में लेग-3 और 4 मास्टर ड्रेन को मानेसर ड्रेन से जोड़ने की योजना की भी जानकारी ली। क्योंकि यह परियोजना गुरुग्राम को पूरी तरह से बारिश के पानी से राहत देने का काम करेगी।










