Green Cess Tax : बाहर से आने वाले वाहनों पर टैक्स लगा कर 100 करोड़ कमाएगी उत्तराखंड सरकार
दूसरे राज्यों के निजी वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने की तैयारी
Green Cess Tax : दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर अब उत्तराखंड सरकार द्वारा ग्रीन सेस टैक्स लगाया जाएगा। इससे उत्तराखंड सरकार हर साल करीब 100 करोड़ रुपये कमाई की तैयारी कर रही है। यह कार्य सरकार द्वारा शुरू भी कर दिया है। यानी अब जो वाहन दूसरे राज्यों से उत्तरखंड जा रहे हैं, उनको ग्रीन सेस टैक्स का भुगतान करना पड़ रहा है। सरकार को अनुमान है कि इससे प्रति दिन करीब 25 लाख रुपये का टैक्स मिलेगा।
हालांकि दूसरे राज्यों से उत्तरखंड आने वाले व्यवसायिक वाहनों पर पहले ही ग्रीन सेस टैक्स वसूला जाता रहा है। अब यह टैक्स निजी वाहनों से भी लिया जाने लगा है। ऐसा नहीं है कि उत्तरखंड राज्य में रजिस्ट्रर्ड होने वाले वाहनों को इससे छूट है। बस इन वाहनों से पंजीकरण के दौरान ही एकमुस्त इस कर की राशि ले ली जाएगी। ऐसे में निजी वाहनों पर ग्रीन सेस टैक्स उत्तरखंड की राज्य की कमाई का बड़ा माध्यम बन सकता है।
15 स्थान पर लगाए एपीएनआर कैमरे
दूसरे राज्यों से उत्ताखंड आने वाले वाहनों की पहचान के लिए सरकार द्वारा विशेष व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए राज्य की सीमाओं पर 5 स्थानों पर आटोमेटेड नंबर प्लेट रिकगनिशन (एपीएनआर) कैमरे लगाए गए हैं। जैसे ही बाहर के राज्य में पंजीकृत कोई निजी वाहन उत्तरखंड राज्य में आता है, इन कैमरों से ऐसे वाहनों की पहचान कर सेस वसूला जाएगा।
अब तक सिर्फ व्यवसायिक वाहनों से यह टैक्स लेने से हर साल करीब 25 करोड़ रुपये की राशि सरकार को मिलती थी। अब इसके 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए राज्य सरकार ने परिवहन विभाग द्वारा एक कंपनी से समझौता भी किया है। अब सरकार 15 फरवरी से इन सभी स्थानों पर टैक्स वसूलने की तैयारी कर रही है।
नारसन चेक पोस्ट पर हुई शुरूआत
बाहर से आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस टैक्स वसूलने का कार्य उत्तरखंड की नारसन चेक पोस्ट से की जा चुकी है। हालांकि यह बिजली संबंधित शिकायतें आ रही हैं। क्योंकि बिजली का कनेक्शन बार-बार टूट जाता है। हालांकि सर्वर पर डेटा सेव होने के कारण भी दिक्कत आ रही हैं। हालांकि ऐसे वाहनों का डाटा परिवहन विभाग आइटीडीए से लेने का प्रयास कर रहा है। हालांकि जरूरी सेवा वाले वाहनों जैसे एंबुलेंस और अग्निशमन के वाहनों को छूट देते हुए बिना टैक्स के ही निकाला जाएगा।
सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर नहीं लगेगा टैक्स
चूंकि यह टैक्स ग्रीन सेस है, ऐसे में सीएनजी से चलने वालो वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर भी यह टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा सभी पेट्रोल व डीजल वाहनों पर टैक्स लिया जाएगा है। वहीं दो पहिया व तिपहिया वाहनों को भी टैक्स से मुक्त रखा जाएगा। सरकारी वाहन भी इस टैक्स की श्रेणी में नहीं आएंगे। सेस प्राप्त होने वाली राशि को राज्य सरकार सड़कों की सुरक्षा पर खर्च किया जाएगा। ऐसे में जो राशि लोग टैक्स के रूप देंगे वह उनकी सुरक्षा पर भी खर्च होगी।
लाखों लोग जाते हैं उत्तरखंड
हर साल लाखों लोग उत्तरखंड जाते हैं। इनमें से अधिकतर लोग हरिद्वार व इसके आसपास के क्षेत्रों में ही जाते हैं। वहीं कसोली, देहरादून और नैनीताल जाने वाले लोग भी काफी संख्या में हैं। अधिकतर लोग अपने निजी वाहनों से ही इन स्थानों पर जाते हैं। यह अब सरकार के लिए अतिरिक्त कमाई का माध्यम बनेंगे।
वाहनों से सेस वसूलने की दर
फिलहाल जो ग्रीन सेस कर उत्तरखांड राज्य सरकार द्वारा लिया जा रहा है, इसके तहत हल्के मोटर वाहन जैसे कार और हल्के माल वाहक वाहन 80 रुपये टैक्स चुका रहे हैँ। इसके अलावा 12 सीटर से अधिक क्षमता वाली बसों से 140 रुपये लिया जाता है। 7 एक्सेल वाले भारी ट्रक वाहनों को 700 रुपये सेस के रूप में देना पड़ता है। जो वाहन बार-बार आते हैं, उनके लिए विशेष छूट की व्यवस्था भी की गई है।










