Health update : बदलते मौसम और धूल से बढ़ा आंखों का संक्रमण, जानें कैसे बचाएं आंखें
हरियाणा डायरी, जींद।
Health update : गर्मी का सितम जारी है लेकिन बीच-बीच में मौसम में बदलाव हो रहा है तो साथ ही धूल भरी आंधी चल रही है। बदलते मौसम और धूल का असर आंखों पर देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से आंखों में संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं। आंखों को धूल और संक्रमण से कैसे बचाएं, आइए बताते हैं।
जींद के सिविल अस्पताल के नेत्र विभाग, रोहतक पीजीआई, खानपुर मेडिकल कॉलेज के आंकड़े बताते हैं कि कुल ओपीडी की 30 प्रतिशत ओपीडी आंखों से संबंधित रोगियों की आ रही हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर 100 मरीजों में से 30 मरीज आंखों की एलर्जी, जलन, पानी आना, संक्रमण के आ रहे हैं। वर्तमान मौसम में गर्म हवाएं और धूल के कण आंखों को अधिक प्रभावित कर रहे हैं।
Health update : धूल, गर्मी और प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन
जींद में नेत्र रोग विशेषज्ञ राजबीर बेरवाल, सरस्वती आई केयर के डॉ. अजय गर्ग का कहना है कि इस समय धूल, प्रदूषण और गर्म मौसम के कारण आंखों की सतह पर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी संक्रामक भी हो सकती है, जिससे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक संक्रमण पहुंचने की आशंका रहती है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही हमें आंखों की बीमारी कर सकती है।

Health update : आंखों में संक्रमण के प्रमुख लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार आंखों में संक्रमण के यूं तो कई लक्षण हैं लेकिन जो ज्यादा हैं, वह हम आपको बता रहे हैं। आंखों में संक्रमण के चलते आंखें लाल होना, आंखों में लगातार खुजली या जलन महसूस होना, आंखों में दर्द रहना, आंखों से पानी या चिपचिपा स्राव निकलना तथा पलकों का सूज जाना जैसे लक्षण शामिल है। इसके अलावा कई बार मरीजों को आंखों में किरकिराहट और रोशनी से परेशानी की शिकायत भी होती है। ये प्रमुख लक्षण फिलहाल सामने आ रहे हैं।
Health update : आंखों में संक्रमण से कैसे बचें
जींद सिविल अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने बताया कि आंखों में संक्रमण से बचाव के लिए आंखों को बार-बार हाथ लगाने से बचें । साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनना, धूल भरे वातावरण से बचें और आंखों को स्वच्छ पानी से धोना संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है। इसके अलावा आंखों को न मसलें।
डॉ. राजेश भोला ने ये भी कहा कि मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों का लंबे समय तक उपयोग करने वाले लोगों को नियमित अंतराल पर आंखों को आराम देना चाहिए। लगातार लंबे समय तक कंप्यूटर या स्क्रीन पर काम करते हैं तो आंखों में दिक्कत आती है।
इसके अलावा व्यक्तिगत तौलिया, रूमाल और अन्य वस्तुओं का साझा उपयोग करने से भी बचना चाहिए। यदि आंखों की लालिमा, दर्द या पानी आना लगातार बना रहे तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए, ताकि संक्रमण गंभीर रूप न ले सके।










