4 February Weather : 4 फरवरी को मौसम खुश्क, 5 को कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
फिर से आ रही पश्चिमी विक्षोभ की आहट मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
4 February Weather : पिछले कुछ दिन से मौसम लगातार परिवर्तनशील चल रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रूप दिखेगा। हालांकि अब सर्दी कम होने लगी है, लेकिन सुबह-शाम के समय शीतलहर की स्थिति बन रही है। इसी बीच मौसम विभाग का बड़ा अपडेट सामने आया है। इसके अनुसार 4 व 5 फरवरी को मौसम में बड़ा अंतर दिखेगा। 4 फरवरी को जहां मौसम खुश्क रहेगा, वहीं 5 फरवरी को फिर से मौसम बदलेगा और कई राज्यों में बारिश की संभावना है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके कारण 6 से 9 फरवरी के बीच हल्की बारिश होगी। साथ ही तापमान में भी गिरावट आने की उम्मीद है। इसके के प्रभाव के रूप में ठंड फिर से बढ़ जाएगी। हालांकि फरवरी महीने की शुरूआत से ही मौसम में गर्मी बढ़ रही है, लेकिन सुबह-शाम के समय ठंड अधिक है। हालांकि दिन के समय धूप निकलने से तापमान बढ़ रहा है। हालांकि 3 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा रहा।
फिर बढ़ेगी ठंड
हालांकि अब धीरे-धीरे ठंड कम हो रही है, लेकिन नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर से ठंड बढ़ने की आशंका है। क्योंकि IMD का कहना है कि 5 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे उत्तर-पश्चिम भारत का बड़ा क्षेत्र प्रभावित होगा। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, दिल्ली एनसीआर, पंजाब, हरियाणा सहित इनके साथ लगते राज्यों के क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 6 और 7 फरवरी को हरियाणा के अधिकतर हिस्सों में बारिश होगी। इसके बाद 8 और 9 फरवरी को भी हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं। ऐसे में फिर से मौसम बदल जाएगा और ठंड बढ़ जाएगी। वहीं 4 फरवरी को दिल्ली एनसीआर में घना कोहरा रहेगा।
रोक दें सिंचाई
वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डा. सुभाष चंद्र का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को गेहूं, सरसों सहित सब्जियों की फसलों में भी सिंचाई रोक देनी चाहिए। विशेषकर गेहूं की फसल में जिन किसानों ने यूरिया की पूरी खुराक नहीं दी है, वे बारिश के बाद दे सकते हैं। हालांकि इसके बाद मौसम साफ होने से जल्दी ही सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है।
4 फरवरी काे उत्तर प्रदेश में बदलेगा मौसम
हालांकि उत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्र खुश्क रहने की संभावना है कि, लेकिन उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। इसके परिणाम स्वरूप बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान ओलावृष्टि की भी आशंका बनी हुई है। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने वाली हवाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके परिणाम स्वरूप तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। 5 फरवरी को बदल रहे मौसम का असर इन क्षेत्रों में दिखेगा।

पहाड़ों में बर्फबारी
इस बार पहाड़ों में बर्फबारी काफी अधिक हो रही है। अब बदल रहे मौसम का असर भी पहाड़ों में बर्फबारी के रूप में दिखेगा। मौसम विभाग का कहना है कि हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, मनाली, किन्नौर और मंडी क्षेत्रों बारिश के साथ बर्फबारी रहेगी। वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों मे हिमपात होगा।
इसके अलावा पहाड़ों में ही जम्मू-कश्मीर का मौसम पहले ही ठंडा चल रहा है। यहां हो रही बर्फबारी में तेजी आ सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश
वही मौसम विभाग ने कहा है कि अरब सागर के ऊपर बन रहे खास दबाव का असर दक्षिण भारत के मौसम में दिखेगा। 5 फरवरी से दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप में बारिश का अलर्ट आ सकती है। इसके लिए मौसम विभाग ने खास चेतावनी जारी की है। ऐसे में देश के अधिकतर हिस्सों में आने वाले कुछ दिनों में बारिश का असर देखने को मिलेगा। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी व पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।










