Gram Panchayat news : हरियाणा में ग्राम पंचायतों को सीधे नहीं मिलेगी HRDF ग्रांट राशि, 3 स्टैप में होगा पैसा रिलीज
एस्टीमेट अप्रूव करवाने की प्रक्रिया भी बदली, देखें पूरा प्रोसिजर
Gram Panchayat news : हरियाणा सरकार ने ग्राम पंचायतों के अधिकारों को सीमित कर दिया है। अब हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड (HRDF) स्कीम का ग्रांट सीधे खाते में एकमुश्त नहीं मिलेगा, इसके लिए 3 स्टैप में राशि रिलीज की जाएगी। इसके अलावा एस्टीमेट अप्रूव करवाने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। सरकार ने इसे लेकर पत्र भी जारी कर दिया है। आइए दोनों स्कीमों का प्रोसिजर आपको डिटेल में बता देते हैं।
सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार तीन चरणों में विकास कार्य की पेमेंट की जाएगी। गांव में (Gram Panchayat) जब भी विकास का काम शुरू होगा तो काम के शुरू होते ही इसका फोटो खींच कर मुख्यालय को भेजना होगा। इसके बाद दूसरा चरण ये होगा कि जब काम 50 प्रतिशत काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद काम जब फाइनल हो जाएगा तो उसकी फोटो भेजनी होगी। फोटो जीयो टैग होगा और इस पर लोकेशन से लेकर तारीख और समय दिखना जरूरी है, ताकि पता चल सके कि फोटो रियल टाइम पर ली गई है। इसके बाद एजेंसी या ठेकेदार का जो बिल बनेगा, उसकी क्रॉस वेरिफिकेशन विभाग के मुख्यालय द्वारा की जाएगी। इसके बाद पेमेंट रिलीज होगी।
दरअसल पहले ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) द्वारा जो भी विकास कार्य करवाना होता तो इसकी डिमांड मुख्यालय से करते ही HRDF स्कीम का पैसा खाते में आ जाता था। हालांकि इसकी पेमेंट काम खत्म होने के बाद की जाती थी लेकिन तब तक पंचायत के खाते में ही पैसा पड़ा रहता था। कई बार काम बीच में रूक जाता तो महीनों तक रुपए खाते में पड़े रहते थे। सरकार के सामने इस तरह के मामले पहुंचे तो उन्होंने नियमों में बदलाव किया और पत्र जारी किया कि HRDF स्कीम का पैसा काम पूरा होने के बाद रिलीज किया जाएगा।

Gram Panchayat : एस्टीमेंट मंजूर की प्रक्रिया में भी बदलाव
सरकार ने ग्राम पंचायतों के एस्टीमेट मंजूर करवाने की प्रक्रिया में भी बदलाव कर दिया है। दरअसल अभी तक ये होता था कि गांव में 21 लाख रुपए तक के जो काम होते थे, वह एक्सईएन से ही अप्रूव हो जाते थे। 21 लाख से ज्यादा की अमाउंट होने पर मुख्यालय से स्वीकृति लेनी होती थी और उनका ऑनलाइन टेंडर जारी होता था। अब 21 लाख तक के एस्टीमेट के लिए भी एक्सईएन से ऊपर मुख्यालय से मंजूरी मिलेगी।
ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) इस एस्टीमेट को एक्सईएन को भेजेगी। आगे चीफ इंजीनियर द्वारा इसको हेड क्वार्टर भेजा जाएगा और सीनियर अधिकारियों को बताया जाएगा। वहां से ही स्वीकृति मिलेगी। इन कार्यों के बिल ग्राम पंचायतों की ओर से एचआरडीएफ (HRDF) के अकाउंट ऑफिसर को भेजने होंगे। इसके बाद सीनियर अधिकारियों के जरिए यह बिल एचआरडीएफ के एमडी के पास जाएंगे। तभी ऑनलाइन भुगतान होगा। बिलों का सत्यापन किया जाएगा।

Gram Panchayat : सरकारी प्रवक्ता और सरपंच एसोसिएशन के प्रधान ने रखा ये पक्ष
इस मामले में सरकारी प्रवक्ता ने ये बताया कि उनके पास ऐसे कई मामले पहुंच चुके थे कि ग्राम पंचायत के खाते में फंड के लाखों रुपए पड़े रहते हैं और वह काम नहीं आता, क्योंकि पेमेंट तो काम पूरा होने के बाद ही मिलती है, इसलिए फंड को तभी जारी किया जाएगा, जब काम पूरा हो जाएगा।
सरकार द्वारा जारी इस पत्र के बाद सरपंचों में भी अंदरखाने बगावती सुर उठने लगे हैं। दबी आवाज में सरपंच इसका विरोध भी करने लगे हैं। सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर समैन ने भी कहा कि सरकार के इस फरमान से विकास कार्यों में देरी होगी और पेमेंट प्रोसिजर लंबा होगा। यह फैसला उचित नहीं है।










