Magh Mela : माघ मेले में लगी आग, मचा हड़कंप
मकर संक्रांति पर उमड़ रहे हैं लाखों श्रद्धालु
Magh Mela : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेला में मंगलवार 13 जनवरी को अचानक आग लग गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मंगलवार 13 जनवरी को शाम के समय सेक्टर 5 मेला क्षेत्र के एक शिविर में आग गई। इससे श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ। आग की लपटों को देख कर लोगों में भगदड़ मच गई। सूचना मिलने पर मेला प्रशासन ने आग पर काबू पाया।
मकर संक्रांति के मौके पर प्रयागराज में होने वाले माघ मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। विशेषकर मकर संक्रांति और इसके बाद आने वाले प्रमुख स्नान और पर्वों को लेकर श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मकर संक्रांति के बाद मौनी अमावस्या तक कई प्रमुख स्नान आते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने विशेष तौर पर मेले को लेकर निर्देश दिए हैं। इस मेले में विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है।
Magh Mela : झूंसी के सेक्टर चार में सबसे बड़ा एरावत स्नान घाट बनाया जा रहा है। यहां पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार, बंगाल, ओड़िसा, छत्तीसगढ़, झारखंड के साथ पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगा सकेंगे। इसके लिए खासतौर पर व्यवस्था की गई है। अलग-अलग सेक्टर में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई है। मध्य उप्र व पश्चिमी उप्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से आने वाले श्रद्धालुओं को सेक्टर एक में व्यवस्था है। सेक्टर दो व पांच के साथ छह के घाटों पर स्नान कराया जाएगा। गुजरात, महाराष्ट्र व दक्षिण भारत के राज्यों के लिए सेक्टर चार व सात के घाट निर्धारित किए गए हैं।

Magh Mela : बनाई जा रही है व्यवस्था
मकर संक्रांति के मौके पर व्यवस्था बनाने के लिए मेला प्रशासन द्वारा खास प्रंधन किए गए हैं। इसके तहत 13 जनवरी शाम से ही मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया। इसके अलावा 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रांति के मौके पर होने वाले स्नान पर आसपास के वाहनों को रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मकर संक्रांति के बाद18 जनवरी को मौनी अमावस्या को भी भव्य स्नान होगा। इसको लेकर 16 जनवरी की शाम से ही मेला में वाहन आने पर रोक लगाने की योजना तैयार है। इसके लिए 42 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यहां पर एक लाख 30 हजार वाहन पार्क किए जा सकेंगे।
Magh Mela : फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी पर भी रोक
माघ मेला बहुत ही व्यापक स्तर पर होता है। इस दौरान माघ मेला में स्नान के लिए बनाए गए घाटों को फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह रोक रहेगी। मुख्य स्नान स्थल संगम सहित कुल 3.69 किलोमीटर में बनी सभी16 घाटों पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि मीडिया के लिए यह नियम लागू नहीं रहेगा।
Magh Mela : 44 दिन चलेगा है माघ मेला
माघ मेले की शुरूआत 3 जनवरी से हुई है। माघ मेला 44 दिन चलेगा। इस दौरान अलग-अलग दिनों में विशेष स्नान व पर्व आते हैं। इन पर्वों पर अन्य दिनों के मुकाबले लोगों की संख्या व वाहनों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में मेला प्रशासन द्वारा यातायात के साथ सुरक्षा की भी विशेष योजना तैयार की गई है। पहले यह मेला क्षेत्र 3 जोन में होता था, लेकिन इस बार इसको 5 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की सुरक्षा एक एएसपी के जिम्मे है। लोगों की सुविधा के लिए 5 खोया-पाया केंद्रों की स्थापना की गई है। यहां पहुंचने वाले लोगों के लिए साइबर हेल्प डेस्क व महिला हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने के लिए 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।










