Bullet Train : अब दिल्ली से वाराणसी की दूरी महज 3 घंटे की
बुलेट ट्रेन को लेकर रेल मंत्री ने अधिकारियों के साथ की वर्चुअल मीटिंग
Bullet Train : दिल्ली से वाराणसी की दूरी तय करने में जहां सामान्य ट्रेन 12 घंटे से अधिक का समय लगता है, वही दूरी अब बुलेट ट्रेन से महज 3 घंटे में तय होगी। केंद्रीय बजट में सात बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा हुई है। इसमें से एक ट्रेन दिल्ली – वाराणसी के बीच चलनी है। इसको लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वाराणसी मंडल के रेल अधिकारियों के साथ चर्चा की। साथ ही उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की।
गौरतलब है कि दिल्ली से वारणसी की दूरी करीब 760 किलोमीटर है। इस दूसरी को तय करने में साधारण ट्रेन 12 से 14 घंटे तक का समय लेती हैं। हालांकि वंदे भारत ट्रेन से इस दूसरी को 8 घंटों में तय किया जा सकता है। अब इससे भी तेज गति से चलने वाली बुलेट ट्रेन इस दूसरी को महज 3 घंटे में तय करेगी। क्योंकि बुलेट ट्रेन हाईस्पीड रेलवे ट्रैक पर 250 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी।
प्रतिदिन आवागमन होगा संभव
इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस ट्रेन से कोई भी व्यक्ति प्रतिदिन वाराणसी से दिल्ली प्रतिदिन आवागमन कर सकता है। यानी सुबह दिल्ली से बुलेट ट्रेन से चल कर वाराणसी में अपने काम पर जाया जा सकता है। वहीं काम निपटाकर वापस दिल्ली रात तक पहुंच सकते हैं। हालांकि यह सुनने में अटपटा लग सकता है, लेकिन अब सच होने जा रहा है।
दिल्ली से वाराणसी तक बनेगा इकोनामिक कोरिडोर
इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दिल्ली से प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक 1 नया इकोनामिक कारिडोर विकसित किया जाना है। इससे इन शहरों के बीच पहुंचना दिल्ली से एनसीआर के क्षेत्रों में कार से जाने के बराबर हो जाएगा। इस कारिडोर के किनारे बड़ी कंपनियां और उद्योग विकसित होंगे। ऐसे में बुलेट ट्रेन इन उद्यमियों के बहुत बड़ा बदलाव होगा। क्योंकि ऐसे लोग दिल्ली में रह कर आसानी से इस कारिडोर में अपने व्यवसाय को संभाल सकते हैं। क्योंकि इस दूरी को अब 3 से 4 घंटे में तय किया जा सकता है।

धर्म नगरी के लिए विशेष सौगात
धर्म नगरी वाराणसी अपने आप में बहुत बड़ा केंद्र है। हजारों लोग ऐसे स्थानों की यात्रा करते हैं। ऐसे में पर्यटन के लिहाज से यह ट्रेन काफी महत्वपूर्ण होने जा रही है। इससे आम यात्रियों के साथ-साथ धार्मिक यात्रा करने वालों को काफी आसानी होगी।
इसके लिए केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को 20012 करोड़ रुपये के निवेश की सौगात भी मिली है। इससे पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में काफी सकारात्मक बदलाव होंगे।
पूर्व तक आसान होगी पहुंच
इस रेल परियोजना से देश के पूर्वी हिस्सों तक पहुंच आसान हो जाएगी। क्योंकि वाराणसी से सिलीगुड़ी के लिए भी परियोजना तैयार की जा रही है। रेल मंत्री का कहना है कि पहले दिल्ली से वाराणसी परियोजना के लिए डीपीआर पर काम शुरू होगा। इससे लोग पूर्व भारत तक आसानी से पहुंच सकेंगे। रेल मंत्री का कहना है कि बुलेट ट्रेन का किराया मध्यम और निम्न वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रख कर ही निर्धारित किया जाएगा। अगले पांच साल में प्रयागराज को पटना और सिलीगुड़ी जैसे शहरों से जोड़ने की योजना है।
7 बुलेट ट्रेन की योजना
केंद्रीय बजट में सरकार ने 7 बुलेट ट्रेन कोरिडोर की योजना बनाई है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। इसमें दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे महानगरों को बुलेट ट्रेन के नेटवर्क से जोड़ा जाना है। हालांकि फिलहाल मुंबई से अहमदाबाद तक हाईस्पीड रेल कोरिडोर पर काम चल रहा है। इस काम के 15 अगस्त 2027 तक पूरा होने की संभावना है। वहीं इन 7 कोरिडोर के निर्माण पर 16 लाख करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है।










