Underwater Tunnel : असम में बनेगी अंडरवाटर ट्विन ट्यूब रोड-कम-रेल टनल
20 मिनट में तय होगा 6 घंटे का रास्ता, 1862 करोड़ रुपये खर्च होंगे
Underwater Tunnel : बेहतर तकनीक और विकास परियोजनाओं के कारण आजकल दूरियां सिमट रही हैं। बड़े -बड़े हाईवे लोगों का रास्ता आसान व छोटा कर रहे हैं। देश में इस प्रकार की कई परियोजनाएं चल रही हैं या पूरी हो गई हैं। लेकिन आज जिस परियोजना के बारे में हम आपको बता रहे हैं, वह बहुत ही विशेष है। क्योंकि देश के देश के पूर्वोत्तर के राज्य असम में बनने वाली इस परियोजना से दूरी और समय चमत्कारी रूप से घट जाएंगी। यह परियोजना पूरे पूर्वोत्तर के विकास में नई गाथा लिखने जा रही है।
जी हां अभी जिस रास्ते को तय करने में 6 घंटे का समय लगता है, वह महज 20 मिनट में पूरी होगा। इसके लिए असम में देश की पहली अंडरवाटर ट्विन ट्यूब रोड-कम-रेल टनल बनाने की तैयारी है। इसके लिए आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी से स्वीकृति मिल चुकी है। इस विशेष टनल के निर्माण पर करीब 18662 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह सुरंग पानी के नीचे बनेगी। पानी के नीचे बनने वाली इस टनल से गाड़ियों के साथ-साथ ट्रेन भी चलाई जा सकेंगी। यह टनल बनने से पूर्वोत्तर राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड को बेहतर यातायाता की सुविधा मिल पाएगी।
कहां बनेगी यह सुरंग
देश में बन रही पहली इस प्रकार की सुरंग को लेकर आप भी इसके स्थान के बारे में सोच रहे होंगे। तो बता देते हैं, यह सुरंग असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनाई जानी है। जो देश की पहली रोड-कम-रेल अंडरवाटर टनल होगी। अब तक जिस 240 किलोमीटर की दूरी को तय करने में 6 घंटे का समय लगेगा, इस नए टनल से यह दूरी महज 34 किलोमीटर रह जाएगी। इसको तय करने में करीब 20 मिनट का समय लगेगा। यह सुरंग ब्रह्मपुत्र नदी के पास गोहपुर और नुमालीगढ़ को जोड़ कर इस दूरी को घटा देगी। क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग 15 गोहपुर और राष्ट्रीय राजमार्ग -715 नुमालीगढ़ को जोड़ने के लिए कालियाभोमोरा रोड ब्रिज का सहारा लेना पड़ता है। यह दूरी 240 किलोमीटर है। यह रास्ता विश्वनाथ, काजीरंगा नेशनल पार्क और नुमालीगढ़ से होकर जाता है। यह बहुत लंबा रास्ता है। इस टनल के निर्माण पर करीब 18662 करोड़ रुपये खर्च होंगे
फ्रांस व लंदन में होती हैं ऐसी सुरंग
हालांकि इस प्रकार की सुरंग फ्रांस व लंदन में देखने को मिलती है। अब भारत में भी वैश्विक स्तर का आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके तहत यह निर्माण होने जा रहा है। यह देश की पहली रोड-कम-रेल अंडरवाटर सुरंग बनने जा रही है। इससे जहां यात्रा समय में बहुत अधिक कमी आएगी, वहीं इससे पूर्वोत्तर के राज्यों में आर्थिक विकास तेज किया जा सकेगा। इस टनल को इस प्रकार से डिजाइन किया जाएगा कि इससे ट्रेन के साथ गाड़ियों को भी आसानी से चलाया जा सकेगा। साथ ही इनके परिचालन में स्पीड भी किसी प्रकार की बाधा नहीं बनेगी।
16 किलोमीटर लंबी होगी सुरंग
इस परियोजना के तहतर सुरंग की लंबाई करीब 16 किलोमीटर होगी। यह सुरंग गोहपुर के पास NH-15 को नुमालीगढ़ स्थित NH-715 को जोड़ देगी। यहां पर शानदार 4-लेन कॉरिडोर बनाने की योजना है। इससे देश के पूर्वोत्तर का जुड़ाव बेहतर होगा। क्योंकि अभी तक पूर्वोत्तर के राज्यों तक रेल या सड़क मार्ग से जाना बहुत ही मुशकिल है। यह सफर लंबा होने के कारण कई प्रकार की परेशानियां आती हैं। इस दूरी में अब सीधे तौर पर करीब साढ़े 5 घंटे का समय बचने वाला है।
देश की सुरक्षा के लिए भी महत्पूर्ण
यह परियोजना जहां आम लोगों का जीवन आसान बनने वाली है, वहीं देश की सुरक्षा के लिए भी काफी महत्वपूर्ण होगी। क्योंकि इससे अरूणाचल प्रदेश तक पहुंच आसान हो जाएगी। यहां सीमावर्ती क्षेत्र तक जरूरत का सामान भी जल्दी पहुंच पाएगा। इसके अलावा लोग देश के पूर्वोत्तर के समृ्द्ध पर्यटक स्थलों का भी आनंद ले सकेंगे। साथ ही पूर्वोत्तर के लोग भी देश के अन्य भागों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।










