Success Story Haryana : न्योली कलां गांव के बलवंत सिंह ने संघर्षों के बीच बनाई आईटी इंडस्ट्री में पहचान
अब पॉडकास्ट के माध्यम से युवाओं को दे रहे मार्गदर्शन। आइए जानते हैं बलवंत सिंह के संघर्ष और मेहनत की कहानी। किसान परिवार से आने वाले बलवंत सिंह ने कठिन परिश्रम से अलग पहचान बनाई है।
Success Story Haryana : हरियाणा डायरी हिसार : हिसार जिले के गांव न्योली कलां निवासी बलवंत सिंह की कहानी संघर्ष, मेहनत और निरंतर प्रयास की मिसाल है। किसान परिवार से आने वाले बलवंत सिंह के पिता स्वर्गीय श्री धर्मपाल किसान थे, जबकि उनकी माता श्रीमती मीना देवी गृहिणी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
साल 2004 में बलवंत सिंह ने 10वीं कक्षा केवल 46 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी और एक विषय में असफल भी रहे। कम अंक होने के कारण उन्हें कई स्कूलों में साइंस विषय नहीं मिला, जबकि उनकी रुचि विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में थी। मजबूरी में उन्होंने कॉमर्स विषय से 12वीं शुरू की, लेकिन मनचाहा विषय न मिलने के कारण एक वर्ष का ब्रेक भी लेना पड़ा।
असफलताओं से नहीं मानी हार
इसके बाद उन्होंने हरियाणा सरकार की DET प्रवेश परीक्षा पास कर 2716 रैंक हासिल की और सरकारी पॉलिटेक्निक, झज्जर में Computer Science Engineering डिप्लोमा में प्रवेश लिया। डिप्लोमा के दौरान Nokia और Samsung जैसी कंपनियों में प्लेसमेंट के अवसर मिले, लेकिन 10वीं के कम अंकों के कारण वे HR राउंड में चयनित नहीं हो सके। इसके बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार सफलता के लिए परिश्रम करते रहे।
फिर जुड़ा सफलताओं का किस्सा
बलवंत सिंह की हार के बाद जब सफलताओं का किस्सा शुरू हुआ तो वह भी कम नहीं रहा। उन्होंने B.Tech और फिर M.Tech CSE की पढ़ाई पूरी की। M.Tech के दौरान उन्होंने 4G और 5G तकनीक पर रिसर्च आर्टिकल प्रकाशित किए। उन्होंने UGC NET परीक्षा 98 प्रतिशताइल के साथ पास की तथा HTET परीक्षा दो बार सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की। वर्ष 2014 में HTET पास किया, जिसमें उन्होंने 150 में से 110 अंक प्राप्त किए, तथा वर्ष 2019 में भी HTET परीक्षा सफलतापूर्वक पास की।
स्वयं का संघर्ष दूसरों के लिए मार्गदर्शन
वर्ष 2017 से 2022 तक उन्होंने KMA Technoware में Software Engineer के रूप में कार्य किया। इसी दौरान आर्थिक परिस्थितियों को संभालने और विद्यार्थियों की मदद के लिए उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी पढ़ानी शुरू की। उन्होंने कृष्णा क्लासेस, इम्पैक्ट अकादमी, दीवान सिंह अकादमी और करियर बूस्टर जैसे प्रमुख संस्थानों में कंप्यूटर विषय पढ़ाया।
उन्होंने KC Publication द्वारा प्रकाशित पुस्तक “Computer for Competitive Exams” के लेखन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें IBPS, HSSC, HPSC, UPSC सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कंप्यूटर सेक्शन को शामिल किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने संस्थानों के डिजिटल मार्केटिंग और तकनीकी सेटअप में भी सहयोग दिया।
असफलताओं से ली सीख पकड़ी नई राह
बलवंत सिंह ने हरियाणा डायरी को बताया कि वे मन में सरकारी शिक्षक बनने का सपना संजोए हुए थे, लेकिन यह शायद किस्मत में नहीं था। इसके लिए विभिन्न परीक्षाएं दी, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने निजी क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया और वर्ष 2022 में नोएडा शिफ्ट होकर आईटी इंडस्ट्री में कार्य शुरू किया। वर्ष 2023 में उन्होंने दुनिया की प्रतिष्ठित आईटी कंपनियों में शामिल Publicis Sapient को Senior Associate Technology पद के लिए सफलतापूर्वक क्रैक किया।
प्रतिभा को मिले सही दिशा
बलवंत सिंह स्वयं मानते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस उनको सही मार्गदर्शन की कमी रह जाती है। क्योंकि उन्होंने भी अपने संघर्षों के दौर में महसूस किया कि सही मार्गदर्शन के अभाव में कई युवा परेशान होते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने Balwant Singh Talks नाम से पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म शुरू किया, जहां वे शिक्षकों, सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, डॉक्टरों, HR एक्सपर्ट्स और विभिन्न क्षेत्रों में सफल लोगों के इंटरव्यू लेकर युवाओं को वास्तविक अनुभव और सही दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।










