UP electricity News : यूपी में लगेगा बिजली बिल का झटका, 3 महीने तक वसूली जाएगी सिक्योरिटी राशि, कितना बिगड़ेगा आपका मासिक बजट
घरेलू कनेक्शन पर 400 रुपये और कमर्शियल पर 1000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से ली जाएगी राशि
UP electricity News : उत्तर प्रदेश में बेशक बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड स्मार्ट मीटर से राहत मिल गई है, लेकिन अब बिजली बिल में तगड़ा झटका लगने वाला है। क्योंकि सरकार ने बिना सिक्योरिटी के जो स्मार्ट मीटर लगाए थे, उनकी सिक्योरिटी राशि 3 महीने में उपभोक्ता को चुकानी होगी।
इसके लिए 3 महीने के बिल में हर बार राशि जोड़ कर दी जाएगी। इसमें घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए 400 रुपये और कमर्शियल बिजली मीटर के लिए 1000 रुपये प्रति किलोवाट की दर से राशि तय की गई है। यह व्यवस्था उन स्मार्ट मीटर की सिक्योरिटी राशि वसूलने के लिए की जा रही है, जो निगम द्वारा लगाए गए हैं।
हालांकि अभी के लिए स्मार्ट मीटर की योजना को रोक दिया गया है। करीब 83 लाख स्मार्ट मीटर को भी बिजली विभाग द्वारा प्रीपेड से पोस्टपेड किया जा रहा है। इस योजना के तहत बलेरी जिला में ही 1 लाख 21 हजार से अधिक मीटर लगाए गए हैं।
प्रीपेड मीटर को किया जाएगा पोस्टपेड
दरअसल उत्तर प्रदेश में पावर कारपोरेशन द्वारा पहले से लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को दोबारा पोस्टपेड में बदलने का फैसला ले लिया है। इसके लिए सिस्टम से कमांड के आधार पर प्रीपेड मीटर पोस्टपेड में बदल जाएंगे। क्योंकि लंबे समय से बिजली उपभोक्ता इन प्रीपेड मीटरों का विरोध कर रहे थे।
ऐसे में जो भी मीटर की सिक्योरिटी राशि बनती है, वह उपभोक्ता से वसूली जानी है। इसके लिए तय हुआ है कि तीन महीने तक बिजल में जोड़ कर यह राशि उपभोक्ता से ली जाएगी।
पहले समायोजित हो चुकी है सिक्योरिटी राशि
हालांकि जब उत्तर प्रदेश में पोस्टपेड पुराने मीटर की जगह नए प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब भी उपभोक्ताओं की पुरानी सिक्योरिटी राशि जमा थी। इस राशि को पहले ही समायोजित किया जा चुका है। यानी अब उपभोक्ताओं की सिक्याेरिटी राशि बिजली विभाग की ओर बकाया नहीं है। क्योंकि अब दोबारा बिजली मीटर पोस्टपेड में परिवर्तन हो गया है। ऐसे में हर उपभोक्ता के मीटर पर स्वीकृत बिजली उपभोग लोड आधार पर ही सिक्योरिटी निर्धारित होगी।
कितनी होगी सिक्योरिटी राशि
चूंकि अब उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी राशि वसूल की जानी है, इसके लिए बिजली निभाग द्वारा सिक्याेरिटी राशि का निर्धारण भी कर लिया गया है। इसमें घरेलू कनेक्शन पर 400 रुपये प्रति किलोवाट और कमर्शियल कनेक्शन पर 1000 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से सिक्योरिटी राशि ली जानी है। यह सिक्योरिटी राशि को जून के बिल में जोड़ना शुरू किया जाएगा। इसके बाद अगले 3 महीने तक यह राशि बिल में जुड़ कर आती रहेगी।
फोन पर मिलेगा बिल
वहीं बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि इससे उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ जाएगा। साथ ही बड़ा बदलाव यह किया गया है कि स्मार्ट पोस्टपेड मीटर का बिल उपभोक्ताओं को मोबाइल फोन पर उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए एसएमएस या वाट्सएप पर बिल भेजने की व्यवस्था की गई है। यदि कोई उपभोक्ता इन माध्यमों का प्रयोग नहीं कर रहा है तो बिल बनने वाले महीने से अगले माह की 5 तारीख तक बिल नहीं मिलने पर मैनुअल रीडिंग के आधार पर 10 तारीख तक उपभोक्ताओं को बिल उपलब्ध करवाया जाएगा।
बिल नहीं मिलने पर करें शिकायत
हालांकि उपभोक्ताओं को सुविधा दी गई है कि बिजली का बिल निर्धारित समय में नहीं मिलने पर वे हेल्पलाइन नंबर 1912 पर अपनी शिकायत दे सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ता को बिजली बिल बनने के बाद 15 दिन का समय मिलेगा कि वह बिल की राशि का भुगतान कर दे। हालांकि इस समय में भी बिजली बिल का भुगतान नहीं होता है तो अगले 7 दिन के बाद कनेक्शन काटने की व्यवस्था रहेगी।
बकाया बिल जमा करवाने की आसान सुविधा
साथ ही बिजली अधिकारियों यह भी जानकारी दी कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल बकाया है, वे 10 किस्तों में इसको भुगतान कर सकते हैं। हालांकि यह सुविधा सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू रहेगी। इस योजना के तहत 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिलों का भुगतान किया जा सकता है।
हरियाणा में भी पड़ेगा असर
हालांकि हरियाणा में भी सरकार तेजी स्मार्ट प्रीपेड मीटर की योजना को आगे बढ़ रही है। ऐसे में इस योजना पर भी उत्तर प्रदेश के फैसले का असर पड़ सकता है। चूंकि उत्तर प्रदेश में कई प्रकार की तकनीकी खामियों के चलते प्रीपेड बिजली मीटर को दोबारा पोस्टपेड में बदलने का फैसला लिया गया है। इससे हरियाणा के उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सकती है।










