8000008017 : जीवनदाता मोबाइल नंबर, संकट की घड़ी में बन रहा हजारों जिंदगियों का सहारा
हरियाणा डायरी, गुरुग्राम।
मोबाइल नंबर – 8000008017. ये नंबर बड़े काम का है या यूं कहें जीवनदाता है। आज के दौर में जब मदद के लिए लोग बड़े-बड़े संस्थानों, ट्रस्टों और संगठनों के दरवाजे खटखटाते हैं, तब उत्तर भारत में एक ऐसा मोबाइल नंबर है जो अनगिनत परिवारों के लिए उम्मीद की आखिरी किरण बन चुका है।
यह सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए जीवनदान का माध्यम है जो अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे होते हैं। जी हां, 8000008017 यह वही मोबाइल नंबर है, जिसे जरूरत पड़ने पर लोग सबसे पहले डायल करते हैं। इस नंबर के पीछे हैं समाजसेवी विक्की मलिक निडाना, जिन्होंने बिना किसी संस्था, फंड या सरकारी सहायता के मानव सेवा की ऐसी मिसाल कायम की है, जिसकी चर्चा अब दूर-दूर तक होने लगी है।
Mobile 8000008017 : कुछ ही समय में उपलब्ध करवा दिया 14 यूनिट ब्लड
हाल ही में श्रीगंगानगर से गुरुग्राम आए एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार की बेटी गंभीर हालत में फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थी। डॉक्टरों ने उसके इलाज के लिए तत्काल लगभग 14 यूनिट ब्लड की जरूरत बताई। अनजान शहर, सीमित संसाधन और बढ़ती चिंता के बीच परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर इतनी जल्दी रक्त की व्यवस्था कैसे होगी। हर तरफ कोशिशें करने के बाद जब कोई रास्ता नजर नहीं आया, तब किसी ने उन्हें एक नाम और एक नंबर दिया—8000008017 . परिवार ने उम्मीद के साथ फोन मिलाया और दूसरी ओर थे विक्की मलिक निडाना।

फोन आने के बाद उन्होंने अपने निजी संपर्कों, मित्रों और रक्तदाताओं के नेटवर्क को सक्रिय कर दिया। कुछ ही घंटों में करीब 9 यूनिट रक्त की व्यवस्था हो गई और शेष यूनिट्स भी अलग-अलग रक्तदाताओं के सहयोग से उपलब्ध करवा दी गईं। जिस परिवार की उम्मीदें टूटने लगी थीं, उनके चेहरे पर फिर से राहत और विश्वास लौट आया।
8000008017 : बिना किसी स्वार्थ के करते हैं मदद
सबसे खास बात यह है कि विक्की मलिक निडाना इस सेवा के बदले किसी भी प्रकार का आर्थिक सहयोग स्वीकार नहीं करते। उनका मानना है कि जिस परिवार का सदस्य अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा हो, उससे एक कप चाय तक लेना सेवा की भावना के खिलाफ है। विक्की कहते हैं, “जिस इंसान पर पहले से ही दुखों का पहाड़ टूटा हो, उससे कुछ लेना मदद नहीं हो सकती।”
बताया जाता है कि उनके मोबाइल पर रोजाना 10 से 12 आपातकालीन कॉल आती हैं। कभी देर रात किसी अस्पताल से रक्त की मांग होती है तो कभी सुबह-सुबह किसी परिजन की मदद की पुकार। हर कॉल के पीछे एक परिवार की चिंता और एक मरीज की जिंदगी जुड़ी होती है। ऐसे में विक्की का पहला प्रयास यही रहता है कि किसी भी जरूरतमंद को निराश न लौटना पड़े।
दिल्ली-एनसीआर जैसे विशाल क्षेत्र में रक्त की व्यवस्था करना आसान नहीं है। कई बार घंटों तक लोगों से संपर्क करना पड़ता है, रक्तदाताओं को प्रेरित करना पड़ता है और अलग-अलग अस्पतालों के बीच समन्वय बैठाना पड़ता है। इसके बावजूद यह युवा लगातार बिना रुके मानवता की इस सेवा में जुटा हुआ है।
8000008017 : सिर्फ मोबाइल नंबर नहीं, उम्मीद, भरोसे का प्रतीक
सोशल मीडिया के इस दौर में जहां छोटी-छोटी मदद का भी प्रचार देखने को मिलता है, वहीं विक्की मलिक निडाना चुपचाप लोगों की जिंदगी बचाने के मिशन में लगे हुए हैं। शायद यही वजह है कि आज हजारों लोगों के मोबाइल में सेव 8000008017 सिर्फ एक संपर्क नंबर नहीं, बल्कि भरोसे, उम्मीद और इंसानियत की पहचान बन चुका है।
कई लोग कहते हैं कि कुछ लोग सेवा के लिए संस्थाएं बनाते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने काम से खुद ही संस्था बन जाते हैं। गुरुग्राम में विक्की मलिक निडाना का यह नंबर ऐसी ही एक जीवंत मिसाल बनकर उभरा है, जो हर दिन किसी न किसी परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आता है।










