Brother Sister Become Lieutenant: भाई बहन एक साथ बने सेना में लेफ्टिनेंट, पिता का सपना किया पूरा
उत्तर प्रदेश के एटा जिला के छोटे से गांव में रहने वाले भाई बहन बने युवाओं के लिए प्रेरणा
Brother Sister Become Lieutenant: उत्तर प्रदेश के एटा जिला का नगला जगरूप गांव यूं तो कोई खास पहचान नहीं रखता, लेकिन यहां रहने वाले भाई-बहन ने देश भर में इस गांव का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख दिया है। हालांकि उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर युवा सेना में जाते हैं, लेकिन नगला जगरूप गांव निवासी 25 वर्षीय मानसी दीक्षित और उनके भाई 23 वर्षीय प्रियांशु दीक्षित ने एक साथ सेना में लेफ्टिनेंट बन कर इतिहास रच दिया है। इससे जहां गांव में खुशी का माहौल है, वहीं यह दोनों भाई बहन भी बेहदखुश हैं। क्योंकि उन्होंने अपने पिता का सपना पूरा किया है।
प्रियांशु दीक्षित का कहना है कि उनके पिता भी सेना में अधिकारी बनना चाहते थे, लेकिन कुछ मेडिकल परिस्थितियों कारण ऐसा नहीं हो सका। अब दोनों भाई-बहनों ने लेफ्टिनेंट बन कर अपने पिता के साथ-साथ अपना सपना भी पूरा किया है। दोनों भाई बहनों ने सीडीएस जैसी परीक्षा के बाद चयन होने के बाद कठिन प्रशिक्षण प्राप्त कर कमीशन प्राप्त कर लिया है। अब इन दोनों भाई बहनों की यह सफलता देश भर के युवाओं को प्रेरणा देगी।
मां बोली पति का समाना हुआ पूरा
जब मानसी और प्रियांशु गांव पहुुंचे तो उनकी मान विनीता दीक्षित भावुक हो गई। नम आंखों से उन्होंने दोनोें बच्चों का स्वागत किया। विनीता दीक्षित के अनुसार उनके पति भी सेना में जाना चाहते थे। भर्ती के दौरान उनको मेडिकल अनफिट कर दिया गया। अब बेटा और बेटी देश की सेवा करेंगे। यह उनके लिए खुशकी बात है। क्योंकि इससे उनके पति का सपना भी पूरा हो गया है।
हमेशा बड़ा सपना लेकर आगे बढ़े दोनों
बेशक प्रियांशु और मानसी गांव में जन्में, लेकिन उन्होंने हमेशा बड़ा सपना देख कर इसको पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की। इसके चलते ही एक साथ दोनों भाई व बहन ने लेफ्टिनेंट का प्राप्त कर खास पहचान बना ली है। क्योंकि इससे पहले ऐसा नहीं हुआ है। परिवार के लोगों ने बताया कि मानसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी गणित ऑनर्स और एलएलबी की पढ़ाई की है। जबकि प्रियांशु दीक्षित ने गलगोटिया विश्वविद्यालय से गणित ऑनर्स की परीक्षा पास की है। प्रियांशु के अनुसार उसकी इच्छा थी कि सेना में जाएगा। इसके चलते ही उन्होंने अपने बहन को भी प्रेरित किया। हालांकि मानसी पायलट बनना चाहती थी, लेकिन 1 सेंटीमीटर की कमी के कारण ऐसा नहीं हो सका।
गांव में हुआ जोरदार स्वागत
मानसी और प्रियांशु ने चयन के बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षण लिया और कमीशन प्राप्त किया। इसके बाद जब वे एटा जिला स्थित अपने गांव नगला जगरूप में पहुंचे तो दोनों का जोरदार स्वागत हुआ। प्रियांशु और मानसी की सफलता के कारण अब उनका गांव देश भर में चर्चित है। ऐसे में शनिवार को दोनों के लिए गांव में सम्मान समारोह आयोजित होगा। यह दोनों 7 मार्च को सेना में कमीशन प्राप्त कर चुके हैं।
पिता का सपना था सेना में जाना : लेफ्टिनेंट प्रियांशु
गांव पहुंचे लेफ्टिनेंट प्रियांशु के अनुसार वे हमेशा ही अपने गांव से जुड़े रहे हैं। उनके पिता का सपना था कि वे सेना में जाएं, लेकिन कुछ मेडिकल कारणों से ऐसा नहीं हो सका। अब वे सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं तो पिता का सपना पूरा हो गया है। हालांकि वे स्वयं भी सेना में जाना चाहते थे। प्रियांशु दीक्षित और उनकी बहन की इस सफलता का चर्चा हर ओर हो रहा है। वहीं प्रियांशु की बहन मानसी का कहना है कि एक साथ लेफ्टिनेंट बनना उसके लिए खुशी का पल है। प्रशिक्षण के दौरान भाई साथ होने के कारण कभी घर से बाहर होने की अहसास नहीं हुुआ।










