Pink Rapido : हरियाणा में अब बेटियां बनेंगी रेपिडो ड्राइवर, सरकार दे रही फ्री स्कूटी और सैलरी भी
Haryana Pink Rapido : हरियाणा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सुरक्षित परिवहन सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। ‘पिंक रैपिडो’ योजना के तहत अब बेटियां भी ई-स्कूटर चलाकर कमाई कर सकेंगी। इस योजना में चयनित युवतियों को सरकार की ओर से मुफ्त ई-स्कूटी दी जाएगी और शुरुआती छह महीनों तक हर महीने 12 से 14 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को रोजगार से जोड़ना और शहरों में महिला यात्रियों को सुरक्षित व किफायती सफर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत महिला चालक मोबाइल एप के माध्यम से केवल महिला यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएंगी। इसके अलावा वे छोटे सामान की डिलीवरी का काम भी कर सकेंगी।
Pink Rapido : सुरक्षा को प्राथमिकता
‘पिंक रैपिडो’ योजना में सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, इसलिए इसमें केवल महिला चालक ही महिला यात्रियों को सेवा देंगी। शुरुआती चरण में प्रत्येक जिले से अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की 30-30 युवतियों का चयन किया जाएगा। यह योजना सोनीपत, करनाल, पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद और अंबाला जिलों में लागू की गई है।
आवेदन के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आवेदिका की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास वैध दोपहिया ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। एक से दो वर्ष का वाहन चलाने का अनुभव रखने वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही मोबाइल एप और नेविगेशन का ज्ञान होना भी जरूरी है।
Pink Rapido : सालाना 1 लाख 80 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए आय
इसके अलावा आवेदिका के परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर होगी। इच्छुक महिलाएं अपने जिले के कल्याण अधिकारी कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं। सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल महिलाओं को रोजगार देगी, बल्कि शहरों में सुरक्षित और तेज परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करेगी।










