Meerut Pauri Highway : 3 राज्यों के लिए वरदान बनेगा गंगा नदी पर बन रहा यह पुल

बारिश के मौसम से पहले 3 किलोमीटर लंबे पुल को तैयार करने की योजना

Meerut Pauri Highway : देश में हर दिन नए होईवे तैयार हो रहे हैं। इससे जहां लोगों की पहुंच दूर दराज के क्षेत्रों में आसान हो रही है, वहीं इससे आर्थिक विकास भी तेज हो रहा है। इसकी कड़ी में अब देश के 3 राज्याें को सीधा लाभ देने वाली परियोजना पर भी काम शुरू हो गया है। यह परियोजना है। मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 पर गंगा नदी में बन रहा पुल। 3 किलोमीटर लंबे इस पुल पर तेजी से कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी का कहना है कि बारिश से मौसम से पहले पिलर का काम पूर कर लिया जाएगा। इसके बाद अगले 1 साल में पुल तैयार हो जाएगा।

यह परियोजना मेरठ-पौड़ी हाईवे के दूसरे चरण के तहत पूरी की जा रही है। इसको जल्द से जल्द पूर करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। क्योंकि परियोजना के दूसरे चरण के तहत बहसूमा से बिजनौर तक करीब 40 किमी लंबा बाईपास बनाया जाना है। गंगा नदी पर बनाया जा रहा पुल भी इसी बाईपास का हिस्सा है। क्योंकि गंगा नदी काे पार करने के लिए उत्तर प्रदेश के बैराज से बिजनौर 3 किलाेमीटर लंबा पुलिस बनाया जा रहा है।

बनेंगे 126 पिलर

अधिकारियों का कहना है कि इस 3 किलोमीटर लंबे पुल को 126 पिलर पर टिकाया जाएगा। ऐसे में बारिश के मौसम से पहले पिलर का काम किया जाना जरूरी है। इसके बाद इनको सीमेंट के गार्डर से जोड़ा जाएगा। यह काम होने के बाद पुल को अगले 1 साल में तैयार कर दिया जाएगा। पिलर लगाने का 60 प्रतिशत काम हो चुका है और 1008 सीमेंट के गार्डर लगेंगे। यह बनने के बाद सड़क की कोटिंग की जाएगी। यह कार्य काफी तकनीकी और समय लगने वाला है।

बारिश में प्रभावित हो सकता है काम

अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दिनों में गंगा नदी में पानी की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में पिलर लगाने का काम प्रभावित होगा। ऐसे में मानसून से पहले ही यह काम पूरा करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। निर्माण करने वाली कंपनी भी दावा कर रही है पिलर लगाने का काम बारिश के मौसम से पहले हो जाएगा। पिछले मानसून के मौसम में भी काम बाधित हुआ था। यहां तक की बनाए गए पिलर भी बाढ़ के पानी के डूब गए थे। अब जलस्तर कम होने के बाद यहां पर काम शुरू हुआ है।

बीच का हिस्सा बचा है

क्योंकि यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण है और पिलर पर ही पुल का निर्माण किया जाना है, ऐसे में इसके लिए मजबूती का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पहले किनारों की ओर पिलर तैयार किए गए हैं। गंगा नदी के बीच के हिस्से में पिलर बनाए जाने हैं। काम को तेजी से पूरा करने के लिए सीमेंट के 1008 गार्डर भी तैयार कर रख दिए गए हैं। क्योंकि पिलर के ऊपर करीब 45 मीटर लंबा स्लैब भी डाला जाना है। यह डालने के बाद तारकोल की सड़क बनाई जाएगी।

नदी में 36 मीटर गहराई तक पिलर की नींव

गंगा नीद पर बन रहा यह पुल सुरक्षा के लिहाज से काफी मजबूत बनाया जा रहा है। निर्माण कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि पिलर गंगा नदी में 36 मीटर नीचे तक तैयार किया गया है। इसके लिए पहले ड्रिल कर इसमें स्टील को कंक्रीट मिश्रण भर गया है। इसके कारण पिलर तैयार होने में कुछ समय लग रहा है।

इन राज्यों को हाेगा लाभ

यह पुल देश के रोड नेटवर्क में नया अध्याय लिखेगा। गंगा नदी पर जो पुल बनाया जा रहा है, इससे राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 119 के माध्यम से देश के 3 राज्य सीधे जुड़ जाएगे। क्योंकि यह हाईवे देश की राजधानी दिल्ली से उत्तर प्रदेश होते हुए उत्तराखंड के कोटद्वार तक जाएगा। फिलहाल इस परियोजना के तहत बहसूमा से बिजनौर और नजीबाबाद से कोटद्वार तक के हिस्से पर काम चल रहा है। परियोजना के 5वें चरण में पौड़ी तक निर्माण किया जाना है।

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