LPG From Strait Of Hormuz : अब नहीं रहेगी गैस की किल्लत, 46,650 मीट्रिक टन LPG लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकला एक और जहाज
ग्रीन सान्वी नाम जहाज से भारत आ रही है एलपीजी, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
LPG From Strait Of Hormuz : ईरान के साथ चल रहे अमेरिकी और इजराइली युद्ध के बीच चल रहे रसोई गैस LPG की किल्लत से जल्द ही राहत मिलने वाली है। क्योंकि भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है। इसके तहत 46,650 मीट्रिक टन LPG लेकर ग्रीन सान्वी नाम जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकला है। ऐसे में यह खेप भारत पहुंचने के बाद लोगों को बड़े स्तर पर राहत मिलेगी।
गौरलब है कि मध्यपूर्व में चल रहे तनाव के कारण विश्व भर में ऊर्जा संकट की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि भारत अपनी जरूरत का काफी तेल ईरान और अन्य खाड़ी देशों से आयात करता है, ऐसे में युद्ध के कारण इस पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है।
हालांकि अभी तक देश में ईंधन की कमी देखने में नहीं आई है। यहां तक कि कीमतों पर भी कोई खोस असर नहीं देखा गया है। हालांकि रसोई गैस को लेकर देश भर में कुछ दिक्कत हुई, लेकिन अब यह व्यवस्था भी पटरी पर आ रही है। इसी बीच यह अच्छी खबर भारत के लोगों के लिए आई है।
भारत के ईंधन टैंकरों को मिली है अनुमति
दरअसल विश्व भर का 20 प्रतिशत तेल होर्मुज जलडमरू मध्य से आता है। ऐसे में यहां ईरान ने कड़ा पहरा लगा रहा है, लेकिन भारत सहित कुछ देशों के ईंधन टैंकरों को यहां से गुजरने की अनुमति मिली है। इसको भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
भारत में कई स्थानों पर एलपीजी के संकट की स्थिति बन रही है। यह खेप पहुंचने से देश में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य होने की दिशा में कदम बढ़ेंगें। साथ ही यह भी सुनिश्चित हो सकेगा कि होर्मुज के रास्ते भारत के और भी जहाज देश पहुंच सकेंगे। इससे पहले 28 मार्च को एलपीजी लेकर आया एक और जहाज भारत पहुंचा था।
47000 मिट्रीक टन पहुंची थी LPG
28 मार्च को जो जहाज एलपीजी लेकर भारत आया था, उसमें करीब 47000 मिट्रीक टन एलपीजी लोड थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रकार से ईंधन लेकर भारत आ रहे जहाजों को सुरक्षा देने के लिए विशेष प्रबंध भी किए गए हैं। इसके लिए भारतीय नौसेना को स्टैंड बॉय मोड में रखा गया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि भारतीय जहाज ईंधन लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकल सकें। इसके लिए ईरान सरकार से भी भारत सरकार लगातार बातचीत कर रही है।
समुंद्री मार्ग से होता है देश का 95 प्रतिशत व्यापार
देश का 95 प्रतिशत व्यापार समुंद्री मार्ग से होता है। इसको लेकर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शुक्रवार को अपनी बात कह चुके हैं। ाारक्षामंत्री ने कहा है कि समुद्री खतरों के चलते व्यापारी जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। इससे साफ है कि इस स्थिति में भारतीय जहाजों के लिए देश की सेना तैयार है।

10 साल में दोगुना बढ़े हैं एलपीजी उपभोक्ता
वहीं देश में एलपीजी की मांग पिछले 10 साल में करीब 2 गुना बढ़ गई है। यही मुख्य कारण है कि पिछले करीब 1 महीने से चल रहे युद्ध के कारण देश के कई शहरों में रसोई गैस की समस्या बढ़ रही है। इसको लेकर राजनीति भी खूब हो रही है। हालांकि सरकार द्वारा 12 मार्च को दिए बयान में कहा गया है कि देश में रसोई गैस की कमी नहीं है।
इसके लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने बयान दिया था। वहीं भारत एलपीजी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में एलपीजी की खबत 19.6 मिलियन मीट्रिक टन थी, अब बढ़कर 2024-25 में 31.3 एमएमटी तक पहुंच गई है। देश में 33 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं। वहीं 10 साल पहले यानी 2015-16 की बात की जाए तो यह संख्या 16.6 करोड़ थी।










