Fuel prices hike : पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, खेती से लेकर बस-ऑटो किराए तक पड़ेगा असर

हरियाणा डायरी, नई दिल्ली।
Fuel prices hike : देश में आम आदमी पर महंगाई की मार लगतार बढ़ती जा रही है। पिछले 10 दिन में तीसरी बार पेट्रोल डीजल के रेट बढ़े हैं। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के चलते पेट्रोल के रेट 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के रेट 91 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं।

आईए जानते हैं देश के विभिन्न शहरों में आज पेट्रोल डीजल के प्राइस क्या हैं। बढ़े हुए प्राइस के बाद दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर हो गया है तो डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कुछ दिन पहले 3 रुपए प्रति लीटर रेट बढ़े थे। हालांकि पिछले सप्ताह पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि ईंधन को बचाएं, तभी अनुमान लगाए जा रहे थे कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी।

Fuel prices hike : ईंधन बढ़ने से इन चीजों पर पड़ेगा असर

पेट्रोल डीजल के रेट बढ़ने के बाद आम आदमी के जीवन पर असर देखने को मिल सकता है। रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती है। हरियाणा की बात करें तो हरियाणा में कई फल और सब्जियां दूसरे प्रदेशों से आती हैं, इसलिए सब्जी, फल समेत दूध भी महंगा हो सकता है। इसके अलावा खेती से जुड़े व्यवसाय पर भी असर देखने को मिलेगा, क्योंकि डीजल के रेट बढ़ जाएंगे। फसल की बिजाई से लेकर बुआई, बहाई, कटाई, ढुलाई पर ईंधन ज्यादा खर्च होगा तो रेट बढना स्वाभाविक है।

Fuel prices hike : सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बस किराया बढ़ सकता है

पेट्रोल डीजल के रेट बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन का किराया बढ़ सकता है तो स्कूल बसों का भी किराया बढ़ने की आशंका है। साल 2024 में तेल की कीमतें बढ़ी थी तो हरियाणा रोडवेज ने किराया बढ़ाया था। अब 10 दिन में तीसरी बार कीमतें बढ़ने से फिर से सार्वजनिक परिवहन का किराया बढ़ने का अनुमान है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के भाव 30 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ चुके हैं। ईरान-अमेरिका के बीच जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल पर था तो अब यह 100 रुपए प्रति बैरल पर पहुंच गया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

पीएम मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की थी

तेलंगाना में रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने एक भाषण के दौरान कहा था कि पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए हमें ईंधन बचाने पर फोकस करना होगा। पीएम ने अपने भाषण में कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए।

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