Haryana UP land dispute : 2 राज्यों के बीच उलझा है हरियाणा के इस गांव की जमीन का मामला, हरियाणा के गांव की जमीन होने के बाद भी कब्जा यूपी का
सोनीपत जिले के मनौली गांव की पंचायती जमीन पर नहीं मिल पा रहा है हक, संसाधन विहिन हुई ग्राम पंचायत
बरसों से चल रहा है भूमि विवाद
हालांकि भूमि विवाद हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच नया नहीं है। लगभग हर साल ही फसल कटाई के समय दोनों राज्यों के किसानों के बीच संघर्ष की स्थिति रहती है। हालांकि इसको निपटाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा करीब 50 साल पहले प्रयास किए गए थे। तब दीक्षित अवाॅर्ड के तहत समझौता हुआ। हालांकि तब रास्ता यह निकाला गया कि यमुना नदी ही हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा होगी। यानी यमुना नदी का बहाव जिस ओर भी रहेगा, इसका किनारा ही राज्य की सीमा तय हुई। इसके बावजूद यहां संघर्ष रहता है।
8 साल पहले फिर हुआ विवाद
सीमा को लेकर करीब 8 साल पहले फिर से दोनों राज्यों के बीच विवाद हो गया था। इसमें यूपी के काठा व टौकी गांव के लोगों को चोटें भी आई थी। क्योंकि हरियाणा के मनौली गांव की करीब 187 एकड़ जमीन पर उत्तर प्रदेश के किसानों का कब्जा है। यह कब्जा लंबे समय से चला जा रहा है। इसके चलते यह गांव के लोगों को लगता था कि उनके गांव में कोई पंचायती जमीन ही नहीं है।
नहीं जमा हुआ आबयाना
इतना ही नहीं इस जमीन का आबयाना भी राजस्व में जमा नहीं हो पाया है। क्योंकि जमीन पर कब्जा उत्तर प्रदेश के किसानों का है और इसको रिकार्ड हरियाणा में है। इसको लेकर मनौली गांव की जमीन पर कब्जा दिलवाने का प्रयास भी हुआ, लेकिन लोगों के विराेध के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। हालांकि मनौली गांव के सरपंच धर्मवीर भारद्वाज का कहना है कि यह जमीन वापस लेने के लिए प्रक्रिया की जा रही है।
यमुना के कारण होता है विवाद
दरअसल हरियाणा के सोनीपत व पानीपत जिलों में यमुना नदी दोनों राज्यों की सीमाएं निर्धारित करती है। ऐसे में बारिश के दौरान जब यमुना में पानी बढ़ता है तो इसका बहाव एक ओर अधिक हो जाता है। इसके कारण दूसरे राज्य को अधिक जमीन मिल जाती है। ऐसे में यह प्राकृतिक सीमा बदलती रहती है। इसको लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।










