Petrol Price Hike : पेट्रोल-डीजल की नई मार, 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ पेट्रोल, डीजल, देखें नए रेट
हरियाणा डायरी न्यूज नेटवर्क
Diesel Petrol Price Hike :देश भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर से 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ौतरी देखने को मिली। एक सप्ताह में दूसरी बार ऐसा हुआ है, जब पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़े हैं। जी हां, तीन दिन पहले ही पेट्रोल-डीजल 3 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गया था। अब फिर से रेट बढ़ने के बाद विभिन्न शहरों में पेट्रोल डीजल के नए रेट कहां पहुंच गए हैं, आइए आपको बताते हैं।
बात करें देश की राजधानी दिल्ली की तो एक सप्ताह पहले ही पेट्रोल 94.77 रुपए प्रति लीटर था, केंद्र सरकार ने तीन दिन पहले 3 रुपए प्रति लीटर और अब 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ाने के बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है तो वहीं डीजल 91.58 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
Diesel Petrol Price Hike : मुंबई, कोलकाता, चेन्नई में पेट्रोल-डीजल के भाव
दिल्ली के अलावा देश के दूसरे बड़े शहरों मुंबई, चेन्नई, कोलकाता में पेट्रोल-डीजल के रेटों की बात करें तो वहां भी काफी उछाल देखने को मिला है। मुंबई में पेट्रोल का रेट 107.59 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है तो डीजल का भाव 94.08 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल-डीजल के रेट को देखें तो यहां पेट्रोल 109.70 रुपए और डीजल 96.07 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। इसी तरह चेन्नई जैसे शहर में पेट्रोल 104.49 रुपए प्रति लीटर, डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है।
Diesel Petrol Price Hike : पेट्रोल-डीजल के रेट क्यों बढ़ रहे हैं
आपके मन में भी ये सवाल जरूर होगा कि पेट्रोल-डीजल के भाव आखिर इतने क्यों बढ़ रहे हैं तो बता देते हैं कि ईंधन के रेटों की बढ़ौतरी की वजह अंतरराष्ट्रीय हालात हैं। पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का संकट पैदा हो गया है। इस साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची हुई हैं।
हालांकि पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से आम जनता को नुकसान होगा लेकिन तेल कंपनियों को राहत मिलेगी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पहले 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ौतरी और अब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ौतरी से आम जनता और वाहन चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है लेकिन तेल कंपनियों का दैनिक घाटा करीब 25 फीसदी कम होकर 750 करोड़ रुपये रह गया है। पहले ये 1,000 करोड़ के करीब था।










