राष्ट्रीय डेंगू दिवस : जींद में डेंगू का डंक हुआ कमजोर, एक भी केस नहीं, 200 टीमें फील्ड में

हरियाणा डायरी, जींद।
राष्ट्रीय डेंगू दिवस : पिछले कई सालों से जींद जिले के लोगों को चुभता आ रहा डेंगू (Dengue) का डंक पिछले दो साल से कुछ कमजोर हुआ है। वहीं राहत की बात यह है कि अब तक जिले में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है।

स्वास्थ्य विभाग की ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 200 से अधिक टीमें घर-घर जाकर डेंगू के लार्वा की जांच कर रही हैं और लोगों को बचाव के बारे में जागरूक भी कर रही हैं। इसके अलावा बुखार पीड़ित लोगों की स्लाइड भी बनाई जा रही हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें दो हजार घरों की जांच कर चुकी हैं।

जिले में सबसे ज्यादा 2015 में 668 डेंगू के मामले सामने आए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान से साल दर साल डेंगू का प्रकोप कम होता चला गया। विभाग की तरफ से सितंबर व अक्टूबर माह डेंगू के लिए पीक सीजन माना जाता है। डेंगू का मच्छर साफ पानी पर पनपता है। यह मौसम मच्छरों के पनपने लिए पूरी तरह से अनुकूल है।

राष्ट्रीय डेंगू दिवस : वर्ष – डेंगू (Dengue) के मामले

  • 2015         – 668
  • 2016         -157
  • 2017         -135
  • 2018         -98
  • 2019          -47
  • 2020         -28
  • 2021         -622
  • 2022         -535
  • 2023         -420
  • 2024         – 10
  • 2025         -109
  • 2026         -अब तक एक भी केस नही मिला
Dengue Symptoms and Treatment Jind Health News
Dengue Symptoms and Treatment Jind Health News

Dengue symptoms and treatment : डेंगू के लक्षण व उपचार

डिप्टी सिविल सर्जन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डा. बिजेंद्र ढांडा ने बताया कि अबतक चार हजार से अधिक लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं और 800 से ज्यादा डेंगू टैस्ट किए गए हैं। यदि तीव्र बुखार, सिर के अगले हिस्से में तेज दर्द, आंख के पिछले भाग में दर्द, भूख कम लगना, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, शरीर पर खसरे जैसे दाने निकलना व उल्टी आना तथा जी मचलने पर मरीज को तुरंत अपने आसपास के स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास ले जाकर खून की जांच करवानी चाहिए।

Dengue : 200 से ज्यादा टीमें दे रही घर-घर दस्तक

वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की 200 से अधिक टीमें घर-घर दस्तक दे रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बुखार से पीड़ित लोगों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक करते हुए पोस्टर आदि भी वितरित किए जा रहे हैं।

चार से पांच घंटे में मिल रही रिपोर्ट

डेंगू टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नागरिक अस्पताल प्रशासन को एलिसा रीडर एंड वाशर मशीन उपलब्ध करवाई गई है। इस मशीन के माध्यम से डेंगू टेस्ट की रिपोर्ट मात्र चार से पांच घंटे में ही उपलब्ध हो जाती है। इस मशीन की रिपोर्ट की विश्वसनीयता 9्र0 प्रतिशत से ज्यादा है।

डिप्टी सीएमओ एवं जिला मलेरिया अधिकारी डा. बिजेंद्र ढांडा ने बताया कि डेंगू व मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग कर्मी लगातार फीवर मास सर्वे कर रहे हैं। लोगों को लगातार मौसमी बीमारियों को लेकर जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बुखार पीडि़तों की लगातार स्लाइडें बना रही हैं। आमजन को चाहिए कि वो स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।


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