Digital Census : 2027 में होगी देश में जनगणना, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

कोरोना संक्रमण के कारण 2021 में नहीं हो सकी थी जनगणना

Digital Census : हर दस साल में होने वाली देश में जनगणना को इस बार करीब छह साल की देरी से 2027 में करवाया जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। देश भर में होने वाली जनगणना पर 11 18.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

यूं तो जनगणना हर दस साल में की जाती है। पिछली बार 2011 में जनगणना की गई थी। यह काम 2021 में होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसको नहीं किया जा सका। ऐसे में अब 2027 में जनगणना करवाई जाएगी। भारतीय में जनगणना का कार्य विश्‍व का सबसे बड़ी प्रशासनिक अभ्यास है। ऐसे में इसको आसान व सुविधाजनक बनाने के लिए जनगणना का कार्य दो चरणों में होगा।

पहले चरण में घरों की सूची (हाउसलिस्टिंग) तैयार होगी और इसके बाद आवास (हाउसिंग) जनगणना होगी। वर्ष 2026 में अप्रैल से सितंबर महीने तक यह काम होगा। वहीं दूसरे भाग में जनसंख्‍या की गणना (पीई) फरवरी 2027 में होगा। वहीं केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के बर्फ से प्रभावित गैर-समकालिक क्षेत्रों और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड राज्यों के लिए पीई का कार्य वर्ष 2026 के सितंबर महीने में होगा।

Digital Census  लगभग 30 लाख कर्मचारी लगेंगे

इस कार्य में 30 लाख कर्मचारी लगेंगे और डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप का प्रयोग होगा। साथ ही मानिटरिंग के लिए सेंट्रल पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इसका उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता का डेटा सुनिश्चित करना है। इससे एक क्लिक करते ही पूरा डेटा आसानी से मिल जाएगा। इसके लिए सरकार के स्तर पर सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। इसके तहत पूरे देश की जनसंख्या की गणना की जाएगी। हालांकि वर्ष 2021 की जनगणना के अनुसार देश के कई हिस्सों में घरों की गणना की जा चुकी है।

जनगणना के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण भी चल रहे थे, लेकिन इसी दौरान कोरोना संक्रमण फैलने से यह काम बीच में रूक गया था। अब होने वाली जनगणना में लगभग 30 लाख फील्ड कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। इसमें एन्यूमरेटर, सुपरवाइज़र, मास्टर ट्रेनर, प्रभारी अधिकारी और प्रधान-जिला जनगणना अधिकारी शामिल हैं। वहीं डेटा कलेक्शन, मानिटरिंग और जनगणना अभियान के पर्यवेक्षण के लिए तैनात किया जाएगा।

2027 में होगी देश में जनगणना, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
2027 में होगी देश में जनगणना, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

Digital Census  : पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना

यह पहला मौका होगा कि देश में डिजिटल माध्‍यम जनगणना का कार्य किया जाएगा। इसके लिए डेटा का संग्रह का काम मोबाइल एप्लिकेशन से होगा। यह सेवा एंडराएड और आईओएस दोनों प्रकार के फोन के लिए उपलब्ध होगी। वहीं इसकी निगरानी के लिए सेंसस मैनेजमेंट एंड मानिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) सिस्टम विकसित किया गया है। वहीं जनता को स्वयं गणना का विकल्प भी दिया जाएगा। हालांकि इसको पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए काम किया गया है।

Digital Census : रोजगार सृजन क्षमता

जनगणना परिणामों को अधिक कस्टमाइज़्ड विज़ुअलाइज़ेशन टूल्स के साथ प्रसारित करने का भी प्रयास किया जएगा। डेटा सबसे निचली प्रशासनिक इकाई गांव या वार्ड स्‍तर तक सभी के साथ सांझा किया जाएगा। जनगणना को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए अलग-अलग दायित्‍वों को पूरा करने के लिए स्‍थानीय स्‍तर पर लगभग 550 दिनों के लिए 18,600 तकनीकी श्रमबल का उपयोग किया जाएगा। इससे करीब 1.02 करोड़ मानव दिवसों का रोजगार सृजित होगा।

Digital Census : देश में 16वीं जनगणना

वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना देश में 16वीं और स्‍वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। जनगणना गांव, शहर और वार्ड स्‍तर पर प्राथमिक डेटा उपलब्‍ध कराने का सबसे बड़ा स्रोत है, जो घर की स्थिति, सुविधाएं और संपत्तियां, जनसांख्यिकीय, धर्म, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, भाषा, साक्षरता और शिक्षा, आर्थिक कार्यकलाप, प्रवासन और उर्वरता जैसे अलग-अलग मानकों पर सूक्ष्‍म स्‍तर डेटा एकत्रित किया जाएगा।

 

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