SIR Haryana : हरियाणा में 15 जून से शुरू होगी SIR प्रक्रिया, जानें आपको क्या करना है
बुथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर करेंगे पुनरीक्षण, मतदाताओं का होगा सत्यापन
SIR Haryana : देश के कई राज्यों मेंस्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की प्रक्रिया हो चुकी है। अब हरियाणा में भी 15 जून से यह प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इस दौरान मतदाताओं को कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा। आइए आपको बताते हैं कि अपने मत के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए आपकी क्या जिम्मेदारी रहने वाली है।
SIR के लिए हरियाणा में बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। इसको लेकर हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने वीरवार को चंडीगढ़ में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत मतदाता सूचियों का नए सिरे से पुनरीक्षण किया जाना है। इसके तहत 15 जून से आपके BLO घर पहुंच कर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। ध्यान रहे जिन मतदाओं का फार्म बीएलओ के पास जमा नहीं हो सकेगा, ड्राफ्ट सूची में ऐसे मतदाताओं को शामिल नहीं किया जाएगा। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
1 महीने चलेगा मतदाता सत्यापन का काम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि SIR के तहत मतदाताओं के सत्यापन का काम 15 जून से शुरू होगा। इस दौरान 1 महीने यानी 14 जुलाई तक बुथ लेवल अधिकारी मतदाता के घर पहुंच कर सत्यापन की प्रक्रिया करेंगे। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा खास व्यवस्था की गई है कि 1 बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता ही रखे गए हैं।
ऐसे में इस प्रक्रिया को पूरी व्यवस्थित तरीके से करने की योजना बनाई गई है। हालांकि मतदाता को अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवाने के लिए 3 मौके मिलेंगे। इस दौरान BLO कम से कम तीन बार मतदाओं के घर पर दस्तक देंगे। इस दौरान हर मतदाता को यह सुनिश्चित करना है कि उसका फार्म BLO के पास जमा हो जाए।
क्योंकि ऐसा नहीं होने पर मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से रह जाएगा। हालांकि ड्राफ्ट सूची के बाद लोग अपने दाव और आपत्तियां दे सकेंगे। यदि कोई मतदाता उचित दस्तावेज पेश करता है तो वह मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकता है।
ड्राफ्ट मतदाता सूची 21 जुलाई को
ध्यान रहे बीएलओ के घर पहुंचने पर भी यदि आप अपना फार्म नहीं जमा करवाते हैं तो फिर 21 जुलाई की तारीख ध्यान रखनी होगी। क्योंकि 21 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूचियों को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद भी करीब महीने का समय मिलेगा। यानी यदि आपका नाम किसी भी कारण से ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आता है तो 21 जुलाई से 20 अगस्त तक अपना दावा-आपत्ति दी जा सकती है।
इसके तहत निर्वान आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि 18 सितंबर तक आपत्तियों का निपटारा हो जाए। इसके बाद सभी आपत्तियों का हटा कर 22 सितंबर 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट जारी होगी। इसमें ऐसे नए मतदाओं को भी मौका मिलेगा, जो 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे। यानी उनके नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
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राजनीतिक दलों को क्या करना है
दरअसल स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर काफी राजनीति होती रही है। ऐसे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने साफ कर दिया है कि राजनीतिक दल बीएलओ के साथ अपने प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं। ताकि पूरी प्रक्रिया के दौरान राजनीति दलों के प्रतिनिधि साथ रहें और प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो। साथ इसके बाद कोई राजनीतिक विवाद होने की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।
विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर बनेगा हेल्प डेस्क
इस प्रक्रिया में मतदाताओं के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में हेल्प डेस्क की सुविधा होगी। यदि मतदाताओं को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान कोई दिक्कत या समस्या आती है तो यहां पर समाधान करवा सकेंगे। इसके लिए स्थान निर्धारित होंगे और मतदाताओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए पूरी सुविधा दी जाएगी।
2002 की मतदाता सूची से होगा मिलान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान मुख्य कार्य यह है कि 2002 की मतदाता सूची के साथ वर्तमान मतदाता का नाम मिलाया जाएगा। इस दौरान यदि कोई मतदाता देश के किसी भी राज्य या हिस्से में मतदाता सूची में दर्ज रहा है तो इसकी मैपिंग होगी। हालांकि इस प्रक्रिया यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से पहले 1 जून 2026 को वर्तमान मतदाता सूची फ्रीज की जाएगी। यानी इसमें कोई भी बदलाव नहीं होगा।










