True heroes of the country : देश के सच्चे हीरो : सेना के लिए 1 करोड़ रुपये का दान फिर भी प्रचार नहीं
कहानी गुजरात के जनार्दन भाई भट्ट की
True heroes of the country : आज कल कई ऐसे लोग या संस्थाएं हैं, जो गरीबों में फल बांट कर या अस्पताल में दूध के पैकेट बांटते हुए फोटो खिंचवाते हैं। हर जगह ऐसे दान को प्रचारित भी करते हैं, लेकिन ऐसे भी लोग हैं, जो देश व समाज के लिए करोड़ों रुपये दान कर देते हैं और कहीं जिक्र भी नहीं होता। ऐसे ही एक देश के हीरो की कहानी आज हम आपको बता रहे हैं।
True heroes of the country : यह कहानी है गुजरात के सेवानिवृत बैंक क्लर्क जनार्दन भाई भट्ट की। 84 वर्षीय जनार्दन भाई भट्ट व उनकी धर्मपत्नी पद्मा बेन ने नौ साल पहले यानी वर्ष 2017 में राष्ट्र सेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसको सुन कर हर कोई उनको सैलूट कर रहा है। इस उदाहरण का जिक्र हर भारतीय तक पहुंचना चाहिए। जनार्दन भाई भट्ट ने अपने कमाई से 1 करोड़ रुपये की राशि भारतीय सेना के लिए राष्ट्रीय रक्षा कोष (National Defence Fund) में दान दे दी। यह राशि उनकी पूरे जीवन की 1-1 पैसा जोड़ कर संचित की हुई राशि थी। इसको दान करते समय भट्ट ने एक बार भी नहीं सोचा। नौ साल पहले वर्ष 2017 में उन्होंने देश के वीर जवानों की शहादत को श्रद्धांजलि देते हुए यह नेक कार्य किया। सबसे बड़ी बात यह है कि जनार्दन भाई भट्ट ने कभी भी इस दान का प्रचार नहीं किया। न ही कभी ऐसा दिखावा किया कि लोग उन्हें उनके इस कार्य के लिए जानें।
True heroes of the country : सेना के जवानों की शहादत से दुखी
हालांकि इस दौरान जनार्दन ने कहा था कि वे सीमा पर देश की रक्षा करते हुए सेना के जवानों के मारे जाने की खबरों से दुखी हैं। यह सबकुछ देखने के बाद उन्होंने भारतीय सेना के लिए छोटा-सा कदम उठाने का विचार किया। इसके बाद (National Defence Fund) को एक करोड़ रुपये दान देने का फैसला लिया। उनके जानकार बताते हैं कि जनार्धन भाई भट्ट शुरू से ही मददगार प्रवृति के रहे हैं। जब वे बैंक में नौकरी करते थे तो यूनियन लीडर रहे। उस समय भी अपने उनके सहयोगियों की मदद करते रहे। उन्होंने कई फंडों में निवेश किया था। इसके चलते उनको बहुत ही अच्छा रिर्टन मिला। इसी बचत से उन्होंने 1 करोड़ रुपये का दान भारतीय सेना के लिए किया।

True heroes of the country : चैक से किया दान
नौ साल पहले जनार्दन भाई भट्ट ने भावनगर के कलेक्टर हर्षद आर. पटेल को (National Defence Fund) के लिए एक करोड़ रुपये का चैक सौंपा। इस दौरान की पत्नी पदमा भी उनके साथ रहीं। यह सब करने के बाद भी उन्हों कभी इसका प्रचार नहीं किया। यहां तक कि सोशल मीडिया से भी दूरी बनाकर रखी। इसकी जानकारी स्वयं कलेक्टर को अपने फेसबुक पर देनी पड़ी। कलेक्टर ने ही 1 करोड़ रुपये का चैक लेते हुए की फोटो भी सार्वजनिक की।
जनार्दन भाई भट्ट का यह कदम दूसरों को भी प्रेरित करने वाला है। अपने पूरे जीवन की कमाई (National Defence Fund) में दान करने वाला यह जोड़ा कभी इसके प्रचार की लालसा नहीं रखता। हालांकि उनकी इच्छा है कि देश पर अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले सैनिकों की मदद के लिए हर कोई आगे आए।
True heroes of the country : हर ओर होती है सराहना
आज भी जनार्दन भाई भट्ट द्वारा किया गया यह दान बहुत अधिक चर्चित नहीं है। लेकिन कई बार सोशल मीडिया पर पुरानी पोस्ट आ जाती हैं। जिसके सामने भी यह पोस्ट आती है, वह जनार्दन भाई भट्ट की तारीफ करते नहीं थकता। जनार्दन भाई भट्टा का यह कदम वास्तव में हर किसी को प्रेरित करता है। जब लोग पैसे के लिए अपने ही भाई तक का गला काटने को तैयार हैं, जनार्दन भाई भट्ट ने दिखा किया कि देश सबसे पहले है। हर किसी को देश के लिए आगे आना चाहिए। इसमें इसमें राशि व कमाई कोई मायने नहीं रखती।










