Vinesh Phogat : पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट बड़ी राहत, अदालत ने कहा बदले की भावना रखना ठीक नहीं है

एशियन गेम्स ट्रायल से पहले विनेश को मिली बड़ी कानूनी जीत, रेसलिंग फेडरेशन को लगी फटकार

Vinesh Phogat : एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए प्रयास कर रही भारतीय महिला पहलवान और हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ यानी (WFI) को फटकार लगाई है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में विनेश फोगाट के मां बनने के दौरान मैटरनिटी लीव को लेकर कहा कि मां की ममता को हम पूजते हैं।

गौरतलब है कि पछले दिनों गोंडा में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप को लेकर महिला पहलवान विनेश फोगाट के भाग लेने पर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद विनेश फोगाट ने एशियन खेलों के लिए अपने ट्रायल के लिए अदालत में याचिका लगाते हुए अनुमति की मांग की थी। इस पर अदालत ने कुश्ती महासंघ से पूछा कि जब पहले खिलाडियों को छूट मिल रही है तो अब ऐसा व्यवहार क्यों। एशियाई खेलों के लिए ट्रायल 30 और 31 मई को होने जा रही है। अदालत ने अपनी टप्पणी में यह भी कहा कि बदले की भावना रखना ठीक नहीं है।

विशेषज्ञों की टीम बनाने का आदेश

इस मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने विनेश फोगाट की फिटनेस को परखने के लिए कहा है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार इसके लिए अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि विशेषज्ञों का एक पैनल बने। अदालत ने यह भी कहा कि खिलाड़ी को कुछ मामलों में पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। ऐसे में अदालत ने केंद्र को आदेश दिया कि इस मामले में विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाए। साथ ही कहा कि पहलवान को ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए अवसर मिलना चाहिए।

कोर्ट ने कहा मां बनना गुनाह नहीं

पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि हमारे देश में मां बनने को सेलिब्रेट किया जाता है। यह कोई गुनाह नहीं है और कुश्ती संघ को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए। गौरतलब है कि डोपिंग नियमों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता के आरोप लगाते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट पर 26 जून तक बैन लगाया हुआ है। इसी बीच 30 और 31 मई को एशियाई खेलों के लिए ट्रायल होना है।

नियमों में किया बदलाव

गौरतलब है कि पहलवान विनेश फोगाट ने अदालत में याचिका दायर करते हुए कहा था कि
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैटरनिटी लीव पर जाने वाली महिला खिलाड़ियों की रैंकिंग को सुरक्षित रखा जाता है। जबकि भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI के नए नियम में इसकी व्यवस्था नहीं की। ऐसे में अदालत ने विनेश फोगाट की याचिका स्वीकार करते हुए WFI को जवाब देने के लिए कहा था। ऐसे में शुक्रवार यानी 22 मई 2026 को जब अदालत में सुनवाई हुई तो कोर्ट ने कहा कि
भारत में मां की ममता को हम पूजते हैं। उन्होंने विनेश फोगाट ने देश के लिए जितने मेडल्स जीते हैं उसके बदले में खिलाड़ी से बदले की भावना रखना सही नहीं है।

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