Health Tips : आप भी खा रहे हैं प्लास्टिक के डिब्बे का आचार तो हो जाएं सावधान

डॉक्टरों ने बताया खतरे की घंटी, क्या है सही तरीका, देखें

Health Tips : पुरानी परंपराओं और रस्म-ओ-रिवाज को भूलते लोग आधुनिकता की चकाचौंध में कुछ चीजें पीछे छोड़ रहे हैं तो कुछ नई चीजों, बीमारियों को दावत भी दे रहे हैं। पुराने जमाने में आचार को मिट्‌टी-चीनी के बर्तन में रखते थे लेकिन आजकल प्लास्टिक के डिब्बों में आचार रखने लगे हैं। अपनी सुविधा के अनुसार लोग ऐसा कर के गंभीर बीमारियों को दावत दे रहे हैं। जी हां, आइए हम बताते हैं विस्तार से कि प्लास्टिक के डिब्बे में आचार रखने से सेहत पर क्या विपरीत असर पड़ता है और आचार को किस डिब्बे में रखना चाहिए।

प्रसिद्ध डॉक्टर तरंग कृष्णा का कहना है कि आचार में तेल, मसाले, नमक की मात्रा ज्यादा होती ही है। जब तेल, नमक और मसाले से बनी चीजों का प्लास्टिक के साथ संपर्क होता है तो इसमें बीपीए (BPA) और फ्थेलेट्स (Phthalates) जैसे हानिकारक केमिकल निकलने लगते हैं। ये हानिकारक कैमिकल को एंडोक्राइन डिसरप्टर्स बोला जाता है। ये शरीर के हार्मोन सिस्टम को अनबैलेंस कर देते हैं। हार्मोन की गड़बड़ी से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा ऐसे कैमिकल युक्त आचार का सेवन (Health Tips) करने से थायराइड की समस्या, कैंसर जैसी बीमारी का खतरा बन जाता है।

Pickles in plastic containers are a dangerous disease treat
Pickles in plastic containers are a dangerous disease treat

                                                                                                  Health Tips : प्लास्टिक के अंदर का जहरीला कैमिकल घुल जाता है आचार में

डॉ. तरंग कृष्णा बताते हैं कि आचार बनाने के लिए जो सरसों या दूसरा तेल डाला जाता है और इसके बाद डले नमक के बाद आचार को प्लास्टिक के डिब्बे में रखते हैं तो यह प्लास्टिक के अंदर से निकलने वाले जहरीले तत्वों को अपनी ओर तेजी से खींचने लगते हैं। प्लास्टिक का जहरीला रसायन आचार में घुल जाता है और यह सीधे शरीर के अंदर चला जाता है। इसलिए प्लास्टिक के डिब्बे में रखा आचार हमें शारीरिक (Health Tips) रूप से नुकसान पहुंचाने लगता है और धीरे-धीरे हम गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

Health Tips : पुराने जमाने में भी चीनी-मिट्‌टी के डिब्बे में रखते थे आचार

वर्तमान ही नहीं, पुराने जमाने में भी लोग आचार को चीनी-मिट्‌टी से बने बर्तन में रखते थे। सिरेमिक, कांच या मिट्‌टी के मर्तबान में रखे आचार का न तो स्वाद बिगड़ता था और न ही सेहत को कोई नुकसान पहुंचता था। किसी तरह का कोइ कैमिकल रिएक्शन भी नहीं होता था। आज प्लास्टिक के डिब्बों में रखे आचार के साथ कैमिकल रियेक्ट होता है और यह शरीर में जाकर जहर बन जाता है। खाने-पीने में बरती जा रही लापरवाही (Health Tips) का नतीजा है कि हार्मोन असंतुलन, लोग थयाराइड, कैंसर जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं।

Pickles in plastic containers are a dangerous disease treat
Pickles in plastic containers are a dangerous disease treat

Health Tips : चीनी मिट्‌टी के बर्तन में ही रखें आचार

अगर आप भी प्लास्टिक के डिब्बे में आचार को रख रहे हैं तो इसे तुरंत निकाल दीजिए। इतना ही नहीं आचार बेचने वाले भी ज्यादातर लोग प्लास्टिक के डिब्बों में इसको भर कर रखते हैं तो वहीं जहां फैक्ट्री में आचार बनाया जाता है, वहां पर भी महीनों तक तेल, मसाले, आचार डालकर नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर रखे रहते हैं। इसलिए आचार खाने के लिए खरीदते समय भी इस बात का ध्यान रखें।

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