Weather alert : 29 मार्च तक बिगड़ा रहेगा मौसम, कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी
Weather alert : हरियाणा में आज से मौसम में बदलाव शुरू हो जाएगा और 29 मार्च तक प्रदेश के 15 जिलों में बारिश, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर समेत उत्तरी व पश्चिमी हरियाणा के कई जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा।
कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने के आसार हैं, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 मार्च को यह सिस्टम दक्षिण और पूर्वी हरियाणा तक फैल जाएगा, जबकि 28 मार्च को अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। 29 मार्च तक कई स्थानों पर गरज-चमक और आंधी का दौर जारी रह सकता है। इस पूरे सिस्टम के चलते तापमान में गिरावट आएगी और मौसम सुहावना बना रहेगा।
Weather alert : देखें कैसा रहेगा उत्तर भारत का मौसम
उत्तर भारत की बात करें तो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में मौसम पूरी तरह बदल गया है। राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और शाम तक धूल भरी आंधी व बारिश के आसार जताए गए हैं। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे दिन में भी अंधेरा छाने की स्थिति बन सकती है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री और अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक रहने का अनुमान है।

वहीं पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी, जबकि मैदानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में तेज हवाओं और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
Weather alert : ओलावृष्टि की संभावना
इस मौसम बदलाव का असर प्रदूषण पर भी देखने को मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 150 से 168 के बीच रहने की संभावना है, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। हालांकि, बेमौसम बारिश और तेज हवाएं किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। मार्च के अंत में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार रहती है, ऐसे में आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।










