Hydrogen Train update : हाइड्रोजन ट्रेन के दौड़ने को लेकर अंतिम बाधा दूर, PESO से मिली मंजूरी
हरियाणा डायरी, जींद।
Hydrogen Train update : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रैक पर आने की तैयारियां अंतिम चरण में है। परियोजना को पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) से मंजूरी मिल गई है। पेट्रोलियम एंड एक्सवप्लोसिव सेफ्टी आर्गेनाइजेशन ने हाइड्रोजन फिलिंग स्टेशन से जुड़े सुरक्षा मानकों को मंजूरी दी है।
हालांकि ट्रेन के ट्रैक पर लाने की तारीख तय नहीं हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले माह पीएम नरेन्द्र मोदी इसका उद्घाटन कर सकते हैं। जींद- सोनीपत ट्रैक पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलनी है। 28 अप्रैल को मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) जनक कुमार गर्ग हाइड्रोजन ट्रेन का परीक्षण कर चुके हैं।
जींद से सोनीपत तक सीसीआरएस के साथ डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी, एडीआरएम डिंपी गर्ग हाइड्रोजन ट्रेन में बैठकर गए थे। बताया जा रहा है कि उनके परीक्षण में सब कुछ सही पाया गया था। उसके बाद हाइड्रोजन ट्रेन को मरम्मत के लिए शकूरबस्ती भेजा गया था। जहां से ट्रेन सात मई को वापस जींद रेलवे जंक्शन पर यार्ड में आ चुकी है।
Hydrogen Train update : चेन्नई में तैयार हुआ मेक इन इंडिया का आधुनिक अवतार
पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक और मेक इन इंडिया अभियान के तहत विकसित इस ट्रेन का निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में किया गया है। ट्रेन की बनावट और सुविधाएं इसे पारंपरिक डीजल या इलेक्ट्रिक ट्रेनों से अलग बनाती हैं। हालाँकि शुरुआती चरण में इस ट्रेन में कुल 10 कोच जोड़े गए हैं। इनमें से 8 कोच पूरी तरह यात्रियों के लिए समर्पित हैं।

वही हर कोच में करीब 100 यात्रियों के बैठने की आरामदायक व्यवस्था की गई है, जिससे एक बार में लगभग 800 लोग सफर कर सकेंगे। परीक्षण में भले ही इसकी गति 85 किमी प्रति घंटा रही हो, लेकिन इसकी अधिकतम क्षमता 105 किमी प्रति घंटा है। यह ट्रेन एक दिन में बिना रुके लगभग 360 किमी तक का सफर तय कर सकती है।
Hydrogen Train update : क्यों खास है हाइड्रोजन तकनीक
हाइड्रोजन ट्रेन की सबसे बड़ी खूबी इसका इको-फ्रेंडली होना है। यह ट्रेन धुएं के बजाय केवल पानी की भाप छोड़ती है, जिससे वायु प्रदूषण की संभावना शून्य हो जाती है। जींद में इसके लिए एक विशेष ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया गया है। यहां इलेक्ट्रोलाइसिस प्रक्रिया के जरिए पानी से हाइड्रोजन अलग कर ईंधन तैयार किया जाएगा।
Hydrogen Train update : उत्तर भारत के लिए बड़ी सौगात
हरियाणा के सोनीपत और जींद जैसे जिलों को इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के लिए चुनना इस क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय यात्रियों के लिए यह न केवल एक तेज़ विकल्प होगा, बल्कि शोर-शराबे और प्रदूषण मुक्त यात्रा का एक नया अनुभव भी लेकर आएगा। हालाँकि आम यात्रियों के लिए सभी ट्रायल पुरे करने के बाद ही इस ट्रैन को चलाया जाएगा अभी सभी सुरक्षा मानकों को कसौटी पर कसा जा रहा है।










